BREAKING NEWS

World Coronavirus : वैश्विक स्तर पर कोरोना मामलों में वृद्धि, 33.02 करोड़ से ऊपर पहुंचा आंकड़ा◾देश के कई हिस्सों में सर्दी का सितम जारी, मैदानी इलाकों को अभी नहीं मिलेगी शीतलहर से राहत◾UP चुनाव को लेकर PM मोदी वाराणसी के भाजपा कार्यकर्ताओं से आज करेंगे वर्चुअल संवाद, देंगे यह मंत्र◾पंजाब विधानसभा चुनाव में CAPF की 1,050 कंपनी तैनात करने की मांग ◾पंजाब विधान सभा चुनाव - गठबंधन तय लेकिन सीटों को लेकर अभी तक नहीं हो पाया है अंतिम फैसला ◾कांग्रेस ने अरबपतियों की संपत्ति बढ़ने संबंधी रिपोर्ट को लेकर सरकार पर निशाना साधा ◾राज्यों की झांकी न शामिल करने के लिए केंद्र की आलोचना करना गलत परम्परा : सरकारी सूत्र ◾ केजरीवाल आज करेंगे पंजाब में ‘आप’ के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा◾गणतंत्र दिवस झांकी विवाद : ममता के बाद स्टालिन ने PM मोदी का लिखा पत्र ◾भारत वर्तमान ही नहीं बल्कि अगले 25 वर्षों के लक्ष्य को लेकर नीतियां बना रहा है : PM मोदी ◾उद्योग जगत ने WEF में PM मोदी के संबोधन का किया स्वागत ◾ कोरोना से निपटने के योगी सरकार के तरीके को लोग याद रखेंगे और भाजपा के खिलाफ वोट डालेंगे : ओवैसी◾गाजीपुर मंडी में मिले IED प्लांट करने की जिम्मेदारी आतंकी संगठन MGH ने ली◾दिल्ली में कोविड-19 के मामले कम हुए, वीकेंड कर्फ्यू काम कर रहा है: सत्येंद्र जैन◾कोविड-19 से उबरने का एकमात्र रास्ता संयुक्त प्रयास, एक दूसरे को पछाड़ने से प्रयासों में होगी देरी : चीनी राष्ट्रपति ◾ ओवैसी की पार्टी AIMIM ने जारी की उम्मीदवारों की दूसरी सूची, 8 सीटों पर किया ऐलान◾दिल्ली में कोरोना का ग्राफ तेजी से नीचे आया, 24 घंटे में 12527 नए केस के साथ 24 मौतें हुई◾अखिलेश के ‘अन्न संकल्प’ पर स्वतंत्र देव का पलटवार, ‘गन’ से डराने वाले किसान हितैषी बनने का कर रहे ढोंग ◾12-14 आयु वर्ग के बच्चों के लिए फरवरी अंत तक हो सकती है टीकाकरण की शुरुआत :NTAGI प्रमुख ◾ अबू धाबी में एयरपोर्ट के पास ड्रोन से अटैक, यमन के हूती विद्रोहियों ने UAE में हमले की ली जिम्मेदारी ◾

कानून मंत्री रिजिजू बोले-ऐसी स्थिति में नहीं रहा जा सकता, जहां कानूनों का क्रियान्वयन मुश्किल हो

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोजित दो दिवसीय संविधान दिवस कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में नहीं रहा जा सकता, जहां विधायिका द्वारा पारित कानूनों और न्यायपालिका द्वारा दिए गए फैसलों को लागू करना मुश्किल हो।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि कभी-कभी, अपने अधिकारों की तलाश में, लोग दूसरों के अधिकारों के और अपने कर्तव्यों के बारे में भूल जाते हैं। मंत्री ने कहा कि मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों के बीच संतुलन तलाशने की जरूरत है।

कोरोना के नए वैरिएंट को राहुल ने बताया 'गंभीर' खतरा, कहा-टीकाकरण के लिए गंभीर हो सरकार

उन्होंने कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयक और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले देश के कानून होते हैं। रिजिजू ने हिंदी में कहा, ‘‘हम ऐसी स्थिति में नहीं हो सकते, जहां सुप्रीम कोर्ट, या उच्च न्यायालयों या विधानसभा और संसद द्वारा पारित होने के बावजूद कानूनों को लागू करना मुश्किल हो जाए ... हम सभी को इस पर विचार करना होगा ... विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका, समाज के सभी वर्गों को सोचना होगा कि देश संविधान के अनुसार चलता है।’’

इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन वी रमण और सुप्रीम कोर्ट तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित थे। कानून मंत्री की टिप्पणी सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले आई है, जिसमें सरकार ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए एक विधेयक पेश करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा था कि सरकार विरोध करने वाले किसानों को कानूनों के लाभों के बारे में नहीं समझा पाई। उन्होंने किसानों से धरना समाप्त करने और घर लौटने का भी आग्रह किया था।