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लंदन से मोदी की कर्नाटक चुनाव पर नजर, लिंगायत समुदाय को मनाने की कोशिश

नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव पर जीत हासिल करने के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। बता दें कि कांग्रेस और सीएम सिद्धारमैया ने राज्य में जीत के लिए किंगमेकर माने जाने वाले लिंगायत समुदाय  को एक अलग धर्म का दर्जा देने के लिए Masterstroke चला था तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी भी अपने परंपरागत लिंगायत वोट को पाने के लिए की कोशिशे तेज कर दी है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लंदन से तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बंगलुरु से लिंगायत कार्ड  खेलने की रणनीति बनाई हुई है।

12 वीं सदी लिंगायत समुदाय के दार्शनिक और सबसे बड़े समाज सुधारक बासवन्ना की आज जयंती है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी इस मौके को अपने हाथों से जाने नहीं देना चाहती है। श्री नरेंद्र मोदी ने लंदन से ट्वीट करके कहा कि मैं भगवान बसवेशेश्वर की जयंती के मौके पर उनको नमन करता हूं। भारत के इतिहास और संस्कृति में उनका विशेष स्थान और माहत्व है। उनके द्वारा किये गये समाज सुधारक कार्य से हम हमेशा प्रेरणा लेते रहेंगे। भगवान बसवेशेश्वर जी ने हमारे समाज को एक करने का कार्य किया था और ज्ञान के प्रसार को महत्व दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी काॉमनवेल्थ समिट में हिस्सा लेने के लिए लंदन पहुंचे हैं। मोदी लंदन की जमीन से ‌लिंगायत समुदाय का दिल जीतने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि लंदन के टेम्स नदी के पास लिंगायत समुदाय के समाज सुधारक की मूर्ति (भगवान बसवेशेश्वर) पर श्री नरेंद्र मोदी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार यह कार्यक्रम द बसावेश्वर फांउडेशन  द्वारा आयोजित हो रही है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की इस कोशिश को कर्नाटक विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल कर्नाटक में लिंगायत समुदाय का 17 प्रतिशत वोट है। यह समुदाय बीजेपी का मूल वोटबैंक माना जाता है। बता दें कि कांग्रेस कुछ दिन पहले ही इस समुदाय को अपने पाले में लाने के लिए उनकी वर्षों पुरानी अलग धर्म की मांग को मानकर बीजेपी को वैकफुट पर लाकर रख दिया था। पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह कांग्रेस द्वारा किये गये इस कोशिश की भरपाई करने के लिए काम कर रहे हैं।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समाज सुधारक बासवन्ना की जयंती के अवसर पर कर्नाटक में हैं। वे कर्नाटक में दो दिन रहेंगे। इस दौरान शाह बंगलुरु में स्थापित बासवन्ना की मूर्ति की प्रतिमा पर अपना श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद शाम के समय में लिंगायत समुदाय के एक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। अमित शाह लिंगायत लेखक चिदानंद की मूर्ति पर भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

वैसे पीछले कर्नाटक चुनाव को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि मुस्लिम समुदाय भी नतीजे पलट सकते हैं। इस चुनाव प्रचार में कांग्रेेस और भाजपा दोनों के द्वारा मुस्लिम समुदाय को दरकिनार किया गया है। बदा दे कि मुस्लिम समुदाय कर्नाटक की आबादी का 9 प्रतिशत वोटबैंक हैं। ये मुख्य रूप से कर्नाटक के तटीय क्षेत्र में रहते हैं। 2013 के कर्नाटक चुनाव में भाजपा को इस क्षेत्र में भारी हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी यहां के 19 सीटों में से सिर्फ 3 सीटें ही जीतने में सफल हो पाई थी जबकि कांग्रेस ने 12 सीटों पर जीत हासिल की थी।

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