पूर्वी लद्दाख में पूरी तरह से सेना हटाए जाने के मद्देनजर सैनिकों की वापसी के अगले चरण को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच अगली उच्च स्तरीय वार्ता बुधवार तक होने की उम्मीद है। सेना सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के तौर तरीकों को अंतिम रूप देने पर भी बातचीत होगी ।
सूत्रों ने कहा कि जमीनी हालात को लेकर कोई बदलाव नहीं है और दोनों पक्षों के कोर कमांडरों के बीच चौथे चरण की वार्ता के बाद ही सैनिकों की वापसी के अगले चरण की प्रक्रिया में तेजी आएगी। भारत की मांग के अनुसार चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) पिछले एक सप्ताह में पहले ही गोग्रा, हॉट स्प्रिंग्स और गलवान घाटी से अपने सैनिकों को वापस बुला चुकी है और साथ ही पैंगोंग त्सो क्षेत्र के फिंगर फोर से अपनी उपस्थिति काफी कम कर चुकी है। भारत इस बात पर जोर दे रहा है कि चीन फिंगर फोर और आठ के बीच के क्षेत्र से अपनी सेना को आवश्यक तौर पर हटाए।
सूत्रों ने कहा कि लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ ही सभी क्षेत्रों में भारत कड़ी निगरानी बनाए हुए है और किसी भी घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार था। उन्होंने बताया कि दिल्ली में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस क्षेत्र के हालात की 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल स्तर के अफसरों के बीच मंगलवार अथवा बुधवार को चौथे चरण की वार्ता होने की उम्मीद है।


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