इस सदी के सबसे लंबा चंद्रग्रहण लगने में बस कुछ ही समय रह गया है। आसमान में एक अद्भुत नजारा होगा जिसे देखने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस बार का चंद्रग्रहण भारत के कोने-कोने से दिखेगा लेकिन मानसून होने की वजह से कहीं पर बादल होंगे तो कहीं पर आसमान साफ होगा. पूर्ण चंद्रग्रहण का अद्भुत नजारा देखने के लिए आपको देर रात्रि तक जागना पड़ेगा लेकिन यह नजारा देखने से अगर आप चूक गए तो ऐसा नजारा अब आपको इस सदी में दोबारा देखने को नहीं मिलेगा। भारतीय समय अनुसार, चंद्रग्रहण की शुरुआत उपछाया के ग्रहण से 22:42:48 बजे होगी। उस समय चंद्रमा की चमक थोड़ी सी धूमिल होती है लिहाजा आमतौर पर आपको इसका पता नहीं चलता है।

रात्रि 11:53:48 बजे छाया का ग्रहण आरंभ होगा अर्थात चंद्रमा तब पृथ्वी की घनी छाया में प्रवेश करेगा. इसी के साथ चंद्रमा की गोल आकृति धीरे-धीरे काली पड़ती दिखाई देगी. इसी के साथ आंशिक चंद्रग्रहण की शुरुआत हो जाएगी। धीरे-धीरे चंद्रमा की गोल आकृति और भी ज्यादा मुख्य छाया में छुपती जाएगी. रात्रि 00:59:39 बजे चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की घनी छाया में प्रवेश कर जाएगा। यह क्षण होगा पूर्णता की स्थिति के आरंभ का और तब चंद्रमा पूरी तरह से अदृश्य नहीं हो जाएगा. तब यह चंद्रमा लाल आभा लिए हुए नजर आएगा. वैसे तो आप अपने घर की छत से ही चंद्रग्रहण को देख सकते हैं। लेकिन अगर बादलों की वजह से चंद्रग्रहण का नजारा ना दिखें तो आप लाइव (chandra grahan live) भी इसे देख सकते हैं।

यह एक बेहद खूबसूरत नजारा होगा जो 103 मिनट तक रहेगा क्योंकि इस बार चंद्रमा पृथ्वी की छाया के केंद्रीय भाग से होकर गुजर रहा है तो पूर्ण ग्रहण के समय इसकी गोल आकृति एक समान लालिमा लिए हुए होगी. यह नजारा 103 मिनट का है और 02:43:14 बजे पर चंद्रमा पृथ्वी की घनी छाया से बाहर आने लगेगा. उस समय लाल रंग धीरे धीरे खत्म होने लगेगा। चंद्रमा का चमकीला हिस्सा भी दिखने लगेगा और आंशिक ग्रहण की शुरुआत फिर से हो जाएगी. यह आंशिक ग्रहण 3:49:02 बजे पर खत्म हो जाएगा। उसके बाद यह चंद्रमा पृथ्वी के उपछाया में आ जाएगा तब चंद्रमा लगभग सामान्य रूप से चमकने लगेगा. उपछाया का ग्रहण 05:00:05 बजे खत्म हो जाएगा और इसी के साथ इस बार का चंद्र ग्रहण खत्म हो जाएगा।