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खेल संहिता समीक्षा पैनल की नियुक्ति पर रोक के मामले में दिल्ली HC में हलफनामा देगा खेल मंत्रालय

खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को कहा कि उनका मंत्रालय दिल्ली उच्च न्यायालय में हलफनामा देकर आग्रह करेगा कि विवादास्पद राष्ट्रीय खेल संहिता 2017 मसौदे की समीक्षा के लिए पैनल की नियुक्ति पर लगे रोक के आदेश को हटा दिया जाए। 

खेल मंत्रालय ने 26 नवंबर को उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मुकुंदकम शर्मा की अध्यक्षता में विवादास्पद संहिता की समीक्षा के लिए 13 सदस्यीय समिति का गठन किया था। भारतीय ओलंपिक संघ ने इस संहिता को खारिज कर दिया था जिसके बाद यह कदम उठाया गया था। 

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समिति के अन्य सदस्य गगन नारंग, बाईचुंग भूटिया, पुलेला गोपीचंद, अंजू बाबी जार्ज, अजय सिंह, सुधांशु मित्तल, आदिले सुमारिवाला और आईओए तथा खेल मंत्रालय के प्रतिनिधि थे। रीजीजू ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई, यही कारण है कि यह फैसला आया। मैंने सचिव को एक और हलफनामा देने को कहा है।’’ 

खेल मंत्रालय के आदेश पर रोक लगाते हुए उच्च न्यायालय ने कहा था कि पूरी प्रक्रिया दोबारा करने की कोई जरूरत नहीं है और इससे मसौदा संहिता को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में विलंब ही होगा जो 2017 से मंत्रालय के पास उपलब्ध है। उच्च न्यायालय ने वकील राहुल मेहरा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया था।