BREAKING NEWS

केशव प्रसाद मौर्य ने सपा पर साधा निशाना , कहा - रोजा-इफ्तार पार्टी करने वाले अब मंदिर-मंदिर घूम रहे हैं◾RSS पर विवादित बयान देने पर राहुल पर प्राथमिकी दर्ज करने पर विचार कर रहे हैं नरोत्तम मिश्रा◾प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे के दगडूशेठ हलवाई गणपति ट्रस्ट की सराहना की◾SC, ST, OBC , अल्पसंख्यक, महिलाओं के लिए योजनाओं को लेकर केंद्र ने GoM का किया गठन◾केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल शुक्रवार को दिल्ली में करेगा प्रदर्शन ◾कोविड-19 टीकाकरण को लेकर गोवावासियों को संबोधित करेंगे PM मोदी◾भारत ने अमेरिका में खालिस्तानी अलगाववादी समूहों की गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की◾कोविड-19 की बूस्टर खुराक फिलहाल केंद्रीय विषय नहीं : केंद्र◾गुजरात : CM भूपेंद्र पटेल ने अपने पास रखे कई मंत्रालय, कनुभाई देसाई को वित्त विभाग की जिम्मेदारी सौंपी◾वित्त मंत्री सीतारमण बोली- कोरोना महामारी के समय जनधन-आधार-मोबाइल की तिगड़ी पासा पलटने वाली साबित हुई◾विराट कोहली ने किया बड़ा ऐलान, विश्व कप के बाद छोड़ेंगे टी-20 प्रारूप की कप्तानी◾एक समय था जब गुजरात को कहा जाता था कर्फ्यू राजधानी, BJP सरकार ने मजबूत की कानून-व्यवस्था : शाह◾कांग्रेस ने ICMR पर कोरोना से जुड़े तथ्य छिपाने का लगाया आरोप, आपराधिक जांच की मांग की ◾BJP ने राहुल को बताया 'इच्छाधारी हिंदू', कहा- जब व्यक्ति का ‘मूल पिंड’ विदेशी हो, तो रहती है ये विसंगती ◾PM मोदी के जन्मदिन पर दिव्यांगों को मिलेगी सौगात, गुजरात में शुरू होगी ‘मोबाइल वैन’ सेवा◾अमेरिकी दूत का दावा- असरफ गनी के अचानक बाहर निकलने से तालिबान का सत्ता बंटवारा समझौता ठप◾गुजरात की नई कैबिनेट में पटेल समुदाय का दबदबा, कुल 24 मंत्रियों ने ली शपथ◾UP में सरकार बनने पर हर घर को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देगी AAP पार्टी, मनीष सिसोदिया ने की घोषणा◾हैदराबाद रेप-मर्डर : रेलवे ट्रैक पर मिली आरोपी की लाश, 6 साल की बच्ची के साथ किया था दुष्कर्म◾PM ने रक्षा मंत्रालय के नए दफ्तरों का किया उद्घाटन, सेंट्रल विस्टा पर बोले- सच सामने आते ही विरोधी चुप ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

सेना का आधुनिकीकरण बिना किसी परेशानी के जारी और जरूरी संसाधन सरकार मुहैया करा रही: एमएम नरवणे

भारतीय सेना का आधुनिकीकरण सही तरीके से चल रहा है। सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने उन आशंकाओं को भी खारिज कर दिया कि चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध के चलते वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अधिक संसाधन खर्च करने की जरूरत है, जिससे सेना के लिए नए हथियार आदि खरीदने के लिए धन की कमी हो सकती है।

जनरल नरवणे ने अपनी राय पर जोर देते हुए कहा कि पिछले वित्त वर्ष से अब तक 21 हजार करोड़ रुपये के ठेकों की पूर्ति हो चुकी है, जबकि ढांचागत विकास के लिए कई अन्य खरीद प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा कि सेना का आधुनिकीकरण बिना किसी परेशानी के हो रहा है और इसके लिए जरूरी संसाधन सरकार मुहैया करा रही है।

जनरल नरवणे ने कहा, ‘‘भारतीय सेना का आधुनिकीकरण ठीक ढंग से चल रहा है। हाल में सामान्य खरीद योजना के तहत 16 हजार करोड़ रू से अधिक लागत के ठेके पूरे किए गए, जबकि पांच हजार करोड़ रुपये के 44 ठेके वित्तवर्ष 2020-21 में आपात खरीद योजना के तहत पूरे किए गए थे।’’ थल सेनाध्यक्ष ने कहा, ‘‘कई पूंजीगत खरीद प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं।’’

जनरल नरवणे ने यह बात उस सवाल के जवाब में कही जिसमें पूछा गया था कि क्या सेना के लिए अति आवश्यक आधुनिकीकरण पर पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ करीब एक साल से जारी गतिरोध का असर पड़ेगा, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में सैनिकों को तैनात करने की वजह से अधिक संसाधन आवंटित करने की जरूरत है। आधुनिकीकरण का संदर्भ देते हुए सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘हम किसी समस्या का सामना नहीं कर रहे हैं।’’

बता दें कि सरकार ने फरवरी में वित्तवर्ष 2021-22 के लिए पेश बजट में रक्षा के लिए 4.78 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे जिसमें से 1,35,060 करोड़ रुपये का प्रावधान पूंजीगत व्यय के लिए अलग से किया था इसमें नए हथियारों, लड़ाकू विमानों, युद्धपोत और अन्य सैन्य साजो सामान की खरीद शामिल है। बजट के मुताबिक वित्तवर्ष 2021-22 के लिए रक्षा क्षेत्र में पूंजीगत व्यय में पिछले साल के 1,13,734 करोड़ रुपये के मुकाबले 18.75 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

चीन की बढ़ती आक्रमकता का प्रभावी तरीके से मुकाबला करने के लिए रक्षा विशेषज्ञ गत कुछ सालों से भारतीय सेना का तेजी से आधुनिकीकरण करने पर जोर दे रहे हैं। पूर्वी लद्दाख में गत वर्ष पांच मई को 45 सालों में पहली बार भारतीय सेना और चीनी सेना में हिंसक झड़प हुई है और तब से अबतक तक दोनों पक्षों के बीच वहां गतिरोध बना हुआ है।

पैंगोंग झील के पास सैनिकों की वापसी के मुद्दे पर सीमित प्रगति हुई है जबकि बाकी स्थानों पर इसी तरह के कदम उठाने के लिए होने वाली वार्ता में गतिरोध बना हुआ है। जनरल नरवणे ने कहा कि इस समय भारतीय सेना की ऊंचाई वाले इलाकों में सभी अहम स्थानों पर पकड़ है और वहां पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में ‘आरक्षित’ जवान मौजूद हैं।

पूर्वी लद्दाख में एलएसी के संवेदनशील इलाकों में मौजूदा समय में करीब 50 से 60 हजार जवान तैनात हैं। भारत और चीन के संबंधों में गलवान घाटी में हुई खूनी झड़प के बाद तनाव आ गया था और दोनों पक्षों ने इसके बाद इलाके में हजारों की संख्या में सैनिकों की टैंक और बड़े हथियारों के साथ तैनाती की।

सैन्य गतिरोध के नौ महीने के बाद सैन्य और राजनयिक स्तर पर कई दौर की वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के तहत दोनों देशों की सेनाएं पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी तट से पीछे हटी। गतिरोध वाले स्थानों पर तनाव कम करने और सैनिकों की वापसी के लिए दोनों पक्षों में 11 दौर की सैन्य वार्ता हुई।अब दोनों पक्ष गतिरोध के अन्य स्थानों पर सैनिकों को पीछे हटाने के लिए वार्ता कर रहे हैं।