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मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल कल : जाने कौन होगा In, कौन Out, किसका होगा Promotion?

नई दिल्ली: कैबिनेट में बदलाव को लेकर सभी ओर कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि नए मंत्रीमंडल में कई पुराने चेहरे को अलवीदा कहते हुए नए नाम शामिल किए जा सकते हैं। वहीं कुछ मंत्रियों के कंधों से अतिरिक्त प्रभार को हल्का करते हुए अन्य मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं कुछ फैसले चौंका भी सकते हैं। इस बीच कई मंत्रियों ने पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि इस बार उन मंत्रियों की छुट्टी होना तय है जिनकी परफॉर्मेंस उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है।

मई 2014 में मोदी सरकार के केंद्र में सत्ता संभालने के बाद यह मंत्रिमंडल में तीसरा फेरबदल होगा। साल 2019 में होने वाले अगले लोकसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल में होने वाले इस फेरबदल को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे कामकाज और जमीनी राजनीति के बीच संतुलन स्थापित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। रविवार को प्रात: करीब दस बजे राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रक्रिया (तैयारी) शुरु हो गई है।

मंत्रियों का बोझ हो सकता है कम

केंद्रीय मंत्रिमंडल में इस साल मार्च से जुलाई महीने के बीच विभिन्न कारणों से खाली हुए मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे चार मंत्रियों का बोझ रविवार को कैबिनेट में होने वाली फेरबदल के बाद कम हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस नए मंत्रिमंडल विस्तार में नए चेहरों को शामिल कर सकते हैं जिससे अतिरिक्त कामकाज देख रहे इन मंत्रियों पर बोझ कम होगा।

मार्च में मनोहर पर्रिकर ने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। वह बाद में गोवा के मुख्यमंत्री बन गए। वित्त और कार्पोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली को रक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई। मई महीने में तत्कालीन पर्यावरण और वन मंत्री अनिल माधव दवे का निधन होने से यह जगह खाली हो गई। इस मंत्रालय का अतिरिक्त कामकाज विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन को सौंप दिया गया।

जुलाई महीने में वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति पद के लिए राजग का उम्मीदवार चुने जाने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। वह आवास और शहरी विकास मंत्रालय का काम देख रहे थे जिसे अतिरिक्त प्रभार के रूप में ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को दे दिया गया।

नायडू सूचना और प्रसारण मंत्री भी थे और इस विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी के खाते में आ गई। इन सबके अलावा रविशंकर प्रसाद कानून एवं न्याय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालयों का कामकाज देख रहे हैं। इसे देखते हुए इन मंत्रियों पर बढ़े अतिरिक्त प्रभार को नए मंत्रियों को सौंपा जा सकता है।

कई नए चेहरे होंगे शामिल

मोदी मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित फेरबदल रविवार को होगा जिसमें करीब एक दर्जन मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। रविवार को सुबह दस बजे होने वाले इस फेरबदल में भाजपा के सहयोगी दलों से कुछ चेहरों को स्थान दिए जाने की उम्मीद है।

मंत्रिमंडल में होने वाले फेरबदल से पहले चार मंत्री राजीव प्रताप रुडी, संजीव कुमार बालियान, फग्गन सिंह कुलस्ते और महेंद्र नाथ पांडे इस्तीफा दे चुके हैं। समझा जाता है कि श्रम एवं रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने भी इस्तीफा दिया है। इनसे इस्तीफा देने को कहा गया था।

भाजपा सूत्रों ने बताया कि इनके अलावा दो कैबिनेट मंत्रियों की ओर से भी इस्तीफे की पेशकश करने की बात सामने आई है जिनमें उमा भारती और कलराज मिश्र के नाम की चर्चा है। सूत्रों ने बताया कि मिश्र ने मोदी से मुलाकात की और इस्तीफे की पेशकश की।

हालांकि, इस्तीफे की बात पर उमा ने अपने विचार ट्विटर के जरिए साझा करते हुए लिखा, 'कल से चल रही मेरे इस्तीफे की खबरों पर मीडिया ने प्रतिक्रिया पूछी। इस पर मैंने कहा कि मैंने ये सवाल सुना ही नहीं, न सुनूंगी, न जवाब दूंगी।’’ अपने अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'इस बारे में या तो राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह या अध्यक्ष जी जिसको नामित करे, वही बोल सकते है। मेरा इस पर बोलने का अधिकार नहीं है।' अरुण जेटली के पास इस समय वित्त और रक्षा मंत्रालय है. सूत्रों ने बताया कि उनके पास एक मंत्रालय ही रह सकता है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का नाम ऐसे मंत्रियों में लिया जा रहा है, जिनका कामकाज काफी अच्छा है। ऐसे में उन्हें अधिक जिम्मेदारी दी जा सकती है। सूत्रों ने बताया कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की पेशकश की थी, ऐसे में उन्हें दूसरा मंत्रालय दिया जा सकता है।

अन्नाद्रमुक हो सकती है केंद्र में शामिल

ऐसी अटकलें हैं कि भाजपा महासचिव भूपेन्द्र यादव, पार्टी उपाध्यक्ष विनय सह्रस्त्रबुद्धे के अलावा प्रह्ललाद पटेल, सुरेश अंगडी, सत्यपाल सिंह, हेमंत विश्व शर्मा, महेश गिरि, शोभा करंदलाजे और प्रह्लाद जोशी को भी मंत्री बनाया जा सकता है। बिहार में भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बनाने वाली जदयू के भी मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना है और जदयू की ओर से आर सी पी सिंह और संतोष कुमार के मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। जदयू राजग में शामिल हो चुकी है।

अन्नाद्रमुक नेता एम थम्बीदुरै ने कल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी। ऐसी संभावना है कि अगर अन्नाद्रमुक केंद्र सरकार में शामिल होने का फैसला करती है तो इस पार्टी से थम्बीदुरई के अलावा पी वेणुगोपाल और वी मैत्रेयन इसमें शामिल हो सकते हैं। हालांकि अन्नाद्रमुक ने इसकी अभी तक कोई पुष्टि नहीं की है।

वर्तमान में अभी केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री समेत 73 सदस्य हैं और कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 81 से अधिक नहीं हो सकती। ऐसे में कैबिनेट में कौन नए चेहरे शामिल होंगे इसे लेकर सभी के बीच उत्सुकता बनी हुई है।