वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि न सिर्फ कश्मीर बल्कि चीन के मामले में भी मूल गलती तात्कालिक प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने की थी। जेटली ने यह बात कांग्रेस के हमले से सरकार का बचाव करते हुए कही। जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को फिर वैश्विक आतंकी घोषित करवाने में विफल होने को लेकर कांग्रेस केंद्र सरकार पर हमले कर रही है। चीन के कारण अजहर आतंकी सूची में डाले जाने से बत गया है।

जेटली की टिप्पणी से पहले कांग्रेस ने चीन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर दोषारोपण किया क्योंकि चीन ने फिर पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट जेईएम के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने की राह में रोड़ा अटकाया। जेटली ने एक ट्वीट के जरिए कहा, ‘कश्मीर और चीन, दोनों मामलों में मूल गलती (ओरिजनल मिस्टेक) एक ही व्यक्ति ने की।’ प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा दो अगस्त 1955 को मुख्यमंत्रियों को लिखे गए ‘कुख्यात’ पत्र का जिक्र करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ‘नेहरू ने ही कहा था कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत द्वारा चीन की जगह लेना चीन जैसे महान देश के लिए बड़ा अन्याय होगा।’

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, ‘क्या कांग्रेस अध्यक्ष हमें बताएंगे कि असली गुनहगार कौन था।’ जेटली ने नेहरू के उस पत्र का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था, ‘अमेरिका ने अनौपचारिक सुझाव दिया है कि चीन को संयुक्त राष्ट्र में शामिल किया जाए लेकिन सुरक्षा परिषद में नहीं और उसकी जगह सुरक्षा परिषद में भारत को शामिल किया जाए। हम बेशक इसे स्वीकार नहीं कर सकते हैं क्योंकि इसका मतलब चीन से संबंध विपरीत करना और सुरक्षा परिषद में चीन का नहीं शामिल होना चीन जैसे महान देश के साथ अन्याय होगा।’

इससे पहले चौथी बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अजहर के खिलाफ प्रस्ताव लटकने को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि यह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई के लिए बड़ा झटका है और इससे चीन के सहयोगी आतंकवाद के पनाहगार पाकिस्तान के साथ उसके रुख की पुष्टि होती है।

 मोदी पर दोषारोपण करते हुए उन्होंने कहा, ‘मौजूदा हालात मोदी सरकार की कमजोरी का नतीजा है जो पिछले पांच साल में चीन के सामने घुटने टेकती रही है। चीन ने बिना किसी कारण और सिर्फ अपने सहयोगी पाकिस्तान को खुश करने के लिए मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की राह में रोड़ा अटकाया है।’ कांग्रेस ने पूछा कि क्या मोदी जवाब देंगे कि वे क्यों ‘मौन मोदी’ हो गए हैं जबकि भारत के हितों से बार-बार समझौता किया जा रहा है।