ग्रेटर नोएडा (उ.प्र.) : आम जनता को मुनासिब दाम पर स्वच्छ और समुचित ऊर्जा आपूर्ति पर जोर देते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि कच्चे तेल का मूल्य निर्धारण जिम्मेदारी के साथ करने की जरूरत है ताकि इसमें उत्पादक और उपभोक्ता दोनों के हितों का संतुलन बना रहे। पेट्रोलियम क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पेट्रोटेक- 2019 का उद्घाटन करते हुये मोदी ने कहा कि लंबे समय से कच्चे तेल के दाम में बड़ा उतार- चढ़ाव देखा गया है। ऐसे में जरूरी है कि तेल के दाम जिम्मेदारी के साथ तय हों जिसमें उत्पादक और उपभोक्ता दोनों के हितों के बीच संतुलन बना रहे।

हाल के महीनों में कच्चे तेल के दाम में काफी उतार- चढ़ाव आया है जिससे दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं के समक्ष समस्याएं खड़ी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत तेल आयात करता है। पिछले साल अक्ट्रबर में अंतरराष्ट्रीय बजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से देश में पेट्रोल, डीजल के खुदरा दाम रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गये थे। प्राकृतिक गैस के दाम में भी तेजी आ गयी थी और इस कारण गैस आधारित ताप बिजलीघरों में इसका इस्तेमाल करना कठिन हो गया था क्यों कि महंगी गैस की वजह से बिजली भी महंगी हो जाती है। गैस का इस्तेमाल कोयले और तरल ईंधन की तुलना में कम प्रदूषणकारी है।

उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी उपस्थित थे। मोदी ने कहा कि आज दुनिया के देशों के समक्ष अपने नागरिकों को सस्ती, स्वच्छ और भरोसेमंद ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने की चुनौती है। अर्थव्यवस्था के तीव्र विकास के लिये उचित दाम पर, अनवरत ऊर्जा आपूर्ति जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘ इससे गरीब और समाज के वंचित तबके को भी आर्थिक लाभ में भागीदारी निभाने का अवसर मिलता है।’’ मोदी ने कहा कि तेल और गैस केवल एक व्यापारिक माल भर नहीं है। ये आवश्यकता बन गए हैं। .. आम आदमी की रसोई हो या फिर हवाईजहाज, ईंधन की हर जगह जरूरत है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भी दुनियाभर में एक अरब से ज्यादा आबादी ऐसी है जिसे बिजली उपलब्ध नहीं है। कई ऐसे भी लोग हैं जिनकी स्वच्छ ऊर्जा तक पहुंच नहीं है। भारत ने इस दिशा में तेजी से पहल की है। लोगों को स्वच्छ ऊर्जा के साथ साथ बिजली भी उपलब्ध कराई जा रही है। देश में ईंधन, ऊर्जा की मांग सालाना पांच प्रतिशत से भी अधिक तेजी से बढ़ रही है। मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवसथा बना हुआ है। दुनिया की प्रमुख एजेंसियों आईएमएफ और विश्वबैंक ने कहा है कि आने वाले सालों में भारत तेजी से वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। हाल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक भारत दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा। वर्तमान में भारत दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था है और ऊर्जा का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है।

इंडिया एक्स्पो मार्ट में आयोजित इस सम्मेलन में दुनियाभर के पेट्रोलियम उत्पादक और उपभोक्ता देशों के करीब सात हजार प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। तीन दिन का यह सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 10 फरवरी को शुरू हो गयी थी और यह 12 फरवरी तक चलेगी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने रविवार को प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जिसमें भारत सहित दुनियाभर की पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियां भाग ले रही हैं।