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MSP और केस वापसी पर SKM ने लगाई इन पांच नामों पर मुहर, 7 को फिर होगी बैठक

संयुक्ता किसान मोर्चा  ने केंद्र सरकार  से बात करने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह समिति केंद्र सरकार से बात करने के लिए एक अधिकृत निकाय होगी। इस कमेटी में जिन पांच किसानों को सदस्य बनाया गया है, उनमें बलबीर सिंह राजेवाल, शिव कुमार कक्का, गुरनाम सिंह चारुनी, युद्धवीर सिंह और अशोक धवले के नाम शामिल हैं। किसान नेता राकेश टिकैत  ने बताया कि एसकेएम की अगली बैठक 7 दिसंबर को होगी।

किसानों के छह मुद्दे अभी बाकी

किसान नेता रणजीत सिंह राजो ने कहा कि किसान अब घर तो जाना चाहते हैं, लेकिन कब जाना है और कैसे जाना है, यह मोर्चा तय करेगा। उन्होंने कहा कि तीन कानून वापस हो गए हैं, लेकिन एमएसपी की गारंटी समेत 6 मुद्दे अभी बाकी है। अहम बात यह है कि हरियाणा सरकार के साथ किसानों की बैठक में सरकार ने मुआवजा देने से इनकार दिया है। जब सरकार ने 15 दिन पहले किसानों से माफी मांगकर कानून वापस ले लिए हैं तो अब बाकी मांगें क्यों नहीं मानी जा रही।

5 लोगों की कमेटी बनाई है: टिकैत 

मीटिंग के बाद राकेश टिकैत ने कहा कि 5 लोगों की कमेटी बनाई है। यह कमेटी सरकार से सभी मामलों पर बातचीत करेगी। अगली मीटिंग संयुक्त किसान मोर्चा की यहीं पर 7 तारीख को 11-12 बजे होगी।

जब तक केस वापस नहीं होंगे मोर्चा नहीं जाएगाः  राजेवाल

किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि हम साफ कहते हैं कि सरकार जब तक सारे केस वापस नहीं लेगी तब तक हम नहीं जाएंगे। इसकी सरकार से लिखित गारंटी चाहिए। राजेवाल ने कहा कि पहले कईं बार हुआ है कि सरकार ने केस आंदोलन के केस वापस करने की बात बोल दी लेकिन बाद में उसमें लोगों को सजा तक हुई है।

मुकदमे वापस जाने तक नहीं जाएंगे वापस ः शिवकुमार कक्का

21 तारीख को जो पत्र लिखा था, उसका आज तक सरकार से कोई जवाब नहीं आया। जब तक मुकदमे वापस नहीं होंगे हम यहां से नहीं जाएंगे।किसानों की मृत्यु के आंकड़े न होने वाले कृषि मंत्री ने बयान की शिवकुमार कक्का ने निंदा की। 

दुष्यंत ने कहा था, पहले आंदोलन वापस लें किसान फिर वापस होंगे केस

इससे पहले हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने आंदोलनरत किसानों को सलाह दी थी कि वह आंदोलन खत्म करें। इसके बाद सरकार किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने पर विचार कर सकती है। जहां तक किसानों के जब्त वाहनों का मामला है, तो इस मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने बैठकर चर्चा करेंगे।  

किसानों को आंदोलन जारी रखने के लिए किया जा रहा मजबूर: एसकेएम 

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शन पाल ने शुक्रवार को कहा था कि केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक कोई औपचारिक आश्वासन नहीं मिलने के कारण किसान अपनी लंबित मांगों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में आंदोलन को वापस लेने के लिए 6 प्रमुख मांगें उठाई थीं मगर सरकार की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। ऐसे में किसानों को आंदोलन जारी रखने के लिए बाध्य किया जा रहा है।