BREAKING NEWS

CM केजरीवाल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र , दिल्ली का बजट न रोकें◾आज का राशिफल (21 मार्च 2023)◾महाराष्ट्र: सरकारी कर्मचारियों ने हड़ताल ली वापस, पुरानी पेंशन के बराबर मिलेगा लाभ◾केरल: अस्पताल में महिला के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप, आरोपी अरेस्ट◾JDU चीफ ललन सिंह बोले- भाजपा देशभक्ति और देशद्रोह की परिभाषा तय नहीं कर सकती◾World Happiness Report 2023: टॉप पर फिनलैंड, भारत की रैंकिंग यहाँ जानें.!◾‘राहुल ने कुछ भी गलत नहीं कहा...’, महिलाओं के यौन उत्पीड़न वाले बयान पर बोले उमर अब्दुल्ला ◾उमेश पाल हत्याकांड: योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, शूटर मोहम्मद गुलाम के मकान पर चला बुलडोजर ◾खालिस्तान पर वार... Amritpal फरार, चाचा और ड्राइवर ने किया सरेंडर, जानें अब तक क्या-क्या हुआ? ◾पंजाब सरकार निर्दोष सिख युवकों की गिरफ्तारी करना बंद करे - SGPC प्रमुख◾‘10 लाख नौकरियों का ऐलान...BJP को बताया 40% कमीशन की सरकार’, कर्नाटक में राहुल ने फूंका चुनावी बिगुल ◾UP power strike: बिजली हड़ताल नुकसान पर HC सख्‍त, सरकार से मांगा हिसाब; कहा-लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ की छूट किसी को नहीं◾MSP मांग को लेकर किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से की मुलाकात◾PM आवास योजना में हुई अनियमितताओं को लेकर ED की महाराष्ट्र के 9 जगहों पर छापेमारी ◾Delhi Assembly: विधानसभा में मनीष सिसोदिया को लेकर हुआ हंगामा, AAP को BJP ने भी पोस्टर से दिया जवाब◾कर्नाटक में BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद विजय संकल्प यात्रा रद्द◾लगातार बढ़ती जा रही मनीष सिसोदिया की मुश्किलें, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत और बढ़ी◾कर्जमाफी व पेंशन संबंधी मांगें पूरी नहीं हुई तो मजबूरी में एक और आंदोलन करना पड़ेगा : SKM◾उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग में एक बार फिर भूकंप के झटके हुए महसूस ◾ राजनीतिक इतिहास में काले दिन के तौर पर कांग्रेस ने मनाया आज गद्दार दिवस◾

अग्निपथ संबंधी जनहित याचिका पर SC ने कहा- CJI लेंगे फैसला, SIT से जांच कराने की उठी है मांग

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान की जांच एक विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की मांग वाली याचिका को सुनवाई के लिए तब सूचीबद्ध किया जाएगा, जब प्रधान न्यायाधीश इस संबंध में निर्णय ले लेंगे। 14 जून को घोषित ‘अग्निपथ’ योजना के तहत सशस्त्र बलों में साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को संविदा के आधार पर चार साल के लिए भर्ती करने का प्रावधान है। इनमें से 25 प्रतिशत युवाओं को नियमित सेवा में बरकरार रखा जाएगा। योजना को लेकर देश के कई हिस्सों में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए, जिसके बाद सरकार ने 2022 में भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी।
हिंसक विरोध-प्रदर्शनों पर एक स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देने का भी किया गया अनुरोध
अधिवक्ता विशाल तिवारी ने न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की अवकाशकालीन पीठ से मामले को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। इस पर अवकाश के दौरान मामलों को सूचीबद्ध किए जाने की व्यवस्था का जिक्र करते हुए पीठ ने कहा, यह मामला प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखा जााएगा और वह इस पर फैसला करेंगे। जनहित याचिका में केंद्र और उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, हरियाणा एवं राजस्थान की सरकारों को हिंसक विरोध-प्रदर्शनों पर एक स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।

विशेषज्ञ समिति गठित करने का भी किया आग्रह
तिवारी ने अपनी याचिका में ‘अग्निपथ’ योजना और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं सेना पर इसके प्रभाव की जांच के लिए शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश दिए जाने का भी आग्रह किया है। उन्होंने याचिका में सुप्रीम कोर्ट के 2009 के एक फैसले में निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार केंद्र और राज्य सरकारों को दावा आयुक्त नियुक्त करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है। केंद्र की ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक अन्य याचिका दायर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सरकार ने सशस्त्र बलों के लिए वर्षों पुरानी चयन प्रक्रिया को रद्द कर दिया है, जो संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है और इसके लिए संसद की मंजूरी भी नहीं ली गई है।