BREAKING NEWS

INX मीडिया मामला : चिदंबरम की जमानत याचिका पर SC का ED को नोटिस ◾राज्यसभा में सीट बदले जाने पर भड़के संजय राउत, स्पीकर वेंकैया नायडू को लिखा पत्र ◾CM ममता का अमित शाह पर पलटवार, कहा- बंगाल में एनआरसी को नहीं लागू होने देंगे◾पूरे देश में लागू होगा NRC, किसी को भी डरने की जरूरत नहीं : अमित शाह◾ महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान के बीच NCP प्रमुख शरद पवार ने PM मोदी से की मुलाकात◾राज्यसभा में बोले शाह- जम्मू एवं कश्मीर में 5 अगस्त के बाद से नहीं हुई एक भी मौत ◾कांग्रेस ने राज्यसभा में फिर उठाया SPG सुरक्षा का मुद्दा, भाजपा ने दिया ये जवाब◾INX मीडिया केस: चिदंबरम की जमानत याचिका पर SC का ईडी को नोटिस, 26 नवंबर को होगी अगली सुनवाई◾JNU विवाद : दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर प्रदर्शन करने जा रहे नेत्रहीन छात्रों को थाने ले गई पुलिस◾महाराष्ट्र में सरकार बनाने की प्रक्रिया अगले 5-6 दिनों में हो जाएगी पूरी : संजय राउत◾सरकारी उपक्रमों को खोखला कर बेच रही है सरकार : प्रियंका गांधी◾राजनाथ सिंह ने क्रांजी युद्ध स्मारक का किया दौरा, द्वितीय विश्वयुद्ध में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि◾गांधी परिवार की SPG सुरक्षा हटाने के खिलाफ प्रदर्शन करेगी युवक कांग्रेस ◾महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर दिल्ली में कांग्रेस-एनसीपी नेताओं की मुलाकात आज ◾PMC बैंक के खाताधारकों को बड़ी राहत, मेडिकल इमरजेंसी में 1 लाख रुपये तक निकाल सकेंगे◾सदन में रणनीति को लेकर कांग्रेस ने बुलाई लोकसभा सांसदों की बैठक, अध्यक्षता करेंगी सोनिया गांधी◾महाराष्ट्र : सरकार बनाने की राह में आदित्य को सीएम बनाने की मांग से बाधा ◾आतंक वित्तपोषण : प्रवर्तन निदेशालय ने सलाहुद्दीन, अन्य से जुड़ी सम्पत्तियों को कब्जे में लिया ◾श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति 29 नवम्बर को आयेंगे भारत की यात्रा पर : जयशंकर ◾रजनीकांत, हासन ने तमिलनाडु की भलाई के लिए हाथ मिलाने के दिए संकेत◾

देश

विपक्ष ने की आरटीआई संशोधन विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग

राज्यसभा में सोमवार को विपक्ष ने सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान संसदीय सत्र में उच्च सदन में अभी तक जो 14 विधेयक पारित किये गये हैं उनमें से किसी को भी स्थायी समिति या प्रवर समिति में नहीं भेजा गया है। 

नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने भोजनावकाश के बाद बैठक शुरू होने पर यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सदन के आज के एजेंडे में आरटीआई संशोधन विधेयक को चर्चा एवं पारित करने के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा कि उच्च सदन में इस सत्र में अभी तक जितने भी विधेयक पारित किए गए हैं, उनमें से किसी को भी स्थायी समिति या प्रवर समिति के पास संसदीय समीक्षा के लिए नहीं भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि आरटीआई संशोधन विधेयक के बारे में विपक्ष के कई दलों का मानना है कि इसमें राज्यों के अधिकारों को कमतर किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में संघीय व्यवस्था है और हमारा दायित्व बनता है कि राज्य के अधिकारों को कम नहीं करने दिया जाए। 

आजाद ने कहा कि आरटीआई संशोधन विधेयक में राज्यों के कई अधिकार कम कर दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को हर हालत में प्रवर समिति के पास भेजा जाना चाहिए ताकि इसके सभी पक्षों पर विचार कर इसे मजबूती प्रदान की जा सके। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन ने कहा कि इस सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सहयोग से 14 विधेयक पारित किये गये हैं। 

उन्होंने कहा कि आरटीआई संशोधन विधेयक सहित सात ऐसे विधेयक हैं जिनको संसदीय समीक्षा के लिए प्रवर समिति में भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के अधिकार संबंधी विधेयक और अन्तर राज्यीय नदियों को आपस में जोड़ने से संबंधित विधेयक सहित सात विधेयकों को प्रवर समिति में भेजा जाना चाहिए।

डेरेक ने सुझाव दिया कि बेहतर होगा कि सरकार आरटीआई संशोधन विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के लिए अपनी ओर से ही सदन में एक प्रस्ताव लाए जिसका पूरा विपक्ष समर्थन करेगा। इस पर नेता सदन थावरचंद गहलोत ने कहा कि सदन की कार्य नियमावली में इस समय लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक पर चर्चा कर उसे पारित किया जाना है। सदन में जब आरटीआई संशोधन विधेयक आये तब इस बारे में विचार किया जाना चाहिए। 

संसदीय कार्य राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने भी कहा कि आज सदन में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक पर चार घंटे चर्चा होनी है। ऐसे में आरटीआई संशोधन विधेयक पर आज चर्चा होने की संभावना नहीं है। भाजपा के भूपेन्द्र यादव ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार सहकारी संघवाद का वादा करके सत्ता में आयी है और यह हमारी प्रतिबद्धता है। 

उन्होंने बच्चों के अधिकार से जुड़े विधेयक पर चर्चा शुरू करवाने का अनुरोध किया। उपसभापति हरिवंश ने इस मुद्दे पर व्यवस्था देते हुए कहा कि सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के लिए तीन प्रस्ताव भी दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि सदन जब इसे चर्चा के लिए लेगा तभी इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा। सदन में इसके बाद लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक पर चर्चा शुरू हो गई।