BREAKING NEWS

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘रक्षा भारत स्टार्टअप चैलेंज’ की शुरुआत की, दिशा-निर्देश भी किये लॉन्च◾हाथरस केस : उप्र में ‘जंगलराज’ ने एक और युवती को मार डाला, सरकार ने कहा 'फ़ेक न्यूज़' - राहुल गांधी◾DC vs SRH आईपीएल-13 : दिल्ली कैपिटल्स ने जीता टॉस, गेंदबाजी का किया फैसला◾6 साल में सेना ने खरीदा 960 करोड़ का खराब गोला-बारूद, तकरीबन 50 जवानों ने गंवाई जान : रिपोर्ट ◾LAC विवाद पर भारत का कड़ा सन्देश - अपनी मनमानी व्याख्या जबरन थोपने की कोशिश न करें चीन◾हाथरस गैंगरेप पीड़िता की मौत पर बवाल, विजय चौक के पास दिल्ली महिला कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन◾बिहार विधानसभा चुनाव : महागठबंधन से अलग हुई RLSP, बसपा के साथ बनाया नया गठबंधन ◾पायल घोष ने महाराष्ट्र के राज्यपाल से की मुलाकात, अनुराग कश्यप मामले में की न्याय की मांग◾विपक्ष के चौतरफा हमले के बीच यूपी सरकार ने हाथरस के पीड़ित परिवार को दी 10 लाख रु की मदद ◾चुनाव आयोग ने 12 राज्यों की 57 सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का किया ऐलान, 10 नवंबर को नतीजे◾एनसीबी का बड़ा बयान- ड्रग्स लेने के दौरान सुशांत को रिया ने दिया बढ़ावा◾‘नमामि गंगे’ मिशन के तहत PM मोदी ने उत्तराखंड में 6 बड़ी परियोजनाओं का किया उद्घाटन◾कृषि बिल पर राहुल ने की किसानों से बातचीत, कहा- नए कानून से अन्नदाता बन जाएंगे मजदूर◾हाथरस गैंगरेप पीड़िता की मौत पर विपक्ष का योगी सरकार पर हमला, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल◾देश में एक दिन में कोरोना के 70 हजार नए मामलों की पुष्टि, पॉजिटिव केस 61 लाख के पार◾ विश्व में कोरोना वायरस का कहर तेज, पॉजिटिव केस 3 करोड़ 32 लाख के पार ◾उत्तर प्रदेश : हाथरस में सामूहिक बलात्कार पीड़िता की दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत◾TOP 5 NEWS 29 SEPTEMBER : आज की 5 सबसे बड़ी खबरें◾ अमेरिका में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 71 लाख से अधिक, ये प्रांत बुरी तरह प्रभावित ◾J&K के पुंछ में पाकिस्तान ने LOC पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया, सेना ने दिया मुहतोड़ जवाब◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

केन्द्र सरकार की मुश्किलें और बढ़ी, ‌‌चिराग पासवान ने ‌लिखी मोदी को ‌‌‌चिट्ठी

लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद चिराग पासवान ने केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी है। उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है। चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर कहा कि 20 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के जज एके गोयल ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम पर फैसला सुनाया गया था। इससे अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय में असंतोष और आक्रोश हैं।

चिराग पासवान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग ने दो फरवरी को आंदोलन के दौरान उग्र प्रदर्शन किया था, जिसके चलते जानमाल का काफी नुकसान हुआ था और हमारी एनडीए सरकार के खिलाफ अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों में बिना वजह अविश्वास का माहौल बना। एक बार फिर से अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग ने नौ अगस्त को भारत बंद का आह्वान किया है। इस बार प्रदर्शन और ज़्यादा उग्र होने की संभावना जताई जा रही हैं, जिसको देखते हुए हमें उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।

चिराग पासवान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जिस जज एके गोयल ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम पर फैसला सुनाया था, उन्हें रिटायरमेंट के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का चैयरमेन बनाया गया है। सरकार के इस फैसले से अनुसूचित जाति और जनजातीय में संदेश गया कि सरकार ने SC/ST के खिलाफ फैसला सुनाने के लिए जस्टिस एके गोयल को पुरस्कृत किया है।

चिराग पासवान ने रखी ये मांगें

चिराग पासवान ने पीएम मोदी को लिखे खत में कहा कि नौ अगस्त को फिर से हिंसा न हो, इसके लिए आप ये कदम उठाएं....

                   - एके गोयल को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के चेयरमैन पद से सरकार तुरंत बर्खास्त करे।

               - संसद के इसी मानसून सत्र में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ संशोधित बिल लाया जाए, जिसमें अनुसूचित जाति और जनजातिय की सुरक्षा को फिर से बहाल किया जा सके। अगर इसमें किसी भी तरह की अड़चन आती है, तो संसद के सत्र को 10 अगस्त की जगह आठ अगस्त को समाप्त कर इस पर अध्यादेश लाया जाए।

इससे अनुसूचित और जनजाति वर्ग के बीच सरकार के प्रति विश्वास का माहौल पैदा होगा। साथ ही 20 मार्च से पहले की स्थिति बहाल हो सकेगी और नौ अगस्त को भारत बंद से होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा।

मोदी सरकार बीच मझधार में फंसी

लोकसभा चुनाव से पहले चिराग पासवान के खत से मोदी सरकार बीच मझधार में फंस गई है। इस मसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की चिंता बढ़ गई है। इसकी वजह यह है कि इस मुद्दे पर मोदी सरकार द्वारा किसी भी तरह का कदम ठीक नहीं है, क्योंकि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसके अलावा एके गोयल को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के चेयरमैन पद से हटाने की मांग को भी मानना मोदी सरकार के लिए आसान नहीं है। अगर सरकार ऐसा करती है, तो यह संदेश जाएगा कि सरकार ने अपने घटक दल के दबाव में आकर ऐसा फैसला लिया है।

मोदी सरकार का अध्यादेश लाने पर विचार 

सूत्रों की माने तो मामले को बढ़ता देख मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र के बाद SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम पर अध्यादेश लाने पर विचार कर रही है। सरकार की दिक्कत यह है कि एक तरफ विपक्ष सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है, तो दूसरी तरफसमय-समय पर उसके सहयोगी दल भी इस तरह के मुद्दे उठाकर सरकार को कटघरे में खड़ा करते रहते हैं।

सूत्रों के मुताबिक अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विभिन्न संगठनों और समूहों के नेताओ के साथ मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री बातचीत करेंगे। वो SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम पर सरकार के अगले कदमों की जानकारी देकर नौ अगस्त को भारत बंद न करने की अपील कर सकते हैं।