BREAKING NEWS

कानपुर एनकाउंटर : हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर इनाम राशि को बढ़ाकर किया गया 5 लाख रुपए◾राजीव गांधी फाउंडेशन समेत तीन ट्रस्ट की फंडिंग की जांच के लिए MHA ने बनाई कमेटी◾विकास दुबे के खिलाफ पुलिस का एक्शन सख्त, 25 हजार का इनामी बदमाश श्यामू बाजपेयी गिरफ्तार ◾चीनी सैनिकों की वापसी का सिलसिला जारी, लद्दाख में 3 प्वाइंट्स पर पीछे हटी चीन◾देश में कोरोना से संक्रमितों का आंकड़ा साढ़े सात लाख के करीब, 20 हजार 500 से अधिक लोगों की मौत ◾World Corona : दुनियाभर में लगभग साढ़े पांच लाख लोगों की मौत, संक्रमितों का आंकड़ा 1 करोड़ 17 लाख के पार ◾कानपुर एनकाउंटर : गैंगस्टर विकास दुबे का करीबी अमर दुबे मुठभेड़ में मारा गया◾आर्थिक कुप्रबंधन लाखों लोगों को कर देगा तबाह, अब यह त्रासदी स्वीकार नहीं : राहुल गांधी◾योगी सरकार का बड़ा फैसला : डीआईजी एसटीएफ अनंत देव का हुआ ट्रांसफर◾ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो पाए गए कोरोना पॉजिटिव◾महाराष्ट्र : 24 घंटे में कोरोना से 224 लोगों की मौत, 5134 नये मामले ◾दिल्ली में कोरोना का कोहराम जारी, बीते 24 घंटे में 2008 नए केस, संक्रमितों का आंकड़ा 1,02,831 तक पहुंचा◾पश्चिम बंगाल: कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते कोलकाता में फिर से लग सकता है लॉकडाउन ◾CBSE का बड़ा ऐलान, अगले साल 9वीं से 12वीं क्लास के सिलेबस में 30 फीसदी की होगी कटौती, बोर्ड ने ट्वीट कर दी जानकारी◾भारत में कोरोना टेस्टिंग का आंकड़ा पहुंचा 1 करोड़ के पार, मृत्यु दर दुनिया में सबसे कम : स्वास्थ्य मंत्रालय◾राहुल के आरोपों पर AgVa कंपनी का जवाब, कहा- वह डॉक्टर नहीं है, दावा करने से पहले करनी चाहिए थी पड़ताल◾यथास्थिति बहाल होने तक LAC से भारत को एक इंच भी पीछे नहीं हटना चाहिए : कांग्रेस◾राहुल का केंद्र सरकार से सवाल, कहा- भारतीय जमीन पर निहत्थे जवानों की हत्या को कैसे सही ठहरा रहा चीन?◾भारत-चीन बॉर्डर पर IAF ने दिखाया अपना दम, चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टर ने रात में भरी उड़ान◾विकास दुबे की तलाश में जुटी पुलिस की 50 टीमें, चौबेपुर थाने में 10 कॉन्स्टेबल का हुआ तबादला◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

मोटर वाहन कानून के तहत अपराध करने वाले व्यक्ति पर IPC के तहत भी दर्ज हो सकता है मामला

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने जैसे अपराध करने वाले किसी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत भी मामला दर्ज किया जा सकता है क्योंकि दोनों कानून अपने-अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। कोर्ट ने कहा, ‘‘तेजी से मोटरीकरण के बढ़ने के साथ ही भारत सड़क यातायात में लोगों के जख्मी होने और जान गंवाने के बढ़ते बोझ का सामना कर रहा है।’’ 

न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने गुवाहाटी हाई कोर्ट के 22 दिसंबर, 2008 के आदेश को निरस्त कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा था कि अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत तेज गति से वाहन चलाने, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने और अन्य संबंधित अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया है तो उसके खिलाफ आईपीसी के तहत मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है। 

भारतीय लोकतंत्र में सार्वजनिक और व्यक्तिगत जीवन में अंतर होता है, सभी इसका सम्मान करें : कांग्रेस

पीठ ने अपने हालिया आदेश में कहा, ‘‘हमारी सुविचारित राय में कानून की स्थिति स्थापित है। इस कोर्ट ने बार-बार कहा है कि जहां तक मोटर वाहनों का सवाल है तो मोटर वाहन अधिनियम, 1988 अपने-आप में पूरी संहिता है।’’ कोर्ट ने कहा, ‘‘हालांकि, मोटर वाहन अधिनियम या अन्यथा किसी पर मोटर वाहन दुर्घटनाओं से संबंधित अपराध के लिए आईपीसी के तहत मुकदमा चलाने पर कोई रोक नहीं है।’’ 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों कानूनों के तहत अपराध के घटक अलग-अलग हैं और अपराधी के खिलाफ दोनों के तहत अपराधी पर मुकदमा चलाया जा सकता है और एक-दूसरे से स्वतंत्र होकर दंडित किया जा सकता है। पीठ ने कहा, ‘‘विशेष कानून के सामान्य कानून पर प्रभावी होने का सिद्धांत आईपीसी और मोटर वाहन अधिनियम के तहत सड़क दुर्घटना के अपराध के मामलों पर लागू नहीं होता है।’’ 

पीठ की तरफ से फैसला लिखने वाले न्यायमूर्ति मल्होत्रा ने कहा, ‘‘हमारी राय में आईपीसी और मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के बीच कोई विरोधाभास नहीं है। दोनों कानून बिल्कुल अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हैं। दोनों कानून के तहत अपराध अलग-अलग और एक-दूसरे से पृथक हैं। दोनों कानूनों के तहत दंड भी स्वतंत्र और एक-दूसरे से अलग है।’’ 

सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी हाई कोर्ट के निर्देश को भी निरस्त कर दिया, जिसने असम, नगालैंड, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश को अपने अधीनस्थ अधिकारियों को उचित निर्देश जारी करने को कहा है कि वे मोटर वाहन दुर्घटनाओं से संबंधित अपराधों के लिए अपराधियों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाएं, न कि आईपीसी के तहत।