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भयंकर बाढ़ से बेहाल 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ PM मोदी ने की स्थिति की समीक्षा बैठक

कोरोना महामारी के साथ देश के कई राज्य इस समय भयंकर बाढ़ का सामना कर रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ सोमवार को बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक ऑनलाइन बैठक की।

इस बैठक में दक्षिण-पश्चिम मानसून और मौजूदा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए उनकी तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणाली में सुधार के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों के व्यापक उपयोग पर जोर दिया गया। 

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने यह जानकारी देते हुए बताया कि देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून और बाढ़ की वर्तमान स्थिति से निपटने के वास्ते तैयारियों की समीक्षा के लिए असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल बैठक में शामिल हुए।

कर्नाटक में बाढ़ से 3,5000 से 4000 करोड़ रुपये का नुकसान

कर्नाटक के कई हिस्सों में बाढ़ और मूसलाधार बारिश के कारण अभी तक 3,5000 से 4000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य के राजस्व मंत्री आर. अशोक ने सोमवार कहा कि हमारे अधिकारियों के आकलन के अनुसार अभी तक 3500 से 4000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है। यह पूरा आकलन नहीं है। अभी तक लगभग 80,000 एकड़ में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है, हमें अधिकारियों से सारी जानकारी मिल गई है, हम इसे प्रधानमंत्री के समक्ष रखेंगे।

जलस्तर बढ़ने के बाढ़ पम्बा बांध के 6 द्वार किए गए बंद 

केरल इस समय भयंकर बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति का सामना कर रहा है। पानी के खतरे के निशान के पास पहुंचने के बाद रविवार शाम खोले गए पम्बा बांध के छह द्वार सोमवार को बंद कर दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि पम्बा नदी पर पानी का स्तर 30 से 40 सेंटीमीटर बढ़ा लेकिन नदी के बांध कहीं से नहीं टूटे। उन्होंने बताया कि बांध में पानी का स्तर 982.8 मीटर पर आने पर द्वार बंद कर दिए गए। 

बांध की क्षमता 986.332 मीटर पानी संग्रह करने की है। बांध के द्वार खुलने से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति का अनुमान लगाते हुए, पथनमथिट्टा जिला के अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और बचाव अभियान के लिए कोल्लम से मछुआरों को उनकी नावों के साथ लाया है। इस बीच, इडुक्की जिले में मुल्लापेरियार बांध पर पानी का स्तर सोमवार को 136.40 फुट पर पहुंच गया।

बिहार में जानवरों के चारे पर भी आफत

कोरोना और बाढ़ की दोहरी मार झेल रहे बिहार में इंसानों के साथ-साथ जानवर भी मुसीबतों का सामना कर रहे हैं। बिहार के 16 जिले इस समय बाढ़ की चपेट में है। जिसके कारण बेजुबान पशुओं के सामने भी चारे के लाले पड़े हुए हैं। लोग चाहकर भी पशुओं के चारे की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। 

गंडक की उफान से बचने के लिए लोग अपने गांव-घर को छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं, जब गांव घर छूटा तो लोगों ने अपने पालतू पशुओं को भी अपने साथ लेकर ऊंचे स्थानों पर शरण ले ली। लेकिन अब गांव और खेत में जलसैलाब के कारण पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था करना टेढ़ी खीर साबित हो रही है।