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PM मोदी ने जनता से आग्रह किया - जरूरी चीजों की आपूर्ति नहीं रुकेगी लोग हड़बड़ी में खरीदने की होड़ न लगायें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना को वैश्विक महामारी बताते हुए इसका मुकाबला करने के लिये देशवासियों को किसी भी तरह की भीड़-भाड़ से बचने का आह्वान किया और इस रविवार को अपने घर में बंद रहकर ‘जनता कर्फ्यू’ लगाने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से दहशत में न आने तथा किसी भी तरह के अफवाह न फैलाने और हड़बड़ी में आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी ना करने की भी सलाह दी। 

श्री मोदी ने गुरुवार शाम देशवासियों को संबोधित करते हुए कोरोना को ‘प्रथम विश्व युद्ध’ और ‘द्वितीय विश्व युद्ध’ से भी ‘अधिक संकटपूर्ण’ बताया और करूणा के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से निपटने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में टास्क फोर्स गठित करने की भी घोषणा की। 

उन्होंने लोगों से इस बात का संकल्प व्यक्त करने की अपील की और कहा, ‘‘हम भी बचे, देश को बचाये और जग को बचाये।’’ इसके साथ इस महामारी से निपटने में सहयोग देने वाले सभी लोगों को 22 तारीख शाम पांच अपने घर से ताली या थाली बजाकर धन्यवाद देने और स्थानीय प्रशासन को सायरन बजाकर उनके प्रति कृतज्ञता अर्पित करें। 

श्री मोदी ने देशवासियों से सड़कों पर न निकलने, बाजार न जाने और यहां तक कि अस्पताल भी नियमित जांच के लिये न जाने की अपील करते हुए अनुरोध किया कि अगर उन्हें कोई ऑपरेशन कराना हो तो संभव हो सके उसकी तिथि आगे बढ़वाएं। 

उन्होंने यह भी कहा कि लोग अपने दफ्तर और बिजनस का काम घर से ही करें। उन्होंने नियोजकों से अपील की कि अगर कोई कर्मचारी घर से ही काम करता हो या वह संक्रमित होने के कारण दफ्तर आने की स्थिति में न हो तो उसकी तन्खवाह न काटे। 

उन्होंने कहा कि इस वैश्विक महामारी से लड़ने के लिये पूरा विश्व कोई उपाय साझा नहीं कर सका है और कोई टीका भी नहीं बना सका है।

श्री मोदी ने कहा कि कोरोना से निपटने की इस मुहिम में हर व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 10 लोगों को फोन करके कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के साथ ही जनता-कर्फ्यू के बारे में भी बताए। उन्होंने कहा कि यह जनता कर्फ्यू एक प्रकार से हमारे लिए, भारत के लिए एक कसौटी की तरह होगा। यह ये देखने और परखने का समय है कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ई के लिए भारत कितना तैयार है। 

उन्होंने कहा, ‘‘ इन प्रयासों के बीच, जनता-कर्फ्यू के दिन, 22 मार्च को मैं आपसे एक और सहयोग चाहता हूं मैं चाहता हूं कि 22 मार्च, रविवार के दिन हम ऐसे सभी लोगों को धन्यवाद अर्पित करें जो रोजमर्रा की आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।’’ इस संदर्भ में उन्होंने विशेष रूप से डाक्टरों, चिकित्सा कर्मचारियों, मीडियाकर्मियों, डीलिवरी ब्वाय और अन्य आवश्यक सेवाएं देने वालों के प्रति धन्यवाद अर्पित करें। इसके लिए रविवार को ठीक पांच बजे, हम अपने घर के दरवाजे पर खड़ होकर, बाल्कनी में, खिड़कियों के सामने खड़े होकर 5 मिनट तक ऐसे लोगों का आभार व्यक्त करें। 

श्री मोदी ने कहा कि पूरे देश के स्थानीय प्रशासन से भी उनका आग्रह है कि 22 मार्च को 5 बजे, सायरन की आवाज से इसकी सूचना लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा ‘‘ सेवा परमो धर्म के हमारे संस्कारों को मानने वाले ऐसे देशवासियों के लिए हमें पूरी श्रद्धा के साथ अपने भाव व्यक्त करने होंगे। ’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा एक और आग्रह है कि हमारे परिवार में जो भी सीनियर सिटिजन्स हों, 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति हों, वो आने वाले कुछ सप्ताह तक घर से बाहर न निकलें। ’’ संकट के इस समय में, आपको यह भी ध्यान रखना है कि हमारी आवश्यक सेवाओं पर, हमारे हॉस्पिटलों पर दबाव भी निरंतर बढ़ रहा है। इसलिए मेरा आपसे आग्रह यह भी है कि रूटीन चेक-अप के लिए अस्पताल जाने से जितना बच सकते हैं, उतना बचें। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की वैश्विक महामारी में, एक ही मंत्र काम करता है- ‘‘हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ’’ ऐसी स्थिति में, जब इस बीमारी की कोई दवा नहीं है, तो हमारा खुद का स्वस्थ बने रहना बहुत आवश्यक है। 

उन्होंने कहा, ‘‘ इस बीमारी से बचने और खुद के स्वस्थ बने रहने के लिए अनिवार्य है संयम और संयम का तरीका क्या है- भीड़ से बचना। घर से बाहर निकलने से बचना। आजकल जिसे सोशल डिस्टेंसिंग कहा जा रहा है, कोरोना वैश्विक महामारी के इस दौर में, यह बहुत ज्यादा आवश्यक है। इसलिए मेरा सभी देशवासियों से ये आग्रह है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक,जब बहुत जरूरी हो तभी अपने घर से बाहर निकलें। जितना संभव हो सके,आप अपना काम, चाहे बिजनेस से जुड़ हो, ऑफिस से जुड़े हो, अपने घर से ही करें। ’’

श्री मोदी ने कहा कि आम तौर पर कभी जब कोई प्राकृतिक संकट आता है तो वो कुछ देशों या राज्यों तक ही सीमित रहता है। लेकिन इस बार इसने विश्व भर में पूरी मानवजाति को संकट में डाल दिया है। इन दो महीनों में भारत के 130 करोड़ नागरिकों ने कोरोना वैश्विक महामारी का डटकर मुकाबला किया है, आवश्यक सावधानियां बरती हैं। 

उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों से ऐसा भी लग रहा है जैसे हम संकट से बचे हुए हैं, सब कुछ ठीक है। वैश्विक महामारी कोरोना से निशि्चंत हो जाने की यह सोच सही नहीं है। इसलिए, प्रत्येक भारतवासी का सजग रहना,सतर्क रहना बहुत आवश्यक है। 

प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘ साथियों,आपसे मैंने जब भी, जो भी मांगा है, मुझे कभी देशवासियों ने निराश नहीं किया है। मैं आप सभी देशवासियों से, आपसे,कुछ मांगने आया हूं। मुझे आपके आने वाले कुछ सप्ताह चाहिए, आपका आने वाला कुछ समय चाहिए। अभी तक विज्ञान, कोरोना महामारी से बचने के लिए, कोई निश्चित उपाय नहीं सुझा सका है और न ही इसकी कोई वैक्सीन बन पाई है। ऐसी स्थिति में चिंता बढ़नी बहुत स्वाभाविक है। ’’ 

श्री मोदी ने कहा कि जिन देशों में कोरोना का प्रकोप बहुत अधिक है उन देशों में शुरुआती कुछ दिनों के बाद अचानक बीमारी का जैसे विस्फोट हुआ है। इन देशों में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। सरकार इस स्थिति पर पूरी तरह नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि जब बड़े-बड़े और विकसित देशों में हम कोरोना महामारी का व्यापक प्रभाव देख रहे हैं, तो भारत पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़गा यह मानना गलत है इसलिए इस वैश्विक महामारी का मुकाबला करने के लिए दो प्रमुख बातों की आवश्यकता है। पहला- संकल्प और दूसरा- संयम। 

उन्होंने कहा कि 130 करोड़ देशवासियों को अपना संकल्प और दृढ़ करना होगा कि इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए एक नागरिक के नाते, अपने कर्तव्य का पालन करेंगे, केन्द्र सरकार, राज्य सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करेंगे। आज हमें यह संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएंगे।’’ 

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की पीढ़ इस बात से बहुत परिचित नहीं होगी लेकिन पुराने समय में जब युद्ध की स्थिति होती थी, तो गाँव गाँव में ब्लैकआउट किया जाता था। घरों के शीशों पर कागत्र लगाया जाता था, लाईट बंद कर दी जाती थी, लोग चौकी बनाकर पहरा देते थे। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार वित्त मंत्री की अध्यक्षता में एक आर्थिक प्रतिक्रिया कार्यबल का गठन करेगी जो आर्थिक मुश्किलें कम करने के लिए आवश्यक कदम उठायेगी। यह कार्यबल सुनिश्चित करेगा कि आर्थिक मुश्किलों को कम करने के लिए जितने भी कदम उठाए जायें उन पर प्रभावी रूप से अमल हो।’’ 

उन्होंने उच्च आय वर्ग तथा व्यापारी जगत से आह्वान किया कि वे उनके लिए काम करने वाले लोगों के वेतन न काटें। उन्होंने कहा कि इस महामारी की सबसे ज्यादा मार मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग और कम आय वाले लोगों पर पर रही है। 

उन्होंने कहा ‘‘संकट के इस समय में जहाँ तक संभव हो आप जिन-जिन लोगों से सेवाएं लेते हैं, उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखें। उनके काम पर न आने पर उनका वेतन न काटें।’’ प्रधानमंत्री ने दूध, दवाइयाँ और खाने-पीने के सामान की आपूर्ति जारी रहने का आश्वासन देते हुये कहा कि कोरोना विषाणु की महामारी से बचने के उपायों के बीच लोग अफवाहों से सावधान रहें और जरूरी सामान खरीदने की होड़ में नहीं पड़े। 

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि आने वाले समय में भी आप अपने कर्तव्यों का, अपने दायित्वों का इसी तरह निर्वहन करते रहेंगे। मैं मानता हूँ कि ऐसे समय में कुछ कठिनाइयाँ भी आती हैं, आशंकाओं और अफवाहों का वातावरण भी पैदा होता है।’’ उन्होंने कहा कि जरूरी चीजों की आपूर्ति नहीं रुकेगी। इसलिए, इनकी अत्यधिक खरीददारी न करें। लोग हड़बड़ी में खरीदने की होड़ न लगायें।