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राफेल के फैसले से JPC की जांच का रास्ता खुला : राहुल गांधी

कांग्रेस नेता और पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि राफेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से विमान सौदे को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच का 'बड़ा मार्ग' प्रशस्त हुआ है। उन्होंने सौदे की जेपीसी जांच की मांग की। 

राहुल ने ट्वीट कर कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जोसेफ ने राफेल घोटाले के लिए जांच का बड़ा रास्ता खोल दिया है। जांच अब पूरी गंभीरता से शुरू होनी चाहिए। इस घोटाले की जांच के लिए एक जेपीसी का गठन किया जाना चाहिए।'

कांग्रेस पार्टी ने भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राफेल मामले में आदेश को पूरी तरह से पढ़े बिना ही जश्न मना रही है। पार्टी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में एजेंसियों द्वारा फाइटर जेट सौदे के 'जांच के लिए दरवाजे' खोल दिए हैं। 

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'बिना निर्णय पढ़े जश्न मनाना भाजपा की आदत है। जैसा कि अदालत ने स्वीकार किया कि अनुच्छेद 32 के तहत व्यवहार्यता, तकनीकी विशिष्टताओं और जेट की कीमत के मुद्दे न्यायालय केदायरे में नहीं आते हैं। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में एजेंसियों द्वारा राफेल सौदे के 'जांच के लिए दरवाजे' खोल दिए हैं।'

 

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राफेल के निर्णय में भाजपा राष्ट्र को गुमराह कर रही है और राफेल मामले की जांच बिना किसी राजनीतिक दबाव के सीबीआई को सौंपनी चाहिए। 

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राफेल सौदा मामले में जांच से जुड़ी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति एस. कौल ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि समीक्षा याचिका बिना योग्यता के है। 

शीर्ष अदालत ने दसॉ एविएशन के साथ जुड़े राफेल सौदे की जांच के लिए एक प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ शुरू की गई अवमानना कार्यवाही को यह कहते हुए बंद कर दिया कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक व्यक्ति होने के नाते राहुल को चाहिए कि वह भविष्य में अधिक सावधानी बरतें। 

राहुल के खिलाफ अवमानना कार्यवाही तब शुरू हुई थी, जब उन्होंने प्रधानमंत्री के संदर्भ में 'चौकीदार चोर है' कहा था।