BREAKING NEWS

भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने पुरी शंकराचार्य से की मुलाकात ◾ नेपाल सरकार का दावा- लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी उसके अभिन्न अंग, निर्माण रोके भारत◾दिल्ली में कोविड-19 के 18,286 मामले आए सामने , 28 रोगियों की मौत ◾भारत के टीकाकरण कार्यक्रम ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में काफी ताकत दी : PM मोदी ◾BJP ने उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह को पार्टी से किया निष्कासित, कांग्रेस में हो सकते हैं शामिल◾Covid -19 को लेकर WHO ने किया बड़ा खुलासा - कोरोना वायरस पूरी तरह से समाप्त नहीं होगा◾महाराष्ट्र कोरोना : बीते 24 घंटों में आए 41 हजार से ज्यादा नए मामले, शहर में मिली थोड़ी रहत ◾PM मोदी के नेतृत्व की वजह से 157 करोड़ टीके लगाने वाला पहला देश बना भारत - पूनियां◾ जम्मू-कश्मीर : आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर किया ग्रेनेड से हमला, पुलिसकर्मी और आम नागरिक घायल ◾अमित शाह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर एक बार फिर से करेंगे मैराथन दौरा◾ मुंबई 1993 ब्लास्ट के आरोपी सलीम गाजी की कराची में हुई मौत, डॉन छोटा शकील का रहा करीबी ◾राजस्थान सरकार का अलवर सामूहिक दुष्कर्म की जांच CBI को सौंपने का निर्णय, हाई लेवल मीटिंग में लिया गया फैसला◾ उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए आप ने जारी की 150 उम्मीदवारों की सूची, जानें किसे मिला टिकट◾निषाद पार्टी एक बार फिर BJP के साथ मिलकर लड़ेगी चुनाव, जानिए कितनी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी nishad ◾केंद्र के पश्चिम बंगाल की झांकी को बाहर करने के फैसले पर ममता ने जताई नाराज़गी, PM मोदी को लिखा पत्र◾कोरोना के कारण डिजिटल हुई प्रचार की लड़ाई, सभी पार्टियों के ‘वॉर रूम’ में जारी जंग, BJP ने बनाई बढ़त ◾धर्म संसद: गिरफ्तारी के बाद भी खाना नहीं खा रहे यति नरसिंहानंद, केवल 'रस आहार' पर अड़े◾हस्तिनापुर से चुनावी रण में उतरने को तैयार मॉडल अर्चना, आत्मविश्वास से परिपूर्ण, कहा- भयभीत नहीं, आगे बढ़ूंगी ◾केजरीवाल ने उत्पल को अपनी पार्टी में शामिल होने का दिया न्योता, AAP के इस दांव से क्या BJP हो सकती है चित◾समाजवादी पार्टी की उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए 30 उम्मीदवारों की सूची जारी ◾

कृषि कानूनों की वापसी पर राहुल का केंद्र पर हमला, बोले- चर्चा से डरती है सरकार, जानती है कि उनसे गलती हुई

देश में तीनों नए कृषि कानूनों का भारी विरोध हुआ, जिसके बाद आज, सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन केंद्र सरकार ने इन कानूनों को निरस्त करने के लिए एक विधेयक को पारित करा दिया। कृषि कानूनों की वापसी पर लोकसभा और राज्यसभा से मुहर लगने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नई मांग उठा दी है।  

तो फिर आंदोलन के दौरान मरे किसानों के परिजनों को मुआवजा देना चाहिए 

उन्होंने कहा कि इन बिलों का वापसी और खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में यह माना था कि हमसे गलती हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने माना है कि उनसे गलती हुई है तो फिर आंदोलन के दौरान मरे किसानों के परिजनों को मुआवजा देना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा, 'हमने कहा था कि इन तीन काले कानूनों को सरकार को वापस लेना होगा। देश के 3 से 4 पूंजीपतियों के आगे किसानों की शक्ति कमजोर नहीं हो सकती।' 

यह किसानों और मजदूरों की सफलता है- राहुल गांधी  

राहुल गांधी ने कहा कि यह किसानों और मजदूरों की सफलता है। लेकिन जिस तरह से ये कानून रद्द किए गए, संसद में इसके बारे में चर्चा नहीं होने दी। यह दिखाता है कि सरकार चर्चा से डरती है। इससे पता चलता है कि सरकार जानती है कि उन्होंने गलत काम किया। हमें चर्चा उन लोगों के बारे में करनी है, जो आंदोलन के शहीद हो गए। हमें इस बारे में चर्चा करनी थी कि किसानों के खिलाफ बनाए गए कानूनों के पीछे किसकी शक्ति थी।  

किसानों, गरीबों और मजदूरों को दबाया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो सका 

इसके अलावा एमएसपी, लखमीपुर खीरी एवं किसानों की अन्य समस्याओं पर डिस्कशन होना था। इसे सरकार ने होने नहीं दिया। सरकार के अंदर एक कन्फ्यूजन है। वह सोचती है कि किसानों, गरीबों और मजदूरों को दबाया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।  

दिल्ली में डेंगू के अबतक 8,200 से अधिक मामले सामने आए, टूटा पांच साल का रिकॉर्ड

आंदोलन में शहीद हुए 700 लोगों के परिवानों को उन्हें मुआवजा देना चाहिए 

यही नहीं राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान के दौरान आंदोलनकारियों को किसानों का एक समूह बताए जाने पर भी ऐतराज जताया। राहुल गांधी ने कहा कि पहले आप लोगों ने उन्हें खालिस्तानी बताया और अब उन्हें किसानों का एक समूह बता रहे हैं। 

राहुल गांधी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद इन बिलों को वापस लेने का ऐलान करते हुए माफी मांगी है। ऐसे में यदि उन्होंने माफी मांगी है तो फिर आंदोलन में शहीद हुए 700 लोगों के परिवानों को उन्हें मुआवजा देना चाहिए।