BREAKING NEWS

राजनाथ ने केंद्रीय विभागों के पुन आवंटन पर मंत्री समूह की अध्यक्षता की ◾कर्नाटक : येदियुरप्पा को अमित शाह ने दी मंत्रिमंडल विस्तार की हरी झंडी ◾जलवायु परिवर्तन पर ‘बेसिक’ देशों को एक सुर में आवाज उठानी होगी : जावड़ेकर ◾BJP सरकार का रवैया नकारात्मक, अमेठी-मैनपुरी में सैनिक स्कूल की स्थापना समाजवादी सरकार में हुई : अखिलेश◾MP : मुख्यमंत्री कमलनाथ उज्जैन मंदिर को दे सकते हैं 300 करोड़ की सौगात ◾TOP 20 NEWS 17 August : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾ AIIMS अस्पताल में लगी भीषण आग, अभी तक कोई हताहत नहीं◾जेटली जीवन रक्षक प्रणाली पर : नीतीश, पीयूष गोयल समेत अन्य नेता हाल जानने एम्स पहुंचे ◾PM मोदी : भूटान का पड़ोसी होना सौभाग्य कि बात, भूटान कि पंचवर्षीय योजनाओं में करेंगे सहयोग◾पाकिस्तान ने फिर किया संघर्ष विराम का उल्लंघन, एक जवान शहीद◾प्रियंका गांधी बोलीं- देश में 'भयंकर मंदी' लेकिन सरकार के लोग खामोश◾ मायावती का ट्वीट- देश में आर्थिक मंदी का खतरा, इसे गंभीरता से लें केंद्र◾AAP के पूर्व विधायक कपिल मिश्रा भाजपा में शामिल◾चिदंबरम बोले- मीर को नजरबंद करना गैरकानूनी, नागरिकों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करें अदालतें◾राजनाथ के आवास पर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक शुरू, शाह समेत कई मंत्री मौजूद◾भूटान पहुंचे मोदी का PM लोटे ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत, दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर◾शरद पवार बोले- पता नहीं राणे का कांग्रेस में शामिल होने का फैसला गलत था या बड़ी भूल◾उत्तर कोरिया ने किया नए हथियार का परीक्षण, किम ने जताया संतोष◾12 दिन बाद आज से घाटी में फोन और जम्मू समेत कई इलाकों में 2G इंटरनेट सेवा बहाल◾राम माधव बोले- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को मिलेगा देश के कानूनों के अनुसार लाभ◾

देश

राहुल का इस्तीफा नहीं हुआ स्वीकार, रात आठ बजे फिर होगी सीडब्ल्यूसी की बैठक

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद नए अध्यक्ष को चुनने के लिए कांग्रेस मुख्यालय पर शनिवार को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की महत्वपूर्ण बैठक दोपहर को खत्म हो गई। वही, कांग्रेस के नए अध्यक्ष के चयन को लेकर सीडब्ल्यूसी की अगली बैठक अब शनिवार रात आठ बजे होगी। 

राहुल का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ


पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ''सभी सदस्यों ने राहुल गांधी से अध्यक्ष बने रहने और नेतृत्व करने का एक सहमति से आग्रह किया। उन्होंने यह अनुरोध भी किया कि आज जब मौजूदा सरकार संवैधानिक प्रावधानों, नागरिकों के अधिकारों और संस्थाओं पर आक्रमण कर रही है तो ऐसे समय मजबूत विपक्ष के लिए और कांग्रेस को नेतृत्व देने के लिए राहुल गांधी उपयुक्त व्यक्ति है।'' 

रात आठ बजे की फिर होगी सीडब्ल्यूसी बैठक 

उन्होंने कहा कि गांधी ने अपना इस्तीफा वापस लेने से इनकार किया और कहा कि सीडब्ल्यूसी के सदस्यों और दूसरे नेताओं से नए अध्यक्ष को लेकर व्यापक विचार विमर्श किया जाए। सुरजेवाला ने कहा कि सीडब्ल्यूसी पांच अलग-अलग समूहों में परामर्श कर रही है। रात आठ बजे सीडब्ल्यूसी की फिर बैठक होगी जिसमें इन समूहों की बातचीत में निकले निष्कर्ष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। सुरजेवाला ने यह भी कहा कि अभी गांधी का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है और सीडब्ल्यूसी के विचाराधीन है।

बैठक से बाहर आते हुए संप्रग अध्यक्ष सोीनिया गांधी ने कहा कि वे और राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष को चुनने के लिए सीडब्ल्यूसी में क्षेत्रवार बनाए गए पांच समूह में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा, "राहुल और मैं नए पार्टी अध्यक्ष के चुनाव में भाग नहीं ले सकते। हमारा नाम इसमें शामिल करना सही नहीं है।" 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "मैं कल (रविवार) दो दिनों के लिए वायनाड जाऊंगा क्योंकि वहां (बाढ़ के कारण) स्थिति बहुत खराब है।" 

सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ-साथ अहमद पटेल, पी. चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रियंका गांधी वाड्रा, सचिन पायलट, जितिन प्रसाद और सिद्दारमैया जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ अन्य लोग मौजूद रहे। 

बता दें कि सीडब्ल्यूसी को पांच समूहों में विभाजित किया गया है, जो पार्टी के नए अध्यक्ष को चुनने के लिए प्रदेश प्रमुखों, सीएलपी, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सभी विभागों, प्रदेश प्रभारियों और सांसदों से बात करेंगे। नए अध्यक्ष पर आम सहमति रविवार तक होगी, जब सभी पांच सदस्य अपनी सिफारिशें देंगी। 

इससे पहले, बैठक के दौरान मुख्यालय के बाहर कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को पार्टी का नया अध्यक्ष बनाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की अगुआई कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता जगदीश शर्मा ने कहा, "प्रियंका गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनना चाहिए क्योंकि उनमें पार्टी को एक रखने की क्षमता है।"