रेल मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा में शुक्रवार को कहा कि रेल किराया बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है, जबकि उत्पाद शुल्क व सेस में बढ़ोतरी के परिणामस्वरूप डीजल की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा, “वर्तमान में डीजल की कीमत में बढ़ोतरी के कारण किराए में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है।”
पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि रेलवे द्वारा डीजल की खपत में सालों से कमी आ रही है क्योंकि यह इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन की तरफ बढ़ रहा है और 2022 तक 100 फीसदी विद्युतीकरण की योजना है। प्रश्नकाल के समय कांग्रेस नेता बी.के. हरिप्रसाद ने रेल मंत्री से जवाब मांगा कि पेट्रोलियम उत्पादों की अस्थिरता का असर यात्री व माल भाड़ा पर होगा या नहीं।
इस महीने की शुरुआत में बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल व डीजल पर प्रति लीटर एक रुपये उत्पाद शुल्क व सेस बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। रेलवे देश में डीजल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है, लेकिन यह तेजी से ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ रहा है। गोयल ने इससे पहले कहा था कि सार्वजनिक ट्रांसपोर्टर अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए देश के कुल बिजली खपत का करीब 1.27 फीसदी व डीजल का तीन फीसदी उपयोग करता है।


Download Android App
Download iOS App



