BREAKING NEWS

देश को लॉकडाउन से बचाना है, राज्य लॉकडाउन को अंतिम विकल्प मने : PM मोदी ◾कोविड ने लगाया लालू यादव की रिहाई में अड़ंगा, जेल से बाहर आने के लिए करना होगा एक सप्ताह का इंतजार◾UP: पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 से 163 लोगों की गई जान, सामने आए 29754 नए मरीज ◾दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी, कुछ घंटों के लिए ही बची: अरविंद केजरीवाल◾मीडिया दिखा रही है लाशों के ढेर, आम लोगों के बीच के बीच फैल रही महामारी की दहशत: विजयवर्गीय ◾महाराष्ट्र में सख्त हुई कोविड पाबंदियां, दिन में चार घंटे ही खुलेंगी सभी दुकानें◾ममता ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, केंद्र की टीकाकरण नीति को ‘खोखला और अफसोसनाक दिखावा’ बताया◾PM ने छवि चमकाने के लिए विदेशों में बांटी वैक्सीन, अपने देश में भंडार खाली होने पर की बिक्री शुरू : ममता ◾कोरोना संक्रमण के नए मामलों के 77 फीसदी से ज्यादा केस 10 राज्यों से आए सामने ◾कोरोना की वजह से स्थगित हुई UGC-NET की परीक्षा, 15 दिन पहले होगा नई तारीखों का ऐलान◾कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए झारखंड में 22 अप्रैल से एक सप्ताह का लॉकडाउन ◾दिल्ली मेट्रो ने लॉकडाउन के लिए परिचालन योजना में फिर किया बदलाव, पीक आवर्स में होगा 15 मिनट का गैप ◾कोरोना से संक्रमित हुए राहुल गांधी, संपर्क में आए लोगों से की सावधानी बरतने की अपील◾दिल्ली में महामारी का कहर : अरविंद केजरीवाल की पत्नी कोरोना पॉजिटिव, होम क्वारंटाइन में गए CM◾UP में वीकेंड लॉकडाउन का ऐलान, शुक्रवार रात से लगातार 35 घंटे तक जारी रहेगा कोरोना कर्फ्यू◾राहुल समेत दिग्गज कांग्रेस नेताओं का आरोप - टीकाकरण को लेकर सरकार की रणनीति भेदभाव वाली◾केजरीवाल ने लोगों से की अपील, कहा- लॉकडाउन आपकी सुरक्षा के लिए लगाया गया, संक्रमण से बचकर रहें◾UP के पांच शहरों में लॉकडाउन लगाने के इलाहबाद HC के फैसले पर SC ने लगाई रोक◾सिब्बल का वार-चुनाव जीतने के लिए PM अपनी सभी शक्तियों का कर रहे हैं प्रयोग लेकिन कोविड के लिए नहीं◾5 शहरों में लॉकडाउन लगाने के इलाहाबाद HC के आदेश के खिलाफ SC पहुंची योगी सरकार◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

रेल मंत्री पीयूष गोयल का 9 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र, DFC में आ रही अड़चनों को दूर करने का आग्रह किया

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 9 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर उनसे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) परियोजना में अड़चनों को दूर करने का आग्रह किया और कहा कि प्रधानमंत्री परियोजना पर करीबी नजर रख रहे हैं। गोयल ने 9 मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में भूमि संबंधी मुद्दों, ग्रामीणों की मांगों और राज्य के अधिकारियों द्वारा धीमी गति से काम करने का मामला उठाया, जिनसे 81,000 करोड़ रुपये की डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना का काम प्रभावित हुआ है। रेल मंत्री ने मुख्यमंत्रियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा उठाई गई चिंताओं के बाद गोयल ने गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और झारखंड के मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्रों में कहा कि कैसे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लंबे समय से लंबित मुद्दा बना हुआ है जिसका अभी तक समाधान नहीं हुआ है।

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के यादव के अनुसार वर्तमान में दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर निर्माणाधीन है- पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) जो उत्तर प्रदेश से मुंबई तक और पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) जो पंजाब के लुधियाना से पश्चिम बंगाल के दानकुनी तक है और इन कॉरिडोर का काम दिसम्बर 2021 तक पूरा किया जाना था लेकिन अब इस तिथि को छह महीने आगे यानी जून 2022 तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण काम में व्यवधान के कारण देरी हुई।

मंत्री ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर उनके राज्य में आ रही अड़चनों का समाधान करने का आग्रह किया है। उत्तर प्रदेश में डीएफसी का दायरा एक हजार किलोमीटर से अधिक है। गोयल ने अपने पत्र में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने परियोजना की प्रगति की बारीकी से निगरानी की है। डीएफसी 1,000 किलोमीटर से अधिक उत्तर प्रदेश राज्य से होकर गुजरती है। हालांकि, भूमि अधिग्रहण और आरओबी निर्माण से संबंधित कुछ मुद्दे अभी भी कायम हैं, जिन्हें तत्काल हल करने की आवश्यकता है ताकि लक्षित समय के भीतर परियोजना का काम पूरा हो सके।’’

उन्होंने रेलवे के सामने आ रही कुछ समस्याओं के बारे में बताया जिनमें पुलों पर लंबित सड़क (आरओबी), आंदोलन के कारण मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर जैसे क्षेत्रों में भूमि को कब्जे में लेने में बाधा, ग्रामीणों द्वारा मुआवजे और नौकरियों की मांग, उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा पट्टा किराए की अनुचित मांग और मिर्जापुर जिले में आरओबी के निर्माण को लेकर ग्रामीणों द्वारा विरोध आदि शामिल हैं। गोयल ने पत्रों में उन सभी मुद्दों को उठाया है जिनका राज्यों में विशिष्ट क्षेत्रों में रेलवे द्वारा सामना किया जा रहा हैं।

गोयल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे पत्र में कहा, ‘‘हालांकि विभिन्न जिलों में लंबित मध्यस्थता और भूमि के कब्जे में बाधाएं आदि में देरी से परियोजना के काम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। आप इस बात को समझेगी कि परियोजना के काम को शुरू करने के लिए इन बाधाओं को दूर करना आवश्यक है।’’ 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे अपने पत्र में, गोयल ने कहा कि राज्य परियोजना का एक प्रमुख लाभार्थी है, क्योंकि पूर्वी डीएफसी का 236 किलोमीटर दायरा गया, औरंगाबाद, कैमूर और रोहतास जिलों से होकर गुजर रहा है और आपके राज्य में निवेश को आकर्षित करने की संभावना है।’’ इसी तरह हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और पंजाब जैसे राज्यों में, राज्य सरकारों द्वारा आरओबी के लिए भूमि अधिग्रहण में देरी से परियोजना में विलंब हुआ है। रेलवे एक सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र के राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी करेगा।