BREAKING NEWS

चेन्नई सुपर किंग्स चौथी बार बना IPL चैंपियन◾बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार दशहरा देश भर में उल्लास के साथ मनाया गया◾सिंघु बॉर्डर : किसान आंदोलन के मंच के पास हाथ काटकर युवक की हत्या, पुलिस ने मामला किया दर्ज ◾कपिल सिब्बल का केंद्र पर कटाक्ष, बोले- आर्यन ड्रग्स मामले ने आशीष मिश्रा से हटा दिया ध्यान◾हिंदू मंदिरों के अधिकार हिंदू श्रद्धालुओं को सौंपे जाएं, कुछ मंदिरों में हो रही है लूट - मोहन भागवत◾जनरल नरवणे भारत-श्रीलंका के बीच सैन्य अभ्यास के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए, दोनों दस्तों के सैनिकों की सराहना की◾अफगानिस्तान: कंधार में शिया मस्जिद को एक बार फिर बनाया गया निशाना, विस्फोट में कई लोगों की मौत ◾सिंघु बॉर्डर आंदोलन स्थल पर जघन्य हत्या की SKM ने की निंदा, कहा - निहंगों से हमारा कोई संबंध नहीं ◾अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा, दिल्ली में डेल्टा स्वरूप के खिलाफ हर्ड इम्युनिटी पाना कठिन◾सिंघु बॉर्डर पर युवक की विभत्स हत्या पर बोली कांग्रेस - हिंसा का इस देश में स्थान नहीं हो सकता◾पूर्व PM मनमोहन की सेहत में हो रहा सुधार, कांग्रेस ने अफवाहों को खारिज करते हुए कहा- उनकी निजता का सम्मान किया जाए◾रक्षा क्षेत्र में कई प्रमुख सुधार किए गए, पहले से कहीं अधिक पारदर्शिता एवं विश्वास है : पीएम मोदी ◾PM मोदी ने वर्चुअल तरीके से हॉस्टल की आधारशिला रखी, बोले- आपके आशीर्वाद से जनता की सेवा करते हुए पूरे किए 20 साल◾देश ने वैक्सीन के 100 करोड़ के आंकड़े को छुआ, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान ने कायम किया रिकॉर्ड◾शिवपाल यादव ने फिर जाहिर किया सपा प्रेम, बोले- समाजवादी पार्टी अब भी मेरी प्राथमिकता ◾जेईई एडवांस रिजल्ट - मृदुल अग्रवाल ने रिकॉर्ड के साथ रचा इतिहास, लड़कियों में काव्या अव्वल ◾दिवंगत रामविलास पासवान की पत्नी रीना ने पशुपति पारस पर लगाए बड़े आरोप, चिराग को लेकर जाहिर की चिंता◾सिंघू बॉर्डर पर किसानों के मंच के पास बैरिकेड से लटकी मिली लाश, हाथ काटकर बेरहमी से हुई हत्या ◾कुछ ऐसी जगहें जहां दशहरे पर रावण का दहन नहीं बल्कि दशानन लंकेश की होती है पूजा◾एनसीबी ने अदालत में आर्यन को 'नशेड़ी' करार दिया, जेल में कैदी न. 956 बनकर पड़ेगा रहना ◾

महात्मा गांधी के कहने पर सावरकर ने अंग्रेजों के सामने डाली थी दया याचिका : राजनाथ सिंह

बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को वीर सावरकर पर एक पुस्तक का विमोचन करते हुए सावरकर विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के कहने पर ही सावरकर ने अंग्रेजों के समक्ष दया याचिका दी थी। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र नायकों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में वाद प्रतिवाद हो सकते हैं लेकिन विचारधारा के चश्मे से देखकर वीर सावरकर के योगदान की उपेक्षा करना और उन्हें अपमानित करना क्षमा योग्य और न्यायसंगत नहीं है।

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘एक खास विचारधारा से प्रभावित तबका वीर सावरकर के जीवन एवं विचारधारा से अपरिचित है और उन्हें इसकी सही समझ नहीं है, वे सवाल उठाते रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्र नायकों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में वाद प्रतिवाद हो सकते हैं लेकिन उन्हें हेय दृष्टि से देखना किसी भी तरह से उचित और न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता है।

महान स्वतंत्रता सेनानी थे सावरकर 

राजनाथ सिंह ने कहा कि वीर सावरकर महान स्वतंत्रता सेनानी थे, ऐसे में विचारधारा के चश्मे से देखकर उनके योगदान की अनदेखी करना और उनका अपमान करना क्षमा योग्य नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘वीर सावरकर महानायक थे, हैं और भविष्य में भी रहेंगे। देश को आजाद कराने की उनकी इच्छा शक्ति कितनी मजबूत थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों ने उन्हें दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई, कुछ विशेष विचारधारा से प्रभावित लोग ऐसे राष्ट्रवादी पर सवालिया निशान लगाने का प्रयास करते हैं।’’ 

उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन पर (सावरकर) नाजीवादी, फासीवादी होने का आरोप लगाते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि ऐसा आरोप लगाने वाले लोग लेनिनवादी, मार्क्सवादी विचारधारा से प्रभावित थे और अभी भी हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि सीधे शब्दों में कहें तो सावरकर ‘यथार्थवादी’ और ‘राष्ट्रवादी’ थे जो बोल्शेविक क्रांति के साथ स्वस्थ लोकतंत्र की बात करते थे। 

उन्होंने कहा कि हिन्दुत्व को लेकर सावरकर की एक सोच थी जो भारत की भौगोलिक स्थिति और संस्कृति से जुड़ी थी। उनके लिए हिन्दू शब्द किसी धर्म, पंथ या मजहब से जुड़ा नहीं था बल्कि भारत की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा था। उन्होंने कहा, ‘‘इस सोच पर किसी को आपत्ति हो सकती है लेकिन इस विचार के आधार पर नफरत करना उचित नहीं है।’’ उन्होंने अंग्रेजों के समक्ष दया याचिका के बारे में एक खास वर्ग के लोगों के बयानों को गलत ठहराते हुए यह दावा किया कि महात्मा गांधी के कहने पर सावरकर ने याचिका दी थी।