BREAKING NEWS

कांग्रेस ने गोवा चुनाव के लिए जारी की उम्‍मीदवारों की तीसरी लिस्‍ट, जानें कहां से लड़ंगे BJP छोड़ने वाले माइकल ◾गणतंत्र दिवस की परेड पर मंडराया कोविड का साया, इतने ही लोगों को मिलेगी शामिल होने की अनुमति◾चंद्रशेखर ने अकेले चुनाव लड़ने का किया ऐलान, अखिलेश को बताया 'धोखेबाज', कहा- बात से पलटते हैं तो...◾ क्यों बेटे के लिए इस्तीफा देने को तैयार हुई भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी, जानिए क्या है पूरी खबर◾यूपी: PM मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ किया डिजिटल संवाद, जानिए उनकी बातचीत की अहम बातें◾अखिलेश ने किया चुनावी वादा, बोले- 300 यूनिट मुफ्त बिजली लेने वाले कल से कराएं अपना पंजीकरण◾भगवंत मान होंगे AAP के CM उम्मीदवार, 'जनता चुनेगी अपना सीएम' पोल में दूसरे नंबर पर नवजोत सिंह सिद्धू ◾UP विधानसभा चुनाव: सियासी दलों के बीच छिड़ी सुरों की जंग, जानिए कैसे गीतों के सहारे प्रचार कर रही हैं पार्टियां◾'ज़िंदगी झंड बा-फिर भी घमंड बा', रवि किशन के वायरल Video पर नवाब मलिक का तंज◾सुरक्षा चूक: जांच कमेटी की अध्यक्ष जस्टिस इंदु मल्होत्रा के बाद SC के वकील को फिर मिली धमकी, जानें मामला ◾पंजाब चुनाव से पहले ED का बड़ा एक्शन, चन्नी के भतीजे समेत 10 जगहों पर की छापेमारी, अमरिंदर बोले... ◾5 राज्यों में होने वाले चुनाव को लेकर हुई डिजिटल प्रचार की शुरुआत, पार्टियों में छिड़ी 'थीम सॉन्ग्स' की जंग ◾UP election: ग्रामीण इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कांग्रेस करेगी 'प्रतिज्ञा चौपाल' का आयोजन ◾प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पीच में पड़ा खलल, राहुल ने ली चुटकी, बोले- टेलीप्रॉम्प्टर भी नहीं झेल पाया झूठ ◾यूपी: AIMIM ने बाहुबली अतीक अहमद की पत्नी को प्रयागराज से चुनावी मैदान में उतारा, मिलेगी कड़ी टक्कर◾UP: हरिद्वार विवाद से अलीगढ़ प्रशासन ने लिया सबक, प्रस्तावित धर्म संसद की अनुमति देने से किया इनकार ◾Today's Corona Update : देश में गिरने लगा कोरोना का ग्राफ, पिछले 24 घंटे में ढाई लाख से कम नए केस ◾दिल्ली: गाजीपुर में RDX मिलने के बाद सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए पुख्ता, गणतंत्र दिवस पर तीसरी आंख रखेगी नजर◾World Coronavirus : वैश्विक स्तर पर कोरोना मामलों में वृद्धि, 33.02 करोड़ से ऊपर पहुंचा आंकड़ा◾देश के कई हिस्सों में सर्दी का सितम जारी, मैदानी इलाकों को अभी नहीं मिलेगी शीतलहर से राहत◾

चीनी रक्षामंत्री से बोले राजनाथ सिंह- संप्रभुता की रक्षा को लेकर भारत की प्रतिबद्धता पर नहीं करें संदेह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगही के बीच शुक्रवार को दो घंटे से अधिक समय तक बैठक हुई जिसमें पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव को कम करने पर ध्यान केन्द्रित रहा। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी। वहीं  मिली जानकारी के मुताबिक रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष से कहा कि अपनी संप्रभुता की रक्षा को लेकर भारत की प्रतिबद्धता के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चीन ने लद्दाख में यथा स्थिति बदलने की कोशिश की, जो द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन है। उन्होंने चीन की जन मुक्ति सेना (पीएलए) के आक्रामक व्यवहार और सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ाए जाने पर आपत्ति जतायी।  राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री से कहा कि दोनों पक्षों को मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चीन को सख्ती से वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान करना चाहिए और यथास्थिति में बदलाव के एकतरफा प्रयास नहीं करने चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को वार्ता के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से वर्तमान स्थिति और लंबित मुद्दों को सुलझाना चाहिए। चीन को गतिरोध के सभी बिन्दुओं से सेना को पूरी तरह वापस बुलाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करना चाहिए और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे हालात और बिगड़ें ।

बता दें कि पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में पिछले करीब चार महीने से सीमा पर चल रही तनातनी के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार रात रूस की राजधानी मास्को में चीनी रक्षा मंत्री जनरल वी फेंगही के साथ सवा दो घंटे से भी अधिक समय तक सीमा पर तनाव करने संबंधी उपायों और अन्य मुद्दों पर विस्तार से बात की। दोनों रक्षा मंत्री शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने मास्को गये हैं। एस सीओ की बैठक से इतर हुई इस

बातचीत के दौरान दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। सीमा पर चल रहे तनाव के दौरान राजनीतिक स्तर पर दोनों पक्षों के बीच यह पहली मुलाकात थी। चीनी रक्षा मंत्री के अनुरोध पर हुई यह बातचीत भारतीय समय के अनुसार रात साढे नौ बजे शुरू हुई और दो घंटे बीस मिनट तक चली। बातचीत के लिए चीन के रक्षा मंत्री भारतीय रक्षा मंत्री के पास उनके होटल में पहुंचे।

रक्षा मंत्री  ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हुए घटनाक्रम तथा गलवान घाटी की झड़प के बारे में चीन के सामने भारत का रूख स्पष्ट करते हुए कहा कि चीनी सैनिकों का जमावड़ा , उनका आक्रामक व्यवहार और यथा स्थिति बदलने की कोशिश दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन है। चीनी सैनिकों की गतिविधि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की बैठक में हुई सहमति के अनुरूप भी नहीं है।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारतीय सैनिकों का सीमा प्रबंधन के बारे में हमेशा जिम्मेदारीपूर्ण रूख रहा है लेकिन इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि भारत अपनी राष्ट्रीय संप्रभूता और अखंडता की रक्षा करने के लिए दृढ प्रतिज्ञ है।

चिदंबरम का वार- भारत एकमात्र देश है, जो लॉकडाउन रणनीति का लाभ नहीं उठाता दिख रहा