BREAKING NEWS

युक्रेन संघर्ष ने खाद्य पदार्थ और ऊर्जा संबंधी मुद्रास्फीति को बढ़ाया - जयशंकर◾त्रिपुरा में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही भाजपा◾CM केजरीवाल ने कहा- डेंगू नियंत्रण पर उठाएंगे कई कदम, स्कूली छात्र होंगे शामिल◾ महाराष्ट्र : शिंदे की पीएफआई कार्यकर्ताओं को दो टूक, कहा - बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे 'पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे' ◾अमित शाह के वार पर RJD प्रमुख का पलटवार, बोले- भाजपा का होगा सफाया ◾ राजस्थान : कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विधायक के बेटों को रिश्वत लेते हुए एसीबी ने किया गिरफ्तार ◾पीएफआई हिंसा पर विजयन का बड़ा बयान, कहा - पूर्व नियोजित थी हिंसा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा ◾दक्षिण में 2024 की तैयारी का जायजा लेने के लिए केरल के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे जेपी नड्डा ◾ 'आप' का राज्यपाल पर बड़ा आरोप, कहा - बीजेपी के इशारे पर कर रहे हैं काम◾Himachal Pradesh: कांग्रेस को झटका! आश्रय शर्मा बीजेपी में होंगे शामिल◾यूपी में मर्यादा तार -तार कक्षा तीन की छात्रो को प्रिंसिपल ने दिखाया अश्लील वीडीयो, मामला दर्ज◾हिजाब विवाद में फंसा ईरान, तेजी के साथ पूरे देश में फैल रही हैं प्रदर्शन की आग ◾Punjab News: होशियारपुर में गैस संयंत्र में धमाका, एक की मौत◾चीन में सैन्य तख्तापलट का मंडराया खतरा ! शी जिनपिंग नजरबंद, चीन में चर्चाओं ने पकड़ी गति◾Pune: पीएफआई कार्यकर्ताओं ने लगाए ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, भाजपा ने की एक्शन लेने की मांग◾दिल्ली में बोले लालू-'नीतीश और मैं सोनिया से मिलेंगे, विपक्ष को एकजुट करने की करेंगे कोशिश'◾संदीप दीक्षित ने AAP सरकार के शिक्षा मॉडल को घेरा, जानें क्या कहा .... ◾हिमाचल की युवा शक्ति ने हमेशा देश को गौरवान्वित होने का अवसर दिया : PM मोदी◾ पीएफआई के गुंडों को दुकानदार ने दिखाई हैसियत, दुकान बंद करने से किया इनकार, वीडीयो वायरल◾अगर हो गई है ट्रेन लेट तो जानें IRCTC का ये नियम, यात्रा में मिलेगा बिल्कुल मुफ्त में खाना◾

चीनी रक्षामंत्री से बोले राजनाथ सिंह- संप्रभुता की रक्षा को लेकर भारत की प्रतिबद्धता पर नहीं करें संदेह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगही के बीच शुक्रवार को दो घंटे से अधिक समय तक बैठक हुई जिसमें पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव को कम करने पर ध्यान केन्द्रित रहा। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी। वहीं  मिली जानकारी के मुताबिक रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष से कहा कि अपनी संप्रभुता की रक्षा को लेकर भारत की प्रतिबद्धता के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चीन ने लद्दाख में यथा स्थिति बदलने की कोशिश की, जो द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन है। उन्होंने चीन की जन मुक्ति सेना (पीएलए) के आक्रामक व्यवहार और सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ाए जाने पर आपत्ति जतायी।  राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री से कहा कि दोनों पक्षों को मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चीन को सख्ती से वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान करना चाहिए और यथास्थिति में बदलाव के एकतरफा प्रयास नहीं करने चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को वार्ता के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से वर्तमान स्थिति और लंबित मुद्दों को सुलझाना चाहिए। चीन को गतिरोध के सभी बिन्दुओं से सेना को पूरी तरह वापस बुलाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करना चाहिए और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे हालात और बिगड़ें ।

बता दें कि पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में पिछले करीब चार महीने से सीमा पर चल रही तनातनी के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार रात रूस की राजधानी मास्को में चीनी रक्षा मंत्री जनरल वी फेंगही के साथ सवा दो घंटे से भी अधिक समय तक सीमा पर तनाव करने संबंधी उपायों और अन्य मुद्दों पर विस्तार से बात की। दोनों रक्षा मंत्री शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने मास्को गये हैं। एस सीओ की बैठक से इतर हुई इस

बातचीत के दौरान दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। सीमा पर चल रहे तनाव के दौरान राजनीतिक स्तर पर दोनों पक्षों के बीच यह पहली मुलाकात थी। चीनी रक्षा मंत्री के अनुरोध पर हुई यह बातचीत भारतीय समय के अनुसार रात साढे नौ बजे शुरू हुई और दो घंटे बीस मिनट तक चली। बातचीत के लिए चीन के रक्षा मंत्री भारतीय रक्षा मंत्री के पास उनके होटल में पहुंचे।

रक्षा मंत्री  ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हुए घटनाक्रम तथा गलवान घाटी की झड़प के बारे में चीन के सामने भारत का रूख स्पष्ट करते हुए कहा कि चीनी सैनिकों का जमावड़ा , उनका आक्रामक व्यवहार और यथा स्थिति बदलने की कोशिश दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन है। चीनी सैनिकों की गतिविधि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की बैठक में हुई सहमति के अनुरूप भी नहीं है।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारतीय सैनिकों का सीमा प्रबंधन के बारे में हमेशा जिम्मेदारीपूर्ण रूख रहा है लेकिन इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि भारत अपनी राष्ट्रीय संप्रभूता और अखंडता की रक्षा करने के लिए दृढ प्रतिज्ञ है।

चिदंबरम का वार- भारत एकमात्र देश है, जो लॉकडाउन रणनीति का लाभ नहीं उठाता दिख रहा