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राज्यसभा चुनाव : नामांकन वापसी की समय सीमा खत्म ; हरिवंश, पवार दीपेंद्र, त्रिवेदी निर्विरोध निर्वाचित

राज्यसभा चुनाव के लिये 17 राज्यों में नामांकन वापस लेने की समय सीमा बुधवार को समाप्त होने के बाद उच्च सदन के उप सभापति हरिवंश, पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार एवं दिनेश त्रिवेदी और कांग्रेस उम्मीदवार दीपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिये गये। 

राज्यसभा की 55 सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव कराये जाने का कार्यक्रम है। राज्य सभा के लिए महाराष्ट्र में रिक्त हो रही सात सीटों, बिहार और पश्चिम बंगाल की पांच-पांच सीटों, ओडिशा में चार सीट, हरियाणा में तीन सीट और हिमाचल प्रदेश में एक सीट पर उम्मीदवारों को संबद्ध निर्वाचन अधिकारियों ने निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया है। 

नामांकन वापस लेने की समय सीमा बुधवार को समाप्त होने के बाद ये घोषणाएं की गई। हरियाणा से राज्यसभा के लिये भाजपा उम्मीदवार राम चंदर जांगरा और दुष्यंत कुमार गौतम तथा कांग्रेस उम्मीदवार दीपेंद्र सिंह हुड्डा बुधवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये। 

निर्वाचन अधिकारी अजीत बालाजी जोशी ने चंडीगढ़ में कहा, ‘‘उन्हें राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।’’ 

नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन इन तीनों उम्मीदवारों को उच्च सदन के लिए निर्वाचित घोषित किया गया। हरियाणा से राज्यसभा चुनाव के लिये सभी उम्मीदवारों ने 13 मार्च को अपना पर्चा भरा था। 

भाजपा ने पिछड़े वर्ग से आने वाले अपने नेता जांगरा और पार्टी उपाध्यक्ष गौतम को, जबकि कांग्रेस ने रोहतक के पूर्व सांसद दीपेंद्र को उम्मीदवार बनाया था। दीपेंद्र रोहतक से तीन बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं। 

पिछले साल विधानसभा चुनाव में भाजपा से निर्वाचित होने के बाद पार्टी के राम कुमार कश्यप के इस्तीफे और कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा का कार्यकाल अगले महीने खत्म होने के चलते राज्य में दो रिक्तियां हुई थी। जांगरा और दीपेंद्र का कार्यकाल अप्रैल 2026 तक होगा। 

वहीं, तीसरी रिक्ति पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता बीरेंद्र सिंह के इस्तीफे से बनी थी। इस सीट पर शेष अवधि के लिये गौतम उच्च सदन में निर्वाचित हुए हैं और उनका कार्यकाल अगस्त 2022 तक होगा। 

उधर, महाराष्ट्र में राज्य सभा के लिए शरद पवार, रामदास आठवले सहित सात उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है। 

राज्यसभा के लिये बिहार से रिक्त होने वाली सभी पांच सीटों पर पांचों उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया है क्योंकि किसी अन्य ने पर्चा नहीं भरा था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। 

बिहार विधानसभा सचिव-सह-निर्वाचन अधिकारी बटेश्वर नाथ पांडे ने पटना में बताया कि दोपहर तीन बजे नाम वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद सभी पांचों उम्मीदवारों को प्रमाणपत्र सौंप दिया गया। 

इनमें जद(यू) और राजद के दो-दो उम्मीदवार तथा भाजपा के एक उम्मीदवार शामिल हैं। 

इन सीटों पर चुनाव कराने की इसलिए जरूरत पड़ी थी कि उन पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहे हैं और वे सभी राज्य में जदयू-भाजपा गठबंधन से संबद्ध हैं। 

जद (यू) उम्मीदवार हरिवंश थे जो राज्यसभा के मौजूदा उपसभापति हैं और मुख्यमंत्री एवं जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं। इस पार्टी से एक अन्य उम्मीदवार रामनाथ ठाकुर थे। अब राज्यसभा में इन दोनों का दूसरा कार्यकाल होगा। 

रामनाथ ठाकुर पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं। भाजपा उम्मीदवार एवं पूर्व एमएलसी (विधान परिषद सदस्य) पहली बार सांसद चुने गये हैं। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री सी पी ठाकुर के बेटे हैं, जिनका राज्यसभा का कार्यकाल अगले महीने समाप्त हो रहा है। 

राजद उम्मीदवार प्रेम चंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी (एडी) सिंह थे। गुप्ता राजद प्रमुख लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी हैं और हरियाणा के रहने वाले हैं। वह संप्रग-1 सरकार में केंद्र में मंत्री रहे थे। 

वहीं, सिंह एक उद्यमी हैं। राजनीति से उनके संबद्ध होने की कोई जानकारी नहीं है। 

पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की चार सीटों पर तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों को और एक सीट पर माकपा उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। 

अधिकारियों ने बताया कि नामांकन वापस लेने की समय सीमा दोपहर तीन बजे समाप्त होने के बाद तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार अर्पिता घोष, दिनेश त्रिवेदी, सुब्रत बख्शी और मौसम नूर तथा कांग्रेस समर्थित माकपा उम्मीदवार बिकास रंजन भट्टाचार्य को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। 

ये सीटें अगले महीने रिक्त होने जा रही हैं जिसके चलते चुनाव कराने की जरूरत पड़ी। 

वहीं, छठे प्रत्याशी एवं तृणमूल कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिनेश बजाज का नामांकन तकनीकी कारणों के चलते रद्द होने के बाद अब 26 मार्च को राज्य में मतदान कराने की जरूरत खत्म हो गई।

 

हिमाचल प्रदेश में भाजपा के महिला मोर्चा की पूर्व प्रमुख इंदु गोस्वामी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गई हैं। 

प्रदेश विधानसभा सचिव यश पाल शर्मा ने उनके निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा की और उन्हें इसका प्रमाणनपत्र सौंपा। 

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से सहयोग मांगा था तथा उन्होंने राज्यसभा के लिये राज्य में अपने उम्मीदवार नहीं खड़े करने का फैसला किया था। 

गोस्वामी पिछला विधानसभा चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार आशीष बुतैल से हार गई थी। 

राज्य में राज्यसभा की कुल तीन सीटें हैं, जिनमें एक सीट, कांग्रेस के विप्लव ठाकुर का उच्च सदन में कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त होने के चलते रिक्त हुई। 

ओडिशा में बीजद के सभी चारों उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गये हैं। दरअसल, विपक्षी भाजपा और कांग्रेस ने 26 मार्च को होने वाले इस चुनाव के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था। 

ओडिशा विधानसभा सचिव एवं राज्यसभा चुनाव के लिये राज्य के निर्वाचन अधिकारी दशरथी सतपति ने बीजद के चारों उम्मीदवारों--सुभाष सिंह, मुन्ना खान, सुजीत कुमार और ममता महंत के निर्वाचित होने की घोषणा की। 

भुवनेश्वर से प्राप्त खबर के मुताबिक दोपहर तीन बजे नामांकन वापस लेने का समय समाप्त होने के बाद यह घोषणा की गई। 

राज्य में कांग्रेस ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था क्योंकि उसे अपना उम्मीदवार खड़ा करने के लिये कम से कम 10 प्रस्तावक नहीं मिल सके थे। 

वहीं, भाजपा ने विधानसभा में अपने सिर्फ 23 सदस्य होने के चलते अपना उम्मीदवार नहीं उतारने की संभवत: इच्छा जताई थी। 

ओडिशा की 10 राज्यसभा सीटों में चार सीटें दो अप्रैल को रिक्त हुई थी। ये सीटें बीजद सांसद अनुभव मोहंती, नरेंद्र कुमार स्वेन और सरोजिनी हेम्ब्रम तथा कांग्रेस सदस्य रंजीब बिस्वाल का कार्यकाल समाप्त होने से खाली हुई थी।