BREAKING NEWS

पेरिस में PM मोदी का संबोधन, बोले-हिंदुस्तान में अब टेंपरेरी के लिए व्यवस्था नहीं◾ईडी मामले में चिदंबरम को मिली राहत, 26 अगस्त तक नहीं होगी गिरफ्तारी◾एफएटीएफ के एशिया प्रशांत समूह ने पाकिस्तान को काली सूची में डाला◾पश्चिम बंगाल : मंदिर में दीवार गिरने से मची भगदड़ में 4 की मौत, ममता बनर्जी ने किया मुआवजा का ऐलान◾मनमोहन सिंह ने राज्यसभा सदस्य के रूप में ली शपथ◾दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चिदंबरम की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा SC◾SC ने ट्रिपल तलाक को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस ◾कपिल सिब्बल बोले- अर्थव्यवस्था और नागरिकों की आजादी के मकसद को प्रोत्साहन पैकेज की जरूरत◾जयराम रमेश के बाद बोले सिंघवी- मोदी को खलनायक की तरह पेश करना गलत◾जानिए कैसे हुआ आईएनएक्स मीडिया मामले का खुलासा !◾प्रह्लाद जोशी बोले- यदि चिदंबरम बेकसूर हैं तो कांग्रेस को नहीं करनी चाहिए चिंता◾भारत, पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे का द्विपक्षीय ढंग से समाधान निकालना चाहिए : मैक्रों ◾PM मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ बातचीत की ◾योगी आदित्यनाथ ने किया मंत्रियों के विभागों का बंटवारा ◾बहरीन में 200 साल पुराने मंदिर की पुनर्निर्माण परियोजना का शुभारंभ करेंगे PM मोदी◾आईएनएक्स मीडिया मामला बना चिदंबरम की परेशानी का सबब ◾शरद पवार, अन्य के खिलाफ बैंक घोटाला मामले में FIR दर्ज करने का आदेश◾आजम खान की याचिका सुनवाई 29 अगस्त को ◾राजीव गांधी को विशाल बहुमत मिला, लेकिन किसी को डराया-धमकाया नहीं : सोनिया ◾चिदम्बरम की गिरफ्तारी पर विज बोले ‘‘बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी‘‘◾

देश

रामनाथ कोविंद ने SC के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के विधेयक को मंजूरी दी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रधान न्यायाधीश के अलावा उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 30 से बढाकर 33 किए जाने संबंधी एक विधेयक पर दस्तखत कर दिया है। उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक को इसी सप्ताह संसद की मंजूरी मिली थी। 

फिलहाल, शीर्ष न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) समेत कुल 31 पद हैं। कानून लागू होने के बाद सीजेआई को छोड़कर 33 पद होंगे। 

शीर्ष न्यायालय में मामलों की बढती संख्या के मद्देनजर न्यायाधीश के पदों की संख्या में इजाफे के लिए विधेयक लाया गया था। फिलहाल, उच्चतम न्यायालय में करीब 60 हजार मामले लंबित हैं। 

यह फैसला ऐसे वक्त हुआ है, जब कुछ दिन पहले देश के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर शीर्ष न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए पत्र लिखा था। 

विधि मंत्रालय ने 11 जुलाई को राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा था कि शीर्ष अदालत में 59,331 मामले लंबित हैं। प्रधान न्यायाधीश ने कहा था कि न्यायाधीशों की अपर्याप्त संख्या के कारण कानून के सवालों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर फैसले के लिए जरूरत के मुताबिक संविधान पीठ नहीं गठित हो पा रही।