BREAKING NEWS

बिहार में कोरोना काल के बीच मतदान जारी, शुरुआती 2 घंटे में 6.74 प्रतिशत हुआ मतदान ◾Bihar Election : राहुल गांधी और जेपी नड्डा ने लोगों से वोट करने की अपील की, कही ये बात ◾जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के दौरान 2 आतंकवादियों को मार गिराया ◾बिहार चुनाव : कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 71 सीटों के लिए मतदान जारी, पीएम मोदी ने लोगों से की ये अपील ◾बिहार चुनाव : पहले चरण में 16 जिलों की 71 सीटों पर मतदान आज, 1066 प्रत्याशियों के भविष्य का होगा फैसला◾बिहार विधानसभा चुनाव : दूसरे चरण के चुनाव प्रचार के लिए आज PM मोदी और राहुल की कई रैलियां◾अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और एस्पर ने की PM मोदी से मुलाकात◾आज का राशिफल ( 28 अक्टूबर 2020 )◾अर्थव्यवस्था में सुधार, पर 2020-21 में वृद्धि दर नकारात्मक या शून्य के करीब रहेगी : सीतारमण ◾SRH vs DC ( IPL 2020 ) : साहा, वॉर्नर और राशिद ने सनराइजर्स को दिलाई दिल्ली पर जीत◾पोम्पियो के दौरे से भड़का बीजिंग, कहा : 'भारत - चीन' के बीच कलह के बीज बोना बंद करें अमेरिका◾'अश्विनी मिन्ना' मेमोरियल अवार्ड में आवेदन करने के लिए क्लिक करें ◾उमर अब्दुल्ला बोले- नया भूमि कानून स्वीकार नहीं, इस छल से जम्मू-कश्मीर बिकने के लिए तैयार◾अगर आरजेडी सत्ता में आयी तो विकास के कटोरे में छेद हो जायेगा, इनका चरित्र ही अराजक है : जेपी नड्डा ◾भ्रष्टाचार का वंशवाद बड़ी चुनौती, कई राज्यों में राजनीतिक परंपरा का हिस्सा बना: पीएम मोदी◾अनलॉक दिशानिर्देशों में और ढील नहीं , कंटेनमेंट क्षेत्राें में तीस नवम्बर तक लागू रहेगा लॉकडाउन : MHA◾मध्यप्रदेश में भाजपा उम्मीदवार इमरती देवी को EC का नोटिस, कमलनाथ पर की थी विवादित टिप्पणी◾पांच नवंबर तक ऋणदाता कर्जदारों के खातों में ‘ब्याज पर ब्याज’ की रकम जमा करेंगे : केन्द्र सरकार ◾BECA डील के बाद बोले माइक पोम्पिओ- चीन की चालबाजी के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है अमेरिका◾मोदी सरकार का बड़ा फैसला, जम्मू-कश्मीर में सभी के लिए जमीन खरीदने का मार्ग प्रशस्त◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

SC/ST का आरक्षण बना रहेगा, एंग्लो-इंडियन के आरक्षण के लिए दरवाजे बंद नहीं हुए : रविशंकर प्रसाद

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद एवं राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और जनजाति (एससी/एसटी) के आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील करते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि इन दोनों वर्गों के लिए आरक्षण बना रहेगा। ‘संविधान(एक सौ छब्बीस संशोधन) विधेयक-2019’ को चर्चा एवं पारित कराने के लिए सदन में रखते हुए उन्होंने यह भी कहा कि एंग्लो-इंडियन के आरक्षण का प्रस्ताव अभी नहीं आया है, लेकिन इसके लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। 

दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विधि मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एंग्लो-इंडियन समुदाय को संसद और विधानसभा में मिले आरक्षण को बरकरार रखा जाए तथा इस वर्ग की सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक स्थिति का पता करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए। 

राज्यसभा में उठी राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों के लिए संवेदनशील नजरिया अपनाने की मांग

बहरहाल, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने एससी/एसटी के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी और इसके 70 वर्षों के दौरान हर एक दशक पर आगे बढ़ाया गया। वर्तमान में 10 साल की मियाद 25 जनवरी, 2020 को पूरी हो रही है, ऐसे में यह विधेयक लाया गया है ताकि इसे 25 जनवरी, 2030 तक बढ़ाया जा सके। 

उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक कारणों से एससी/एसटी के साथ भेदभाव हुआ, उसी के मुआवजे के रूप में आरक्षण की व्यवस्था की गई। यह हम सबका कर्तव्य है कि हम इन समुदायों के सशक्तीकरण के लिए प्रयास करें। मंत्री ने कहा कि लोकसभा में अनुसूचित जाति के लिए 84 तथा विधानसभाओं में 614 सीटें और जनजाति के लिए 47 सीटें तथा विधानसभाओं 554 सीटें आरक्षित हैं। 

प्रसाद ने कहा कि 2011 की जनगणना की मुताबिक देश में सिर्फ 296 एंग्लो-इंडियन हैं। इस विधेयक में इनके लिए आरक्षण का प्रस्ताव नहीं है, लेकिन इस पर विचार किया जाएगा। अभी इनके लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के हिबी ईडेन ने कानून मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इनकी जो संख्या बतायी गई है, वह सत्य नहीं है और कहीं अधिक है। 

उन्होंने कहा कि एंग्लो-इंडियन का देश के विकास में बड़ा योगदान रहा है और उनके लिए आरक्षण बरकरार रहना चाहिए। ईडेन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एससी/एसटी के लिए आरक्षण की पक्षधर है और इसे 10 साल के लिए बढ़ाए जाने का पूरा समर्थन करती है। उन्होंने यह भी कहा कि एंग्लो-इंडियन वर्ग के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक स्थिति का पता करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए।