BREAKING NEWS

केजरीवाल सरकार ने सर गंगा राम अस्पताल के खिलाफ दर्ज कराई FIR, नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप◾पूर्वी लद्दाख गतिरोध - मोल्डो में खत्म हुई भारत और चीन सेना के बीच लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बातचीत◾UP : एक साथ 25 जिलों में पढ़ाने वाली फर्जी टीचर हुई गिरफ्तार , साल भर में लगाया 1 करोड़ का चूना◾केजरीवाल सरकार ने दिए निर्देश, कहा- बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों को 24 घंटे के अंदर अस्पताल से दें छुट्टी◾एकता कपूर की मुश्किलें बढ़ी, अश्लीलता फैलाने और राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान के आरोप में FIR दर्ज◾बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अमित शाह कल करेंगे ऑनलाइन वर्चुअल रैली, सभी तैयारियां पूरी हुई ◾केजरीवाल ने दी निजी अस्पतालों को चेतावनी, कहा- राजनितिक पार्टियों के दम पर मरीजों के इलाज से न करें आनाकानी◾ED ऑफिस तक पहुंचा कोरोना, 5 अधिकारी कोविड-19 से संक्रमित पाए जाने के बाद 48 घंटो के लिए मुख्यालय सील ◾लद्दाख LAC विवाद : भारत-चीन सैन्य अधिकारियों के बीच बैठक जारी◾राहुल गांधी का केंद्र पर वार- लोगों को नकद सहयोग नहीं देकर अर्थव्यवस्था बर्बाद कर रही है सरकार◾वंदे भारत मिशन -3 के तहत अब तक 22000 टिकटों की हो चुकी है बुकिंग◾अमरनाथ यात्रा 21 जुलाई से होगी शुरू,15 दिनों तक जारी रहेगी यात्रा, भक्तों के लिए होगा आरती का लाइव टेलिकास्ट◾World Corona : वैश्विक महामारी से दुनियाभर में हाहाकार, संक्रमितों की संख्या 67 लाख के पार◾CM अमरिंदर सिंह ने केंद्र पर साधा निशाना,कहा- कोरोना संकट के बीच राज्यों को मदद देने में विफल रही है सरकार◾UP में कोरोना संक्रमितों की संख्या में सबसे बड़ा उछाल, पॉजिटिव मामलों का आंकड़ा दस हजार के करीब ◾कोरोना वायरस : देश में महामारी से संक्रमितों का आंकड़ा 2 लाख 36 हजार के पार, अब तक 6642 लोगों की मौत ◾प्रियंका गांधी ने लॉकडाउन के दौरान यूपी में 44,000 से अधिक प्रवासियों को घर पहुंचने में मदद की ◾वैश्विक महामारी से निपटने में महत्त्वपूर्ण हो सकती है ‘आयुष्मान भारत’ योजना: डब्ल्यूएचओ ◾लद्दाख LAC विवाद : भारत और चीन वार्ता के जरिये मतभेदों को दूर करने पर हुए सहमत◾बीते 24 घंटों में दिल्ली में कोरोना के 1330 नए मामले आए सामने , मौत का आंकड़ा 708 पहुंचा ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

लॉकडाउन को लेकर सोनिया ने कहा- सारी शक्तियां PMO तक सीमित, केंद्र के पास नहीं है रणनीति

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में शुक्रवार को विपक्षी दलों की वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक हुई जिसमें कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के बीच प्रवासी श्रमिकों की स्थिति और मौजूदा संकट से निपटने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों एवं आर्थिक पैकेज पर मुख्य रूप से चर्चा की गयी। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लॉकडाउन से बाहर आने के लिए सरकार के पास कोई रणनीति नहीं होने का दावा किया।

उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के इस समय भी सारी शक्तियां प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक सीमित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस सरकार में संघवाद की भावना को भूला दिया गया है और विपक्ष की मांगों को अनसुना कर दिया गया।उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना वायरस के खिलाफ युद्ध को 21 दिनों में जीतने की प्रधानमंत्री की शुरुआती आशा सही साबित नहीं हुई। ऐसा लगता है कि वायरस दवा बनने तक मौजूद रहने वाला है। मेरा मानना है कि सरकार लॉकडाउन के मापदंडों को लेकर निश्चित नहीं थी । उसके पास इससे बाहर निकलने की कोई रणनीति भी नहीं है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा करने और फिर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पांच दिनों तक इसका ब्यौरा रखे जाने के बाद यह एक क्रूर मजाक साबित हुआ।सोनिया के मुताबिक, "हममें से कई समान विचारधारा वाली पार्टियां मांग कर चुकी हैं कि गरीबों के खातों में पैसे डाले जाएं, सभी परिवारों को मुफ्त राशन दिया जाए और घर जाने वाले प्रवासी श्रमिकों को बस एवं ट्रेन की सुविधा दी जाए।"

पाकिस्तान में कराची एयरपोर्ट के पास बड़ा हादसा, रिहाइशी इलाके के पास गिरा PIA का विमान

उन्होंने कहा, "हमने यह मांग भी की थी कि कर्मचारियों एवं नियोजकों की सुरक्षा के लिए ‘वेतन सहायत कोष’ बनाया जाए। हमारी गुहार को अनसुना कर दिया गया।" उन्होंने कहा, ‘‘ कई जानेमाने अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया है कि 2020-21 में हमारे देश की विकास दर -5 प्रतिशत हो सकती है। इसके नतीजे भयावह होंगे।’’ सोनिया ने कहा, ‘‘मौजूदा सरकार के पास कोई समाधान नहीं होना चिंता की बात है, लेकिन उसके पास गरीबों एवं कमजोर वर्ग के लोगों के प्रति करूणा का नहीं होना हृदयविदारक बात है।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सरकार ने खुद के लोकतांत्रिक होने का दिखावा करना भी छोड़ दिया है। सारी शक्तियां पीएमओ तक सीमित हो गई हैं। संघवाद की भावना जो हमारे संविधान का अभिन्न भाग है, उसे भूला दिया गया है। इसका कोई संकेत नहीं है कि संसद के दोनों सदनों या स्थायी समितियों की बैठक कब बुलाई जाएगी।’’ सोनिया ने विपक्षी दलों के नेताओं से कहा, ‘‘रचनात्मक आलोचना करना, सुझाव देना, और लोगों की आवाज बनना हमारा कर्तव्य है। इसी भावना के साथ हम बैठक कर रहे हैं।’’