BREAKING NEWS

दिल्ली हिंसा में शामिल 106 लोग गिरफ्तार सहित 18 एफआईआर दर्ज, दिल्ली पुलिस ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर◾मुख्यमंत्री केजरीवाल ने किया हिंसाग्रस्त उत्तर-पूर्वी दिल्ली का दौरा ◾अपने दौरे के बाद एनएसए डोभाल ने गृह मंत्री अमित शाह को उत्तर पूर्वी दिल्ली में मौजूदा हालात की जानकारी दी◾एनएसए डोभाल ने किया दंगा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, बोले- उत्तर पूर्वी दिल्ली में हालात नियंत्रण में ◾TOP 20 NEWS 26 February : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾शहीद हेड कांस्टेबल रतन लाल के परिवार को 1 करोड़ और एक सदस्य नौकरी देंगे - अरविंद केजरीवाल ◾दिल्ली HC ने पुलिस को भड़काऊ बयान देने वाले BJP नेताओं पर FIR करने की दी सलाह◾दिल्ली हिंसा में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर हुआ 22, संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात◾दिल्ली हिंसा : IB अफसर अंकित शर्मा का मिला शव, हिंसा ग्रस्त इलाको में जारी है तनाव ◾हिंसा पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, कहा-देश में एक और 1984 नहीं होने देंगे◾दिल्ली हिंसा पर PM मोदी की लोगों से अपील, ट्वीट कर लिखा-जल्द से जल्द बहाल हो सामान्य स्थिति◾दिल्ली हिंसा : हाई कोर्ट ने कपिल मिश्रा का वीडियो क्लिप देख कर पुलिस को लगाई कड़ी फटकार ◾सीएए हिंसा पर प्रियंका गांधी ने लोगों से की अपील, बोली- हिंसा न करें, सावधानी बरतें ◾सोनिया गांधी ने दिल्ली हिंसा को बताया सुनियोजित, गृहमंत्री से की इस्तीफे की मांग◾दिल्ली हिंसा : हेड कांस्टेबल रतनलाल को दिया गया शहीद का दर्जा, पत्नी को नौकरी के साथ मिलेंगे 1 करोड़ ◾सुप्रीम कोर्ट ने सीएए हिंसा को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, याचिकाओं पर सुनवाई से किया इनकार ◾दिल्ली में हुई हिंसा के बाद यूपी में हाई अलर्ट, संवेदनशील जिलों में पुलिस बलों के साथ पीएसी तैनात ◾राजस्थान के बूंदी में नदी में बस गिरने से 24 लोगों की मौत, मृतकों में 3 बच्चे शामिल◾दिल्ली के तनावपूर्ण इलाके छावनी में तब्दील, सुरक्षा बलों के फ्लैगमार्च के साथ स्पेशल सीपी ने किया दौरा◾शाहीन बाग मुद्दे को लेकर 23 अप्रैल को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट◾

PM मोदी को खत लिखने वाली 49 हस्तियों को राहत, जल्द रद्द होगा केस

देश में मॉब लिंचिंग के मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खुला खत लिखने वाले इतिहासकार रामचन्द्र गुहा, फिल्मकार श्याम बेनेगल और मणिरत्नम समेत 49 लोगों के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर में दर्ज प्राथमिकी के देशद्रोह समेत सभी आरोप गलत पाए गए और अब पुलिस याचिकाकर्ता अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा पर कार्रवाई किये जाने की तैयारी कर रही है। 

मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने आज यहां बताया कि अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा की ओर से 27 जुलाई 2019 को दायर किये गये परिवाद पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सूर्यकांत तिवारी के आदेश के बाद उनके माध्यम से यह प्राथमिकी 02 अक्टूबर को दर्ज हुई है। 

प्राथमिकी में इतिहासकार रामचन्द्र गुहा, फिल्मकार श्याम बेनेगल, निर्माता-निदेशक मणिरत्नम, अभिनेत्री अपर्णा सेन, रेवती, कोंकणा सेन, निर्माता अरुण गोपाल कृष्ण, अभिनेता सौमित्र चटर्जी और गायिका शुभा मुद्गल समेत 49 लोगों के नाम हैं। भारतीय दंड विधान की धारा 124ए, 153बी, 160, 290, 297, 504 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इसमें देशद्रोह, उपद्रव करने, शांति भंग करने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराएं लगाई गईं हैं। 

अदालत ने पुलिस अधीक्षक को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर 11 नवंबर 2019 तक मामले की जांच पूरी करने का आदेश दिया था। वहीं, अधिवक्ता श्री ओझा ने अपनी याचिका में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी को खुला खत लिखने और इसका विभिन्न मीडिया माध्यमों से प्रचार-प्रसार करने से पूरी दुनिया में देश और प्रधानमंत्री श्री मोदी की छवि धूमिल हुई है।

श्री कुमार ने बताया कि सदर थाने के अवर निरीक्षक (एसआई) एवं इस मामले के जांच अधिकारी हरेराम पासवान ने अपने अनुसंधान में पाया कि इन दिग्गजों पर लगाये गए कोई भी आरोप सत्य नहीं है। साथ ही याचिकाकर्ता श्री ओझा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं कर पाए। 

वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एसआई श्री पासवान की रिपोर्ट में की गयी अनुशंसाओं के आधार पर उन्होंने स्वयं सुपरविजन किया और उन्होंने भी सभी आरोप गलत पाए। 

उन्होंने कहा कि पुलिस अब न्यायालय से भारतीय दंड विधान की धारा 211 और 182 क आधार पर याचिकाकर्ता श्री ओझा के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की प्रार्थना करेगी। 

वहीं, श्री ओझा ने कहा कि उन्होंने अभी तक अपनी याचिका वापस नहीं ली है। उन्होंने कहा कि अवकाश समाप्त होने के बाद न्यायालय खुलते ही वह पुलिस की इस रिपोर्ट का विरोध करेंगे। 

इस बीच राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक जितेंद, कुमार ने पटना में बताया कि अनुसंधान पदाधिकारी ने जांच के क्रम में इन हस्तियों के विरुध्द लगाए गए किसी भी आरोप की सत्य नहीं पाया है। उन्होंने कि इस रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों पर से देशद्रोह का मुकदमा वापस लिए जाने की उम्मीद है।