BREAKING NEWS

गुजरात में भी विफल मीम-भीम गठजोड़, सर्वे ने सभी को चौंकाया, भाजपा को सबसे आगे दिखाया ◾Tamil Nadu: सीएम स्टालिन ने कहा- उत्तर भारत के पेरियार हैं अंबेडकर◾UP News: सपा विधायक अतुल प्रधान ने किया सदन की कार्यवाही का फेसबुक पर सीधा प्रसारण, हुई कार्रवाई◾संसद में मचेगा घमासान! विपक्ष की महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने की तैयारी◾Uttarakhand: अदालत का अहम फैसला- पत्नी का गला घोंटकर मारने वाले पति को आजीवन कारावास दिया ◾Gold Rate Today Price: दिन के खत्म होते ही सोने में भारी चमक, 118 रूपये दर्ज की गई बढ़ोत्तरी◾UP News: विधानसभा का शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित◾UP News: योगी आदित्यनाथ ने कहा- देश में सर्वश्रेष्ठ मानकों पर कार्य कर रहा है उप्र का होमगार्ड विभाग◾Border dispute: शरद पवार ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री को दिया अल्टीमेटम, क्या थमेगा विवाद? ◾TMC, JD(U), SAD की महिला आरक्षण विधेयक पर आमसहमति बनाने के लिये सर्वदलीय बैठक की मांग◾किसानों का बड़ा ऐलान: केंद्र सरकार के खिलाफ शुक्रवार को जंतर-मंतर पर करेंगे प्रदर्शन◾केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा- अवैध खनन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है ड्रोन◾ईदगाह मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करने जा रहे अखिल भारत हिंदू महासभा का नेता हुआ गिरफ्तार ◾गोखले को हिरासत में लेने पर बयानबाजी शुरू, अभिषेक बनर्जी बोले- डरी हुई है भाजपा◾आतंकियों के निशाने पर कश्मीरी हिन्दू, TRF ने हिटलिस्ट जारी कर दी धमकी ◾CBI को मिली बड़ी कामयाबी, उत्तर रेलवे के एक इंजीनियर को दबोचा, दो करोड़ रूपए किए बरामद◾गुजरात में भाजपा की होगी जीत! सीएम बोम्मई ने कहा- इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव कर्नाटक में पडे़गा◾महाराष्ट्र के ट्रकों को बलगावी के पास रोककर की गई पत्थरबाजी, फडणवीस कर्नाटक के सीएम पर भड़के◾PM मोदी ने तेजस्वी यादव से की बात, राजद सुप्रीमो के स्वास्थ्य का जाना हाल ◾सावधान! अगर अब भी नहीं सुधरें तो 35 से कम उम्र में आ सकता है Heart Attack◾

SC ने महिलाओ के पक्ष में सुनाया बड़ा फैसला, कहा- विवाहित महिला की जबरन प्रेगनेंसी को माना जा सकता है रेप

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा की अगर किसी शादी-शुदा महिला को जबरजस्ती गर्भवती करते है तो उसे मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी ऐक्ट के तहत बलात्कार माना जा सकता है। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि शादीशुदा महिलाओं की तरह अविवाहित महिलाएं भी बिना किसी की इजाजत के 24 हफ्ते तक का गर्भपात करा सकती हैं। इस दौरान कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि विवाहित हो या अविवाहित सभी महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात का अधिकार है।

बलात्कार का मतलब होता है की बिना सहमति के शारीरिक संबंध बनाना 

महिलाओं के एबॉर्शन और अपने शरीर पर स्वयं का अधिकार बताते हुए उच्चन्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, "विवाहित महिलाएं भी बलात्कार की शिकार हो सकती हैं। बलात्कार का मतलब होता है की बिना सहमति के शारीरिक संबंध बनाना और साथी द्वारा हिंसा एक सच्चाई है। ऐसे में महिला जबरन गर्भवती भी हो सकती है। कोर्ट ने कहा कि अगर इस तरह विवाहित महिला जबरन सेक्स के कारण गर्भवती हो जाती है तो वह भी रेप की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने कहा, कोई भी प्रेगनेंसी जिसमें महिला कहे कि यह जबरन हुई है तो उसे रेप माना जा सकता है।

कानून संकीर्ण आधार पर वर्गीकरण नहीं कर सकता

मौजूदा नियमों के अनुसार तलाकशुदा, विधवा महिलाएं 20 सप्ताह के बाद एबॉर्शन नहीं करा सकती हैं। वहीं अन्य महिलाओं के लिए 24 सप्ताह तक एबॉर्शन करने की इजाजत है। इस पर कोर्ट ने कहा कि कानून संकीर्ण आधार पर वर्गीकरण नहीं कर सकता। गर्भावस्था को जारी रखना या एबॉर्शन कराना, यह महिला के अपने खुद के शरीर पर अधिकार से जुड़ा मामला है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि किसी महिला से यह अधिकार छीन लेना उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने के बराबर है। 25 साल की एक अविवाहित युवती 24 सप्ताह की प्रेगनेंट को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने यह फैसला सुनाया है।