BREAKING NEWS

राहुल और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के 203 नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज◾गांधी की विचारधारा से प्रभावित मोदी सरकार : राष्ट्रपति कोविंद◾एयर मार्शल आर.डी. माथुर ने वायुसेना प्रशिक्षण कमान के नए प्रमुख का कार्यभार संभाला◾राहुल, प्रियंका को हिरासत में लिए जाने से गुस्साए कांग्रेस नेता, कहा - UP में है ‘जंगल राज’ ◾CJI, सात वरिष्ठ न्यायाधीश 5 अक्टूबर से करेंगे PIL, सामाजिक न्याय के विषयों पर सुनवाई ◾MI vs KXIP ( IPL 2020 ) : मुंबई इंडियंस ने किंग्स इलेवन पंजाब को 48 रन से हराया◾कांग्रेस नेता अहमद पटेल और आरपीएन सिंह कोविड-19 से संक्रमित◾हाथरस की घटना पर इलाहाबाद HC सख्त, उप्र सरकार को नोटिस, DM-SP तलब◾ IPL 2020 KXIP vs MI : हार्दिक-पोलार्ड की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी, मुम्बई ने पंजाब को दिया 192 रनों का लक्ष्य◾दिल्ली में कोरोना के 3037 नए मामले की पुष्टि, 40 और मरीजों की मौत ◾हाथरस, बलरामपुर के बाद यूपी के भदोही में दलित किशोरी से बर्बरता, सिर कुचलकर हत्या◾यूपी पुलिस के ADG का बड़ा दावा - हाथरस की घटना में लड़की से नहीं हुआ बलात्कार, गलत बयानी की गई◾राहुल - प्रियंका पर यूपी सरकार के मंत्री का तंज - ये जो 'भाई-बहन' दिल्ली से चले हैं, उन्हें राजस्थान जाना चाहिये◾हाथरस गैंगरेप : पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे राहुल-प्रियंका को पुलिस ने हिरासत में लिया◾प्रियंका और राहुल के काफिले को पुलिस ने परी चौक पर रोका, परिवार से मिलने के लिए हाथरस के लिये पैदल निकले◾हाथरस गैंगरेप पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गर्दन पर चोट के निशान और टूटी थीं हड्डियां ◾सीएम गहलोत का आरोप - बारां की घटना को लेकर जनता को गुमराह कर रहा है विपक्ष ◾ हाथरस गैंगरेप : प्रियंका और राहुल के दौरे के मद्देनजर जिले की सभी सीमाएं सील ◾बलरामपुर में गैंगरेप की घटना को लेकर कांग्रेस ने UP सरकार पर साधा निशाना, किया यह दावा ◾देश में पिछले 24 घंटो में कोरोना के 86,821 मामलों की पुष्टि, मरीजों का आंकड़ा 63 लाख के पार ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

SC : एलजी ही 'दिल्ली के बॉस' ,केजरीवाल सरकार को झटका

नई दिल्ली: उपराज्यपाल को दिल्ली का प्रशासनिक प्रमुख बताने वाले, दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार की विभिन्न याचिकाओं पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने ने सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए केजरीवाल सरकार को गहरा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने स्पष्ट किया कि केजरीवाल सरकार को स‌ंविधान के दायरे में रहना होगा। पहली नजर में एलजी के अधिकार राज्य सरकार से ज्यादा हैं।

कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार को भी संविधान के दायरे में काम करना होगा क्योंकि भूमि, पुलिस और पब्लिक आर्डर पर उसका नियंत्रण नहीं है। ऐसा लगता है दिल्ली सरकार कानून के दायरे में रहकर काम नहीं करना चाह रही। अगर दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच कोई मतभेद होगा तो मामले को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। बता दें कि दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें चुनी हुई सरकार पर उपराज्यपाल की सर्वोंच्चता को चुनौती दी गई है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में एलजी को दिल्ली सरकार से ऊपर करार दिया था।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने अपनी दलीलें पेश कीं। संविधान पीठ में प्रधान न्यायाधीश मिश्रा के अलावा न्यायमूर्ति ए. के. सीकरी, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर, न्यायमूर्ति डी. वाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति अशोक भूषण भी शामिल रहे। शीर्ष न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली आप सरकार की याचिकाओं को 15 फरवरी को संविधान पीठ के पास भेज दिया । दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि दिल्ली राज्य नहीं है और उपराज्यपाल उसका प्रशासनिक प्रमुख है।