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IT नियमों पर याचिकाओं को HC से स्थानांतरित करने की केंद्र की अर्जी को SC ने लंबित मामले से जोड़ा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि नये सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को विभिन्न उच्च न्यायालयों से स्थानांतरित करके शीर्ष अदालत को भेजने की केंद्र की याचिका ओटीटी (ओवर द टॉप) प्लेटफॉर्मों के नियमन से संबंधित लंबित मामले के साथ 16 जुलाई को सुनी जाएगी।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने केंद्र की याचिका को एक लंबित विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) के साथ सलंग्न कर दिया जिसमें शीर्ष अदालत ने इस साल मार्च में ओटीटी प्लेटफॉर्म के नियमन से संबंधित अनेक याचिकाओं पर विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। पीठ ने कहा, ‘‘हम इसे (केंद्र की याचिका को) एसएलपी के साथ जोड़ेंगे।’’ मामला 16 जुलाई को एक उचित पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

केंद्र की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से अनुरोध किया कि नये सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। मामले में एक अधिवक्ता ने पीठ से कहा कि लंबित याचिका नये नियमों से पहले की है।

नये आईटी नियमों के अनुसार सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग कंपनियों को विवादास्पद विषयवस्तु तत्काल हटानी होगी, शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी और जांच में सहयोग देना होगा। नये नियमों में ऑनलाइन मीडिया पोर्टल और प्रकाशक, ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया मंचों के कामकाज पर नियमन के भी प्रावधान हैं। नये आईटी नियमों को चुनौती देने वाली अनेक याचिकाएं विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित हैं जिनमें दिल्ली और मद्रास उच्च न्यायालय शामिल हैं।

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