BREAKING NEWS

‘‘ अडानी बुलबुला’’ को लेकर राहुल गांधी की भविष्यवाणी हुई सच : दिग्विजय◾मालीवाल को हार्वर्ड विश्वविद्यालय में सम्मेलन में वक्ता के तौर पर आमंत्रित किया गया : DCW◾CM योगी बोले- आने वाले समय में फार्मा का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरने जा रहा उत्तर प्रदेश◾महादयी मुद्दे पर टिप्पणी करने से केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का इनकार, कांग्रेस ने की ये मांग ◾ED ने पंजाब में मादक पदार्थों से जुड़े धनशोधन मामले में छापेमारी के दौरान हथियार बरामद किए ◾पाकिस्तान: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तालिबान के दो कमांडर मार गिराए ◾केंद्र ने तमिलनाडु से विमान ईंधन पर वैट घटाने का किया आग्रह◾RSS defamation case: कोर्ट चार मार्च को राहुल गांधी की याचिका पर सुनाएगी आदेश◾वंदे भारत में भोजन की खराब गुणवत्ता की मिली शिकायत◾मस्क: लीगेसी सत्यापित खाते जल्द ही अपने ब्लू बैज खो देंगे ◾कांग्रेस का आग्रह- सिद्धू को जेल से रिहा करने पर विचार करें CM मान◾अजय मकान ने कहा- 'केजरीवाल ने कांग्रेस को हराने के लिए शराब घोटाला किया'◾Mumbai : मुंबई फायर ब्रिगेड भर्ती' में पुलिस और महिलाओं के बीच जमकर हुई झड़प, पुलिस ने चलाई लाठी ? ◾अभिषेक बनर्जी का आरोप- पश्चिम बंगाल को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है केंद्र◾ MP Election 2023: अब MP के चुनावी मैदान में उतरेगी AAP, 230 सीटों पर लडे़ेंगे चुनाव◾सेना का बड़ा फैसला, अब ‘अग्निवीर’ भर्ती प्रक्रिया में पहले देनी होगी ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा◾सेना का बड़ा फैसला, अब ‘अग्निवीर’ भर्ती प्रक्रिया में पहले देनी होगी ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा◾Doda Cracks: जोशीमठ और उत्तराखंड के बाद अब जम्मू-कश्मीर की जमीन में आई दरारे, स्टडी करने पहुंची टीम◾ बजट में से 200 करोड़ काटकर तालिबान को देने पर CM केजरीवाल ने सरकार पर उठाए सवाल ◾कर्नाटक चुनाव पर बोले बीएस येदियुरप्पा, कहा- 'इस बार भी बीजेपी का आना तय'◾

विदेशों से वैक्सीन की खरीद के लिए कई राज्य निकाल रहे हैं वैश्विक निविदाएं, क्या यह सरकार की नीति है : SC

उच्चतम न्यायालय ने विभिन्न राज्यों द्वारा कोरोना वायरस रोधी टीकों की खरीद के लिए वैश्विक निविदाएं जारी करने के बीच सोमवार को केंद्र से पूछा कि उसकी टीका-प्राप्त करने की नीति क्या है। इसके साथ ही उसने टीकाकरण से पहले कोविन ऐप पर अनिवार्य रूप से पंजीयन करवाने की जरूरत पर भी सवाल उठाए और कहा कि नीति निर्माताओं को जमीनी हकीकत से वाकिफ होना चाहिए तथा ‘डिजिटल इंडिया’ की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस रवीन्द्र भट की तीन सदस्यीय विशेष पीठ कोरोना वायरस के मरीजों को आवश्यक दवाओं, टीकों तथा चिकित्सीय ऑक्सीजन की आपूर्ति से जुड़े मामले का स्वत: संज्ञान ले कर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि केंद्र ने टीकाकरण के लिए कोविन ऐप पर पंजीयन अनिवार्य किया है तो ऐसे में वह देश में जो डिजिटल विभाजन का मुद्दा है उसका समाधान कैसे निकालेगी।

पीठ ने पूछा, ‘‘आप लगातार यही कह रहे हैं कि हालात पल-पल बदल रहे हैं लेकिन नीति निर्माताओं को जमीनी हालात से अवगत रहना चाहिए। आप बार-बार डिजिटल इंडिया का नाम लेते हैं लेकिन ग्रामीण इलाकों में दरअसल हालात अलग हैं। झारखंड का एक निरक्षर श्रमिक राजस्थान में किसी तरह पंजीयन करवाएगा? बताईए कि इस डिजिटल विभाजन को आप किस तरह दूर करेंगे?’’

न्यायालय ने कहा, ‘‘आपको देखना चाहिए कि देशभर में क्या हो रहा है। जमीनी हालात आपको पता होने चाहिए और उसी के मुताबिक नीति में बदलाव किए जाने चाहिए। यदि हमें यह करना ही था तो 15-20 दिन पहले करना चाहिए था।’’ सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को सूचित किया कि पंजीयन अनिवार्य इसलिए किया गया है क्योंकि दूसरी खुराक देने के लिए व्यक्ति का पता लगाना आवश्यक है। जहां तक ग्रामीण इलाकों की बात है तो वहां पर सामुदायिक केंद्र हैं जहां पर टीकाकरण के लिए व्यक्ति पंजीयन करवा सकते हैं।

पीठ ने मेहता से पूछा कि क्या सरकार को ऐसा लगता है कि यह प्रक्रिया व्यवहार्य है। पीठ ने उसने नीति संबंधी दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया। पीठ ने सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा, ‘‘कोविड रोधी विदेशी टीकों की खरीद के लिए कई राज्य वैश्विक निविदाएं निकाल रहे हैं, क्या यह केंद्र सरकार की नीति है? ’’ इसमें पीठ ने पंजाब और दिल्ली जैसे राज्यों तथा मुंबई की महानगर पालिका का जिक्र किया।

इस दौरान केंद्र ने न्यायालय को बताया कि टीकों के लिहाज से पात्र संपूर्ण आबादी का 2021 के अंत तक टीकाकरण किया जाएगा। मेहता ने पीठ को सूचित किया कि फाइजर जैसी कंपनियों से केंद्र की बात चल रही है। अगर यह सफल रहती है तो साल के अंत तक टीकाकरण पूरा करने की समय-सीमा भी बदल जाएगी।

पीठ ने कहा, ‘‘क्या यह केंद्र सरकार की नीति है कि राज्य या नगर निकाय टीकों की खरीद कर सकते हैं या फिर केंद्र सरकार नोडल एजेंसी की तरह उनके लिए खरीद करने वाली है? हम इस पर स्पष्टीकरण चाहते हैं और नीति के पीछे क्या तर्क है यह जानना चाहते हैं।’’

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को मिली दिल्ली HC की हरी झंडी, कहा- आवश्यक परियोजना है, काम रहेगा जारी