BREAKING NEWS

निर्मला सीतारमण पूर्व PM एच डी देवेगौड़ा का हालचाल जानने पहुंचीं◾America Cyclone : अमेरिका के फ्लोरिडा में चक्रवात से भारी तबाही, बिजली गुल होने से 25 लाख लोग प्रभावित◾दशहरे पर हैदराबाद में मंच सजाएंगे केसीआर, राष्ट्रीय दल की करेंगे घोषणा ◾गहलोत को झटका, सचिन को ताज ? सोनिया गांधी से दोनों के मुलाकात अलग -अलग मायने◾Congress: सोनिया गांधी अगले दो दिन के अंदर सीएम पद के लिए करेगी फैसला, जानें पूरी मिस्ट्री ◾दिग्विजय सिंह का कांग्रेस अध्यक्ष बनना तय ? परिस्थिति के अनुसार बदलते गए समीकरण ◾2023 में ही तेजस्वी को सीएम बनाएंगे नीतीश ? आरजेड़ी नेता के बयान को लगी सियासी हवा ◾पंजाब : चर्च में तोड़फोड़, धार्मिक तनाव, छावनी में तब्दील हुआ घटनास्थल◾Maharashtra: ठाकरे का एकनाथ शिंदे पर तीखा वार- भगवा ध्वज दिल में होना चाहिए, केवल हाथ में नहीं ◾14 साल पहले गोद ली गई लड़की ने आशिक के साथ मिलकर घोटा पिता का गला, दोनों गिरफ्तार ◾इशारों-इशारों में अखिलेश ने दिए मायावती से फिर दोस्ती के संकेत, सपा और बसपा का हो सकता है गठबंधन?◾कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे अशोक गहलोत, सोनिया से मांगी माफी◾असम में दर्दनाक हादसा, ब्रह्मपुत्र नदी में नाव डूबने से 10 लोग लापता, SDRF- NDRF ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया ◾पीएफआई को केरल हाईकोर्ट ने दी बड़ी चोट, हिंसा में तोड़फोड़ का वसूला जाएगा हर्जाना ◾बिहार : बालू माफियाओं के बीच वर्चस्व की खूनी जंग, पांच लोगों की हत्या ◾राहुल गांधी के कर्नाटक दौरे से पहले फटे पोस्टर, कांग्रेस ने भाजपा पर उठाए सवाल ◾बिहार बीजेपी का अगला अध्यक्ष कौन ? गठबंधन टूटने के बाद सियासी समीकरणों को साधने की कोशिश◾UP News: अलीगढ़ की मीट फैक्ट्री में हादसा, अमोनिया गैस का हुआ रिसाव, 50 मजदूर बेहोश, DM-SP मौके पर मौजूद ◾दिग्विजय भी लड़ेंगे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव, कल दाखिल करेंगे नामांकन पत्र ◾उत्तर प्रदेश : छोटी सी बात को लेकर हुआ पति-पत्नी में विवाद, लेनी पड़ी एक अपनी जान ◾

लखीमपुर हत्याकांड पर SC आज करेगा सुनवाई, पिछली याचिका में कोर्ट ने योगी सरकार को लगाई थी फटकार

उच्चतम न्यायालय आज लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले की अगली सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन और न्यायमूर्ति सूर्य कांत एवं न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ के समक्ष जनहित याचिका के तहत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई है। गत 26 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली इस पीठ ने मामले की सुनवाई की थी। इस दौरान पीठ ने मामले की जांच में ढीले रवैया पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को फटकार लगाई थी। न्यायालय ने गवाहों की सुरक्षा का आदेश देते हुए सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने में तेजी लाने का आदेश दिया था।

लखीमपुर में प्रदर्शनकारी चार किसानों समेत आठ लोगों की हुई थी मौत

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को प्रदर्शनकारी चार किसानों समेत आठ लोगों की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा आरोपियों में शामिल है। पुलिस ने आशीष समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

 कार में अन्य आरोपियों के साथ आशीष भी सवार था

एक साल से आंदोलनरत किसान तीन अक्टूबर को केंद्रीय राज्य मंत्री के पैतृक गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आगमन का सड़कों पर विरोध कर रहे थे। आरोप है कि प्रदर्शनकारी किसानों को आशीष की कार से कुचल दिया गया। इस कार में अन्य आरोपियों के साथ आशीष भी सवार था। हालांकि आशीष ने उस कार में मौजूद होने से इनकार किया था। कार से कुचलकर चार आंदोलनकारी किसानों की मृत्यु के बाद भड़की हिंसा में चार अन्य लोग मारे गए थे, जिनमें एक कार चालक और एक स्थानीय पत्रकार शामिल हैं। हिंसक भीड़ में ने कई गाड़यिं में आग लगा दी थी।

जांच में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जा रही है-SC

पीठ ने सुनवाई के दौरान इस घटना को ‘जघन्य हत्या’ करार दिया था तथा सरकार को गंभीरता से मामले की जांच के आदेश दिये थे। पिछली सुनवाई के दौरान सरकार ने पीठ को बताया कि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जा रही है। सरकार की ओर से कहा गया था कि 68 गवाहों में 30 के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज की जा चुकी है। शीर्ष न्यायालय ने गवाहों की कम संख्या कम बताते हुए कड़ी टिप्पणियां की थीं और कहा था कि सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में हुई घटना में सिर्फ 68 गवाह हैं? उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था, जिसे दो वकीलों के पत्रों के आधार पर जनहित याचिका में तब्दील कर दिया गया था। वकीलों की ओर से इस मामले की न्यायिक जांच और सीबीआई जांच की मांग की गई है।

कई किसान संगठन  नए कृषि कानूनों के खिलाफ देशव्यापी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं

गौरतलब है कि कई किसान संगठन केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ देशव्यापी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। करीब 40 से अधिक किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले राजधानी दिल्ली की सीमाओं के अलावा देश के अन्य हिस्सों में लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

किसान संगठन- केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों- कृषक उपज व्यापार (वाणिज्य संवर्धन और सरलीकरण) कानून-2020, कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार कानून-2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून-2020 का विरोध कर रहे हैं। किसानों के विरोध के मद्देनजर शीर्ष अदालत ने जनवरी में इन कानूनों के लागू किए जाने पर रोक लगा दी थी।

2015 के बेअदबी मामले में पंजाब पुलिस की SIT करेगी डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम से पूछताछ