पहलगाम : जम्मू कश्मीर में वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले यहां नुनवान आधार शिविर को सुरक्षा की दृष्टि से किले में बदल दिया गया है। पिछले साल यात्रा पर हुए आतंकी हमले के मद्देनजर इस वर्ष किसी की साजिश को नाकाम करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उस हमले में आठ तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी और सात अन्य घायल हो गए थे। इस साल यह यात्रा गुरूवार से शुरू हो रही है।  दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पर्यटक शहर के प्रवेश द्वार पर स्थित नुनवान आधार शिविर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों को तैनात किया गया है। इस शहर को ‘ चरवाहों की घाटी ’ के नाम से भी जाना जाता है। पहली सुरक्षा जांच चौकी लंगाबल पुल के पास बनाई गई है जहां पहलगाम आने और जाने वाली हर गाड़ी की जांच की जा रही है। लिद्दर नदी के दोनों ओर सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि आतंकवादियों की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके। इसके अलावा , सीसीटीवी कैमरे , मेटल डिटेक्टर और एक्स रे मशीनों को भी लगाया है ताकि प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी को रोका जा सके और कड़ी नजर भी रखी जा सके।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया , ‘‘ हम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि पिछले साल आतंकवादी एक बस को निशाना बनाने में कामयाब रहे थे लेकिन इस साल हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि यात्रा सुचारू रूप से हो जाए। ’’ पुलिस , अर्द्धसैनिक और खुफिया अधिकारियों ने पहलगाम के आसपास अपना शिविर स्थापित कर लिया है। अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर पिछले एक साल से ज्यादा वक्त से अशांत रहा है। वहां आतंकवादी संबंधी घटनाएं भी हो रही हैं और कानून एवं व्यवस्था की भी समस्या है। हमने इस तरह की घटनाओं से तीर्थयात्रियों को बचाने के लिए दो – स्तरीय रणनीति बनाई है। यात्रा पहलगाम और बालटाल मार्गों से अमरनाथ के लिए रवाना होगी। एक शिविर से दूसरे शिविर जाने के लिए एक निश्चित समयसीमा निर्धारित होगी। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने यात्रा के दौरान ‘‘ क्या करें और क्या न करें’’ वाली सूची जारी की है।  राजधानी श्रीनगर में मुख्य सचिव बी वी आर सुब्रह्मण्यम ने यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन को कई निर्देश जारी किए हैं।

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