BREAKING NEWS

भारत चालू वित्त वर्ष में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा - सरकारी सूत्र◾महाराष्ट्र में कोरोना ने फिर दी दस्तक , 1,877 नए मामले आये सामने , 5 की मौत◾भाजपा ने AAP पर साधा निशाना , कहा - फेल हो गया है केजरीवाल का दिल्ली मॉडल◾जल्द CNG और PNG के दाम होंगे कम, सरकार ने शहर गैस वितरण कंपनियों को बढ़ाई आपूर्ति◾जातिगत जनगणना के बहाने ओमप्रकाश राजभर का नीतीश सरकार पर तंज- 'जल्द साबित करिये कि आप...' ◾'उपराष्ट्रपति बनने की इच्छा' BJP के आरोपों को CM नीतीश ने नकारा, बोले- 'जिसको जो बोलना है बोलते रहें'◾SCO Summit 2022: भारत-पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की होगी मुलाकात, 6 साल बाद दिखेगा ये नजारा◾गृहमंत्रालय की गाइड लाइन्स : 15 अगस्त के कार्यक्रमों में न बजें फ़िल्मी गाने , इन नियमों का हो पालन ◾सुशील मोदी पर भड़के सीएम नीतीश, पूर्व उपमुख्यमंत्री के दावों को बताया 'बकवास'◾मप्र: जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनें , अनुमति न मिलने पर किया चक्काजाम◾महाराष्ट्र: एकनाथ शिंदे के 'मिनी कैबिनेट' में 75 फीसदी मंत्रियों के खिलाफ दर्ज अपराधिक मामले◾ गोवा सीएम का केजरीवाल पर पलटवार, बोले- स्कूल चलाने के लिए हमें सलाह की नहीं जरूरत ◾नीतीश को अवसरवादी बताने पर तेजस्वी का भाजपा पर तंज - जो बिकेगा उसे खरीद लो है इनकी नीति ◾प्रधानमंत्री ने पीएमओ में कार्यरत कर्मचारियों की बेटियों से बंधवाई राखी, देशवासियों को दी शुभकामनायें ◾शिवसेना का बीजेपी पर प्रहार, कहा- मोदी के लिए नीतीश ने खड़ा किया तूफ़ान◾28 अगस्त को महंगाई पर 'हल्ला बोल रैली' करेगी कांग्रेस, कहा - पीएम हताश है और जनता त्रस्त ◾जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली, राजघाट जा कर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि ◾मेस का खाना देखकर रोया कॉन्स्टेबल, बोला- मिलती हैं पानी वाली दाल और कच्ची रोटियां◾बिहार में मंत्रिमंडल को लेकर RJD की नजर 'ए टू जेड' पर, मंत्रियों की सूची पर लालू लगाएंगे अंतिम मुहर ◾बिज़नेस टाइकून एलन मस्क ने टेस्ला में अपने 80 लाख शेयर बेचे, क्या फिर करने जा रहे है बड़ा धमाका ◾

इंटरनेट पर मदद मांग रहे नागरिकों की सुननी चाहिए आवाज, महामारी की दूसरी लहर है राष्ट्रीय संकट : सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि इंटरनेट पर मदद की गुहार लगा रहे नागरिकों पर रोक इस आधार पर नहीं लगाई जानी चाहिए कि वे गलत शिकायत कर रहे हैं। न्यायालय ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर राष्ट्रीय संकट है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा, ‘‘ सूचना का निर्बाध प्रवाह होना चाहिए।’’

शीर्ष अदालत ने केंद्र, राज्यों और सभी पुलिस महानिदेशकों को निर्देश दिया कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति पर अफवाह फैलाने के आरोप पर कोई कार्रवाई नहीं करे जो इंटरनेट पर ऑक्सीजन, बिस्तर और डॉक्टरों की कमी संबंधी पोस्ट कर रहे हैं। पीठ ने साफ तौर पर कहा कि पेरशान नागरिकों के ऐसे किसी भी पोस्ट पर कार्रवाई होने पर हम उसे अदालत की अवमानना मानेंगे।

न्यायालय ने टिप्पणी की कि अग्रिम मोर्चे पर कार्य कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी इलाज के लिए अस्पताल में बिस्तर नहीं मिल रहे हैं। पीठ ने कहा कि हमें 70 साल में स्वास्थ्य अवसंरचना की, जो विरासत मिली है, वह अपर्याप्त है और स्थिति खराब है। शीर्ष अदालत ने कहा कि छात्रावास, मंदिर, गिरिजाघरों और अन्य स्थानों को कोविड-19 मरीज देखभाल केंद्र बनाने के लिए खोलना चाहिए।

पीठ ने कहा कि केंद्र को राष्ट्रीय टीकाकरण मॉडल अपनाना चाहिए क्योंकि गरीब आदमी टीका के लिए भुगतान करने में सक्षम नहीं होगा। न्यायालय ने पूछा, ‘‘हाशिये पर रह रहे लोगों और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की आबादी का क्या होगा?क्या उन्हें निजी अस्पतालों की दया पर छोड़ देना चाहिए?’’ न्यायालय ने कहा कि सरकार विभिन्न टीकों के लिए राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम पर विचार करे और उसे सभी नागरिकों को मुफ्त में टीका देने पर विचार करना चाहिए।

पीठ ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र चरमराने के कगार पर है और इस संकट में सेवानिवृत्त डॉक्टरों और अधिकारियों को दोबारा काम पर रखा जा सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि निजी टीका उत्पादकों को यह फैसला करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए कि किस राज्य को कितनी खुराक मिलेगी। पीठ ने केंद्र को कोविड-19 की तैयारियों पर पावर प्वाइंट प्रस्तुति की अनुमति दे दी।

हर दिन देश में खौफनाक हो रहा कोरोना, नए मामलों में 73.05 प्रतिशत केस 10 राज्यों से