BREAKING NEWS

बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने ठुकराया पद्म भूषण सम्मान◾गणतंत्र दिवस : सरकार ने पद्म पुरस्कारों का किया ऐलान, CDS रावत समेत अन्य हस्तियों को दिया जाएगा सम्मान ◾गणतंत्र दिवस : सरकार ने पद्म पुरस्कारों का किया ऐलान, CDS रावत समेत अन्य हस्तियों को दिया जाएगा सम्मान ◾गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का संबोधन- अधिकार और कर्तव्य एक सिक्के के दो पहलू◾दिल्ली कोरोना : बीते 24 घंटों में आए 6,028 मामले, 31 लोगों की हुई मौत ◾RRB-NTPC रिजल्ट को लेकर बिहार में रेलवे ट्रैक पर उतरे छात्र, कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव ◾BJP के बागी नेता मौर्य की बेटी संघमित्रा का बयान, पिताजी की बात PM मोदी तक पहुंची, वह शीघ्र करेंगे समाधान ◾UP चुनाव में अब नहीं है धर्म का फंदा, बाबरी मस्जिद नहीं मुसलमानों के लिए राज्य का विकास अहम मुद्दा ◾Delhi NCR में सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया, सामान्य से 4.5 डिग्री कम रहा तापमान◾उत्तराखंड: सतपाल महाराज की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, कांग्रेस हरक सिंह रावत पर दांव खेलने का कर रही विचार ◾धर्म या जिन्ना पर नहीं विकास पर हो बात, प्रियंका बोलीं- BJP नहीं जानती शासन, ध्रुवीकरण की कर रहे राजनीति ◾ नीरज चोपड़ा को पर‍म विशिष्‍ट सेवा मेडल से सम्‍मानित किया जाएगा, जानिए और किन लोगों को मिलेगा पुरस्कार◾देर आया दुरुस्त आया! RPN बोले- कांग्रेस में नहीं रही 32 साल पहले वाली बात, BJP की नीतियों से हूं प्रभावित ◾यूपी : JDU ने जारी की 20 उम्मीदवारों की सूची, BJP से गठबंधन का जवाब न आने पर अकेले लड़ रही चुनाव ◾CM केजरीवाल का एलान- कार्यालय में अंबेडकर और भगत सिंह की लगेंगी तस्वीरें, जानें इसके पीछे के सभी समीकरण◾राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर उप राष्ट्रपति ने दिया बयान, अगले लोकसभा चुनाव में कम से कम 75 % होना चाहिए मतदान ◾राहुल का हाथ छोड़ अब BJP का कमल खिलाएंगे RPN, कांग्रेस बोली- 'कायर' नहीं लड़ सकते हमारी लड़ाई... ◾अपना दल ने पहले और दूसरे चरण के लिए स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की, जानें- किन किन नेताओं का है नाम?◾नमो ऐप के जरिए बोले पीएम मोदी- पहले देश, फिर दल, यह हमेशा हमारे कार्यकर्ताओं के लिए भाजपा का मंत्र रहा है◾Himachal: शादी में बर्फबारी बनी रोड़ा, तो शादी करने JCB लेकर पहुंचा दूल्हा◾

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के मद्देनजर जेलों में भीड़ कम करने के लिये कैदियों को रिहा करने का दिया आदेश

देश में कोविड-19 के मामलों में “अभूतपूर्व वृद्धि” पर संज्ञान लेते हुए उच्चतम न्यायालय ने शनिवार को जेलों में भीड़ कम करने का निर्देश देते हुए कहा कि जिन कैदियों को पिछले साल महामारी के मद्देनजर जमानत या पैरोल दी गई थी उन सभी को फिर वह सुविधा दी जाए।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की एक पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर बनाई गई राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की उच्चाधिकार प्राप्त समितियों द्वारा पिछले साल मार्च में जिन कैदियों को जमानत की मंजूरी दी गई थी, उन सभी को समितियों द्वारा पुनर्विचार के बगैर पुन: वह राहत दी जाए, जिससे विलंब से बचा जा सके।

उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर शनिवार को अपलोड हुए आदेश में कहा गया, “इसके अलावा हम निर्देश देते हैं कि जिन कैदियों को हमारे पूर्व के आदेशों पर पैरोल दी गई थी उन्हें भी महामारी पर लगाम लगाने की कोशिश के तहत फिर से 90 दिनों की अवधि के लिये पैरोल दी जाए।”

एक फैसले का हवाला देते हुए शीर्ष अदालत ने अधिकारियों से कहा कि उन मामलों में यांत्रिक रूप से गिरफ्तारी से बचें जिनमें अधिकतम सजा सात वर्ष की अवधि की है।पीठ ने उच्चाधिकार प्राप्त समितियों को निर्देश दिया कि वे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशानिर्देशों को अपनाते हुए नए कैदियों की रिहाई पर विचार करें।

कालाबाजारी रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने लिया फैसला, घर-घर जाकर ऑक्सीजन सिलेंडर होंगे रिफिल