BREAKING NEWS

आज का राशिफल ( 30 अक्टूबर 2020 )◾आतंकवाद के खिलाफ जंग में भारत फ्रांस के साथ : PM मोदी◾PM मोदी आज से दो दिन के गुजरात दौरे पर, देश की पहली सी-प्लेन सेवा का करेंगे उद्घाटन◾CSK vs KKR ( IPL 2020 ) : रुतुराज और जडेजा ने चेन्नई सुपरकिंग्स को दिलाई जीत, मुंबई प्ले आफ में◾जम्मू कश्मीर के कुलगाम में आतंकी हमला, भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या◾कांग्रेस 31 अक्टूबर को मनाएगी ‘किसान अधिकार दिवस’, जिला मुख्यालयों पर देगी धरना◾नीतीश की दोहरी चुनौती : NDA के भीतर पार्टी को शीर्ष स्थान पर रखना, सत्ता बरकरार रखना◾एस जयशंकर ने यूनान के विदेश मंत्री डेंडियास से वार्ता की◾'अश्विनी मिन्ना' मेमोरियल अवार्ड में आवेदन करने के लिए क्लिक करें ◾बिहार में NDA गठबंधन की मजबूत सरकार बनेगी : रविशंकर प्रसाद ◾पाकिस्तान का कबूलनामा, मंत्री फवाद चौधरी ने कहा- पुलवामा हमला इमरान सरकार की बड़ी उपलब्धि◾राहुल को घेरे जाने पर कांग्रेस का पलटवार - बिहार चुनाव में हार तय देखकर BJP को याद आया पाकिस्तान◾सपा का बसपा पर जोरदार हमला , कहा - मायावती ने खुद ही खोली अपनी पोल◾केशुभाई पटेल के निधन पर राष्ट्रपति कोविंद ने जताया शोक, कहा - देश ने एक महान नेता खोया◾बंबई उच्च न्यायालय ने केंद्र से पूछा - क्या 'अत्यधिक' मीडिया रिपोर्टिंग से न्याय बाधित होता है ? ◾दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण रोकने के लिए नया कानून लागू - 1 करोड़ का जुर्माना, 5 साल की जेल◾फ्रांस: नीस के गिरिजाघर में आतंकी ने किया चाकू से हमला, कम से कम दो लोगों की ली जान◾मोदी कैबिनेट ने लिए 3 बड़े अहम फैसले, खाद्यान्नों की पैकिंग जूट की बोरी में करना हुआ अनिवार्य◾मुंगेर हिंसा: EC ने लिया एक्शन, हटाए गए जिले के डीएम और एसपी, 7 दिन के अंदर मांगी रिपोर्ट ◾भाजपा सांसद मनोज तिवारी के हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी की वजह से हुई इमरजेंसी लैंडिंग◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

SC/ST उप-वर्गीकरण को लेकर 2004 के अपने फैसले पर फिर से विचार करेगा SC

सुप्रीम कोर्ट अपने 2004 के फैसले पर फिर से विचार करेगा, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों में नौकरियों और प्रवेश में आरक्षण देने के लिए राज्यों के पास अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों (SC/ST) का उप-वर्गीकरण नहीं किया जा सकता। कोर्ट की 5 सदस्यीय संविधान पीठ ने गुरुवार को मामला 7 जजों की पीठ को भेज दिया।

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि ई वी चिन्नैया मामले में संविधान पीठ के 2004 के फैसले पर फिर से गौर किए जाने की जरूरत है और इसलिए इस मामले को उचित निर्देश के लिए प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने ये मामला आगे विचार के लिए 7 जजों की बेंच को भेज दिया।

पीठ में न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी, न्यायमूर्ति विनीत सरन, न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस भी शामिल थे। पीठ ने कहा कि उसकी नजर में 2004 का फैसला सही से नहीं लिया गया और राज्य किसी खास जाति को तरजीह देने के लिए एससी/एसटी के भीतर जातियों को उप-वर्गीकृत करने के लिए कानून बना सकते हैं।

पीठ ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार द्वारा दायर इस मामले को प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे के पास भेज दिया ताकि पुराने फैसले पर फिर से विचार करने के लिए वृहद पीठ का गठन किया जा सके। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने आरक्षण देने के लिए एससी/एसटी को उप-वर्गीकृत करने की सरकार को शक्ति देने वाले राज्य के एक कानून को निरस्त कर दिया था। 

हाई कोर्ट ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के 2004 के फैसले का हवाला दिया और कहा कि पंजाब सरकार के पास एससी/ एसटी को उप-वर्गीकृत करने की शक्ति नहीं है।