BREAKING NEWS

कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का मोदी पर वार, कहा- खुले आम घूम रहे हैं अपराधी, PM मोदी हैं ‘‘मौन’’ ◾दिल्ली: अनाज मंडी में एक मकान में लगी आग, 43 लोगों की मौत, 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकला गया ◾उन्नाव रेप पीड़िता के परिवार ने कहा- CM योगी के आने तक नहीं होगा अंतिम संस्कार, बहन ने की ये मांग◾दिल्ली: अनाज मंडी में लगी भीषण आग पर PM मोदी और मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जताया दुख◾RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले - गोसेवा करने वाले कैदियों की आपराधिक प्रवृत्ति में आई कमी◾देवेंद्र फडणवीस का दावा- अजित पवार ने सरकार बनाने के लिए मुझसे किया था संपर्क◾उन्नाव रेप पीड़िता का आज होगा अंतिम संस्कार, गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम◾कहीं एनआरसी जैसा न हो सीएबी का हाल, आरएसएस बना रही रणनीति ◾झारखंड में रविवार को राजनाथ सिंह और स्मृति ईरानी की चुनाव सभाएं◾सोनिया ने रविवार को बुलाई संसदीय रणनीति समूह की बैठक, नागरिकता विधेयक पर होगी चर्चा ◾PM मोदी ने वैज्ञानिकों का कम लागत वाली प्रौद्योगिकियों के विकास का किया आह्वान ◾NIA ने आईएसआईएस 2 संदिग्धों के खिलाफ आरोप पत्र किया दायर◾उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता ने मरने से पहले कहा-'मुझे बचाओ, मैं मरना नहीं चाहतीं' ◾उन्नाव बलात्कार पीड़िता युवती का शव उसके गांव लाया गया ◾राम मंदिर के ट्रस्ट में संघ प्रमुख भागवत को नहीं होना चाहिए : विहिप◾मेरी मानसिक ताकत तोड़ना चाहती है केंद्र सरकार : चिदंबरम ◾भारत की पहचान 'दुष्कर्म राजधानी' के रूप में बन गई है : राहुल◾TOP 20 NEWS 7 DEC : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा का नारा 'अबकी बार, तीन पार' होगा : केजरीवाल◾एनआरसी के खिलाफ कल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी पार्टी : संजय सिंह◾

देश

सुप्रीम कोर्ट मराठा आरक्षण कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई पर करेगा विचार

 supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों एवं शिक्षा में मराठा समुदाय को आरक्षण देने संबंधी महाराष्ट्र के कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई करने करने के अनुरोध पर विचार करने पर सोमवार को सहमति जताई। 

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ ने एक वकील के इस कथन पर गौर किया कि जिन याचिकाओं को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होना था, वे न्यायालय की कार्यसूची में नहीं है। पीठ ने मामले पर तत्काल सुनवाई के अनुरोध पर कहा, "आप मेमो दीजिए। हम इस पर गौर करेंगे।" 

शीर्ष अदालत में मराठा आरक्षण को सही ठहराने के बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ जे लक्ष्मण राव पाटिल और वकील संजीत शुक्ला की याचिका लंबित है। इन याचिकाओं में बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें आरक्षण की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा गया। उच्च न्यायालय ने अपने 27 जून के फैसले में कहा था कि कुल आरक्षणों पर उच्चतम न्यायालय की ओर से लगाई गई 50 प्रतिशत की सीमा को अपवाद की परिस्थितियों में पार किया जा सकता है। 

'यूथ फॉर इक्वेलिटी' के प्रतिनिधि शुक्ला ने अपनी याचिका में कहा कि सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) कानून, 2018 शीर्ष अदालत द्वारा इंदिरा साहनी मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले में आरक्षण पर लगाई गई 50 प्रतिशत सीमा का उल्लंघन है। इस फैसले को “मंडल आदेश” भी कहा जाता है। इस कानून का मकसद सरकारी नौकरियों एवं शिक्षा में मराठा समुदाय को आरक्षण देना था।