BREAKING NEWS

मायावती ने की नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हो रही हिंसा की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग◾पुलिस कार्रवाई के खिलाफ जामिया के छात्रों ने कपड़े उतारकर किया विरोध प्रदर्शन ◾जामिया विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले-हिंसा रुकेगी तब होगी मामले की सुनवाई◾जामिया के छात्रों को मिला VC नजमा अख्तर का साथ, बोलीं-अकेले छात्रों की लड़ाई नहीं, मैं हूं उनके साथ◾दिल्ली: जामिया में स्थिति तनावपूर्ण, घर का रुख कर रहे हैं छात्र-छात्राएं◾प्रियंका गांधी बोली- तानाशाह सरकार दबाना चाहती है छात्रों की आवाज, विश्वविद्यालयों में घुसकर छात्रों को पीटा◾Citizenship Amendment Law के विरोध में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच सरिता विहार से कालिंदी कुंज के बीच यातायात बंद◾उन्नाव रेप केस: आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को सजा होगी या नहीं, फैसला आज◾लालू की बहू ऐश्वर्या ने सास पर मारपीट का लगाया आरोप, बोलीं- राबड़ी देवी ने बाल नोंचे और पीटा◾जामिया में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए 50 छात्र रिहा : दिल्ली पुलिस ◾झारखंड विधानसभा चुनाव: चौथे चरण के लिए 15 सीटों पर मतदान जारी ◾कैब प्रदर्शनों के बाद सभी मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश एवं निकास द्वार खोले गए: DMRC◾जामिया हिंसा : कुछ नेताओं ने जांच की मांग की, तो कुछ ने प्रदर्शनकारियों को ‘‘अराजकतावादी’’ करार दिया ◾नागरिकता पर प्रदर्शन : जामिया, एएमयू में हिंसक प्रदर्शन, बंगाल में उबाल, असम में स्थिति में सुधार ◾दिल्ली में हिंसा को लेकर भाजपा और आप के बीच आरोप-प्रत्यारोप◾दक्षिणपूर्व दिल्ली के स्कूल सोमवार को बंद रहेंगे : सिसोदिया◾दिल्ली जामिया बवाल : चूक गया दिल्ली पुलिस का खुफिया तंत्र !◾उत्तर भारत में शीत लहर का प्रकोप जारी, उत्तराखंड में बर्फबारी से जुड़ी घटनाओं में तीन की मौत ◾AMU में छात्रों का हंगामा और पथराव: विश्वविद्यालय 5 जनवरी तक के लिए बंद ◾भाजपा सरकार ने पूर्वोत्तर और बंगाल के बाद दिल्ली को भी जलने के लिए छोड़ दिया है : कांग्रेस◾

देश

VVPAT मिलान की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा : चुनाव आयोग

 election-commissiona

नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने ईवीएम के मतों की गिनती से पहले वीवीपैट की पर्चियों को गिनने की विपक्षी दलों की मांग को खारिज करते हुये कहा है कि मतगणना, पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होगी और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि तेदेपा अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई में कांग्रेस सहित 22 दलों के नेताओं ने मंगलवार को चुनाव आयोग से वीवीपैट की पर्चियों की गिनती, ईवीएम के मतों की गिनती से पहले करने और ईवीएम तथा वीवीपैट के मतों की गिनती में अंतर पाये जाने पर पूरे विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम मतों का वीवीपैट की पर्चियों से मिलान करने की मांग की थी।

मौजूदा व्यवस्था में ईवीएम के मतों का किन्हीं पांच मतदान केन्द्रों की वीवीपैट की पर्चियों से मिलान मतगणना के बाद किया जाता है। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों की मांग पर विचार करने के लिये आयोग की बुधवार को हुयी बैठक में 23 मई को होने वाली मतगणना, पूर्व निर्धारित व्यवस्था के तहत ही करने का फैसला किया गया है। इसमें कहा गया है कि प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र की मतगणना के दौरान ईवीएम के मतों की गिनती के बाद उस सीट के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के किन्ही पांच मतदान केन्द्र की वीवीपैट पर्चियों की गणना की जायेगी।

जब कामकाज में निष्पक्ष नहीं तो निष्पक्ष चुनाव कैसे कराएगा आयोग : कांग्रेस

इसके अलावा आयोग ने ईवीएम के मतों से वीवीपैट की पर्चियों के मिलान में कोई अंतर पाये जाने पर संबद्ध विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केन्द्रों की वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम के मतों से मिलान करने की मांग को भी खारिज कर दिया। समझा जाता है कि आयोग की दलील है कि ऐसा करने से मतगणना बहुत अधिक विलंबित होगी।

इसके मद्देनजर आयोग ने उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही मतगणना कराये जाने का फैसला किया है। इसके तहत मतगणना की शुरुआत केन्द्रीय और राज्य पुलिस बल, सशस्त्र बल और विदेशों में तैनात राजनयिकों एवं कर्मचारियों (सर्विस वोटर) के डाक मतपत्रों की गिनती से होती है। इसके बाद ईवीएम के मतों की गणना की जाती है और इसके बाद ईवीएम के मतों का वीवीपैट की पर्चियों से मिलान किये जाने की व्यवस्था है। ईवीएम के मतों से वीवीपैट की पर्चियों का मिलान नहीं होने पर सिर्फ मिलान वाले मतदान केन्द्र पर वीवीपैट की पर्चियों को मतों की वास्तविक संख्या माना जाता है।