BREAKING NEWS

असम-मेघालय सीमा विवाद को लेकर अमित शाह से आज मिलेंगे मेघालय CM संगमा और असम सीएम हिमंत◾देश में अब तक कोविड रोधी टीके की 159.54 करोड़ से ज्यादा दी गई खुराक , स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी ◾जल्द ही बाजार में भी मिल सकेंगी Covishield और Covaxin , सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला◾चीनी सेना ने सीमा से भारतीय युवक का किया अपहरण , MP तापिर गाओ ने मोदी सरकार से लगाई मदद की गुहार◾ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फिनलैंड के विदेश मंत्री के साथ अफगानिस्तान समेत कई मुद्दों पर की चर्चा◾PM मोदी और मारीशस के पीएम पी जगन्नाथ 20 जनवरी को परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन◾कोविड-19 : राजधानी में 24 घंटो में कोरोना के 13,785 नए मामले सामने आये, 35 लोगो की हुई मौत◾CDS जनरल बिपिन रावत के छोटे भाई कर्नल विजय रावत हुए भाजपा में शामिल, उत्तराखंड से लड़ सकते हैं चुनाव ◾पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आम आदमी नहीं बल्कि बेईमान आदमी हैं : केजरीवाल◾बदली राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ◾पंजाब : सीएम चन्नी ने BJP और केंद्र सरकार पर लगाया आरोप, कहा-ईडी की छापेमारी मुझे फंसाने का एक षड्यंत्र ◾प्रधानमंत्री को पता था कि योगी कामचोरी वाले मुख्यमंत्री है इसलिए उन्हें पैदल चलने की सजा दी थी : अखिलेश यादव ◾PM मोदी ने 15 से 18 वर्ष आयु के 50 प्रतिशत से अधिक युवाओं को टीके की पहली खुराक लगाए जाने की सराहना की◾यूपी : जे पी नड्डा का बड़ा ऐलान, 'अपना दल' और निषाद पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेगी भाजपा◾हरक सिंह की वापसी पर कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह, बागी को ठहराया 'लोकतंत्र का हत्यारा', पूछे ये सवाल ◾समाजवादी पार्टी के नेताओं को भी पता है कि उनकी बेटियां एवं बहुएं भाजपा में सुरक्षित हैं : केन्द्रीय मंत्री ठाकुर ◾त्रिवेंद्र रावत ने चुनाव लड़ने से किया इंकार, नड्डा को लिखा पत्र, कहा- BJP की वापसी पर करना चाहता हूं फोकस ◾मुलायम परिवार में BJP की बड़ी सेंधमारी, अपर्णा यादव के बाद प्रमोद गुप्ता थामेंगे कमल, SP पर लगाए ये आरोप ◾PM मोदी, योगी और शाह समेत पार्टी के कई बड़े नेता BJP के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल, जानें पूरी लिस्ट ◾महाराष्ट्र: मुंबई में कोविड की स्थिति नियंत्रित, BMC ने हाईकोर्ट को कहा- घबराने की कोई बात नहीं◾

यूनिवर्सिटीज में भर्ती के लिए UGC का सर्कुलर, अकेले DU में खाली पड़ी हैं 860 पोस्ट

देशभर की विभिन्न यूनिवर्सिटीज में खाली पड़े पदों पर नियुक्ति के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रोफेसर रजनीश जैन ने यूनिवर्सिटीज के वाइस चांसलर, संस्थानों और कॉलेजों के प्रिंसिपलों को सर्कुलर जारी किया है। अकेले दिल्ली यूनिवर्सिटी में ही विभिन्न विभागों में 1 अप्रैल 2021 के अनुसार सहायक प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर के करीब 846 पद खाली है। इन विभागों में 1706 पदों में से 860 पदों पर नियुक्ति की गई है, बाकी पद रिक्त पड़े हैं।

यूजीसी ने यह निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यूनिवर्सिटीज व कॉलेजों की गतिविधियों के मॉनेटरिंग पोर्टल पर 31 दिसंबर 2021 से पहले यह पॉर्टल अपलोड करे। साथ ही उसे यूजीसी की मॉनेटरिंग पोर्टल पर भी अपलोड करना होगा। दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) ने यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में स्थायी नियुक्ति करने से पहले ईडब्ल्यूएस के अंतर्गत बढ़े पदों की मांग यूजीसी से की है।

संपन्न हुए डूटा चुनाव, डीयू शिक्षक संघ को मिलेगा नया अध्यक्ष और कार्यकारिणी

साथ ही 24 अगस्त के शिक्षा मंत्रालय के दिशा निदेशरें का पालन करते हुए एससी, एसटी व ओबीसी कोटे के शिक्षकों का शॉर्टफाल व बैकलॉग भरने की मांग की है। यूनिवर्सिटीज व कॉलेजों की फैकल्टी में शिक्षकों की नियुक्तियों के संदर्भ में यूजीसी के सचिव ने 4 जून 2019 को संकाय शिक्षकों की नियुक्ति हेतु भेजे गए पत्रों के संदर्भ में फिर से सभी यूनिवर्सिटीज, मानद यूनिवर्सिटीज, कॉलेजों में नियुक्तियों के लिए यूजीसी शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को अपनाते हुए दिशा निर्देश जारी किए है। 

इसमें कहा गया है कि शिक्षक सदस्य अकादमिक प्रक्रिया के स्तम्भ की तरह होते है और विकास कार्यक्रमों, केंद्रित कॅरिकुलम बनाने, शिक्षण तथा सीखने को प्रभावशाली तरीके से अकादमिक संस्थानों में लागू करवाने एवं मूल्यांकन प्रक्रियाओं को सम्पन्न करने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी की भूमिका में होते है।

यूजीसी द्वारा यूनिवर्सिटीज को भेजे गए सर्कुलर में कहा गया है कि शिक्षक ही है जो संस्थानों में सीखने का उचित वातावरण निर्मित करते है तथा विद्यार्थियों को समाज में एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में विकसित करते है। सबसे महत्वपूर्ण उच्च शैक्षणिक संस्थानों की सफलता में शिक्षकों के गुणवत्तापूर्ण योगदान करता है।

यूजीसी के मुताबिक उच्च शैक्षणिक संस्थानों में फैकल्टी शिक्षकों की कमी एक गम्भीर मुद्दा है जिसे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए तुरंत हल किया जाना चाहिए। सर्कुलर में कहा गया है कि गया है कि संकाय सदस्यों की (फैकल्टी टीचर्स) नियुक्ति के संदर्भ में उचित कदम उठाते हुए शीघ्रातिशीघ्र अपने यूनिवर्सिटी तथा संबंधित कॉलेजों में नियुक्ति सुनिश्चित करे।