केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने अंतरिम बजट को ऐतिहासिक करार देते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस की गलत नीतियों की वजह से किसानों की समस्याएं दूर करने में समय लग रहा है।

सिंह ने यहां देर शाम एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा बजट पेश किया गया है जिसमें देश के साढ़े 12 करोड़ सीमांत किसानों को छह हजार रुपये सालाना सहायता देने का ऐलान किया गया है।

उन्होंने किसानों की आय में कमी होने संबंधी सवाल पर कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार ने किसानों के लिए अनेक क्रांतिकारी योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन घरेलू स्तर पर महंगाई में कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई मंदी की वजह से किसानों की आय में कमी आई है।

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हालांकि उन्होंने फौरन ही कांग्रेस को घेरते हुए कहा, देश ने देखा कि पिछले 48 वर्षों के दौरान किसानों और गरीबों के लिए सिर्फ नारे लगाये गये और इस दौरान सिर्फ एक परिवार को ही मजबूत किया गया।

कृषि मंत्री ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकारों की गलत नीतियों की वजह से देश के किसानों की समस्याओं को दूर करने में समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश में किसानों की आत्महत्या का ठीकरा भी कांग्रेस के सिर पर फोड़ा।

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उन्होंने कहा कि अब देशभर के पशुपालकों तथा मत्स्य पालकों के लिए भी किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया जाएगा। पिछले चार साल में सीफूड का निर्यात बढ़ा है। इस क्षेत्र में बढ़ते काम के मद्देनजर अब इसके लिए अलग विभाग बनाया जाएगा।

सिंह ने कहा मौजूदा सरकार से पहले जो पांच बजट पेश किये गये उनमें कृषि के बजट का कुल आकार 1,21,000 करोड रुपये था। मोदी सरकार ने शुरुआती चार साल में कृषि पर कुल 2,11,000 करोड रुपये का बजट तय किया। वर्ष 2019-20 के लिए यह बजट 1,41,000 करोड़ रुपये का है।