BREAKING NEWS

कोरोना की स्थिति को लेकर राहुल का मोदी पर निशाना, 'श्मशान और कब्रिस्तान दोनों...जो कहा सो किया'◾बंगाल में 1:30 बजे तक 54.67 % हुआ मतदान, शांतिनगर क्षेत्र में TMC, भाजपा समर्थकों के बीच हुई झड़प◾सोनिया गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा, बोलीं- वैक्सीन के लिए आयुसीमा घटाकर 25 साल करे सरकार ◾PM मोदी बोले-2 मई को बंगाल की जनता 'दीदी' को देगी 'भूतपूर्व मुख्यमंत्री' का प्रमाणपत्र◾चारा घोटाला मामले में आजाद हुए लालू, रांची HC ने दी RJD सुप्रीमो को जमानत, जल्द होंगे जेल से रिहा ◾ओडिशा CM का PM मोदी को पत्र, कोरोना संकट के बीच कुछ कदम उठाने के दिए सुझाव◾CM गहलोत ने जनता के नाम संदेश में कहा- कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक, सरकार नहीं रखेगी कोई कमी◾भारत में कोरोना का तांडव, एक दिन में 2 लाख 34 हज़ार लोग हुए संक्रमित, 1341 ने गंवाई जान◾PM मोदी ने की संत समाज से अपील, कहा- कुंभ को कोरोना संकट के चलते रखा जाए ‘प्रतीकात्मक’ ◾विश्व में कोरोना केस की संख्या 13.96 करोड़ के पार, मरने वालों का आंकड़ा 29.9 लाख से अधिक ◾सोनिया गांधी की अगुवाई में CWC की बैठक आज, कोरोना महामारी से पैदा हुए हालात पर होगी चर्चा ◾पश्चिम बंगाल : 6 जिलों की 45 सीटों पर वोटिंग जारी, PM मोदी ने लोगों से भारी संख्या में मतदान की अपील की◾राजधानी में फूटा कोरोना बम, 24 घंटे में आए 19,486 नये मामले और 141 की हुई मौत◾पश्चिम बंगाल चुनाव : EC ने शाम सात से सुबह 10 बजे तक रैलियों, जनसभाओं पर लगाया प्रतिबंध ◾कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए CICSE ने 10वीं,12वीं की परीक्षा टाली ◾ममता संविधान की रक्षा करने में विफल रहीं, केंद्रीय बलों पर लगा रही है आरोप : नड्डा ◾वीकेंड कर्फ्यू के दौरान ज्यादा अंतराल पर चलेंगी दिल्ली मेट्रो ट्रेनें, इन लाइन्स पर आधे घंटे का होगा इंतजार ◾भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी जल्द आएगा भारत, प्रत्यर्पण की मांग को ब्रिटेन सरकार ने दी मंजूरी◾अदार पूनावाला की अमेरिका से अपील, टीका उत्पादन बढ़ाने के लिए बाइडन हटाए कच्चे माल पर लगा निर्यात प्रतिबंध◾उत्तर प्रदेश में कोविड-19 की बेकाबू रफ़्तार, रिकॉर्ड 27,426 नये मामले, 103 और मरीजों की मौत ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

केंद्रीय शिक्षा मंत्री बोले- नई शिक्षा नीति प्रबंधन पाठ्यक्रमों को मजबूत करेगी

शिक्षण संस्थानों से संबंधित वर्ष 2018-19 की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्नातकोत्तर स्तर के अधिकांश छात्र सामाजिक विज्ञान (2.75 लाख) तथा प्रबंधन (2.17 लाख) को तरजीह देते हैं। वहीं दूसरी ओर स्नातक स्तर पर, प्रबंधन स्ट्रीम में 4.05 लाख छात्रों के साथ कुल 6.5 लाख छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को अखिल भारतीय प्रबंधन संघ के 25वें दीक्षांत समारोह में यह जानकारी दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उन्होने कहा, प्रबंधन हमारी प्राचीन सभ्यताओं का हिस्सा रहा है और अभी हाल के वर्षों में प्रबंधन शिक्षा और भारतीय व्यापार में बड़ा बदलाव आया है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम नई शिक्षा नीति लेकर आएं, जो प्रबंधन पाठ्यक्रमों को और मजबूत करेगी। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष अखिल भारतीय प्रबंधन संघ(एआईआईएमए) ने अपने 25वें दीक्षांत समारोह का ऑनलाइन आयोजन किया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने सभी छात्रों से कहा, आपके प्रबंधन डिप्लोमा और प्रमाण पत्र ने आपको अपने भविष्य निर्माण के लिए एक मजबूत आधार दिया है। आप अपनी प्रबंधन शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए एआईआईएमए को चुनकर बहुत अच्छा निर्णय लिया,क्योंकि एआईआईएमए को भारत की प्रबंधन क्षमता के निर्माण में अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए हमेशा सराहा गया है। भारत में प्रबंधन के इतिहास की बात करते हुए निशंक ने कहा कि प्राचीन मोहनजोदड़ो और हड़प्पा सभ्यताओं में भी प्रबंधकीय कुशलता के साक्ष्य मिलते हैं। सात हजार वर्ष पहले लिखी गई श्रीमतभागवत गीता हमें प्रबंधकीय ज्ञान की शिक्षा देती है। 

भारत के प्राचीन महाकाव्य रामायण और महाभारत, वेद, श्रुति, स्मृति तथा पुराण हमें प्रबंधन का महत्व सिखाते है। वेदों जैसे कि ब्राह्मण और धर्मसूत्रों में प्रबंधन, ज्ञान और कौशल का विवरण है। कौटिल्य जो कि चाणक्य के नाम से भी जाने जाते है, चन्द्रगुप्त मौर्य के साम्राज्य के प्रधानमंत्री थे और सभी प्रशासनिक कुशलता के लिए प्रसिद्ध थे। लेकिन औपचारिक प्रबंधन शिक्षा का भारत में 50 वर्ष का इतिहास है। भारत में बिजनेस स्कूलों की संख्या में 1990 के बाद से वृद्धि हुई है।

डॉ. निशंक ने कहा, हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 'आत्मनिर्भर भारत' के विकास की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में यह जरूरी है कि प्रबंधन के विद्यार्थी आगे आएं और 'भारतीय विचारों के वैश्विककरण' हेतु नीतियां विकसित करें। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा भारत को 2025 तक 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने की बात भी कही। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रबंधन शिक्षा एक प्रमुख घटक है। एनईपी में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों जैसे प्रबंधन शिक्षा पर पर्याप्त बल दिया है। प्रबंधन शिक्षा बहुआयामी प्रकृति की है और इसे प्रभावी संचार, महत्वपूर्ण सोच, समझ और विश्लेषणात्मक कौशल की जरूरत है।