BREAKING NEWS

हमारा ध्यान देश की विरासत और संस्कृति बचाने पर : PM मोदी◾मोदी सरकार चेहरे पर कुछ और बोलती है, लेकिन अपने बगल में खंजर रखती है : दर्शन पाल◾किसानों को डर दिखाकर बहकाया जा रहा है, कृषि कानून पर बैकफुट पर नहीं आएगी सरकार : PM मोदी◾किसानों ने दिल्ली को चारों तरफ से घेरने की दी चेतावनी, कहा- बुराड़ी कभी नहीं जाएंगे◾दिल्ली में लगातार दूसरे दिन संक्रमण के 4906 नए मामले की पुष्टि, 68 लोगों की मौत◾महबूबा मुफ्ती ने BJP पर साधा निशाना, बोलीं- मुसलमान आतंकवादी और सिख खालिस्तानी तो हिन्दुस्तानी कौन?◾दिल्ली पुलिस की बैरिकेटिंग गिराकर किसानों का जोरदार प्रदर्शन, कहा- सभी बॉर्डर और रोड ऐसे ही रहेंगे ब्लॉक ◾राहुल बोले- 'कृषि कानूनों को सही बताने वाले क्या खाक निकालेंगे हल', केंद्र ने बढ़ाई अदानी-अंबानी की आय◾अमित शाह की हुंकार, कहा- BJP से होगा हैदराबाद का नया मेयर, सत्ता में आए तो गिराएंगे अवैध निर्माण ◾अन्नदाआतों के समर्थन में सामने आए विपक्षी दल, राउत बोले- किसानों के साथ किया गया आतंकियों जैसा बर्ताव◾किसानों ने गृह मंत्री अमित शाह का ठुकराया प्रस्ताव, सत्येंद्र जैन बोले- बिना शर्त बात करे केंद्र ◾बॉर्डर पर हरकतों से बाज नहीं आ रहा पाक, जम्मू में देखा गया ड्रोन, BSF की फायरिंग के बाद लौटा वापस◾'मन की बात' में बोले पीएम मोदी- नए कृषि कानून से किसानों को मिले नए अधिकार और अवसर◾हैदराबाद निगम चुनावों में BJP ने झोंकी पूरी ताकत, 2023 के लिटमस टेस्ट की तरह साबित होंगे निगम चुनाव ◾गजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसान, राकेश टिकैत का ऐलान- नहीं जाएंगे बुराड़ी ◾बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा- कृषि कानूनों पर फिर से विचार करे केंद्र सरकार◾देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 94 लाख के करीब, 88 लाख से अधिक लोगों ने महामारी को दी मात ◾योगी के 'हैदराबाद को भाग्यनगर बनाने' वाले बयान पर ओवैसी का वार- नाम बदला तो नस्लें होंगी तबाह ◾वैश्विक स्तर पर कोरोना के मामले 6 करोड़ 20 लाख के पार, साढ़े 14 लाख लोगों की मौत ◾सिंधु बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी, आगे की रणनीति के लिए आज फिर होगी बैठक ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा- आर्थिक प्रोत्साहन देने की आगे की कार्रवाई कोरोना की स्थिति पर निर्भर

कोरोना महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था भारी मंदी के दौर से गुजर रही है। महामारी के कारण भारत समेत पूरे विश्व की अर्थव्यव्स्था पूरी तरह से डगमगा गई है। इस बीच, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने की आगे की कार्रवाई कोविड-19 की स्थिति पर निर्भर करेगी। उन्होंने यह बात भारतीय रिजर्व बैंक के इस अनुमान के बाद कही है कि 2020-21 में भारत की अर्थव्यस्था में संकुचन होगा। कोरोना वायरस संकट के बीच अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सरकार पहले ही 20.97 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा कर चुकी हैं। इनमें रिजर्व बैंक द्वारा 17 मई तक उठाए गए 8.01 लाख करोड़ रुपये की तरलता संवर्धन के उपाय भी शामिल हैं।

सीतारमण ने भाजपा नेता से नलिन कोहली के साथ संवाद में कहा कि आर्थिक वृद्धि दर का ‘वास्तविक आकलन’करना अभी संभव नहीं है, क्योंकि अभी यह बता पाना मुश्किल है कि यह महामारी कब शांम होती है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मैं दरवाजे कतई नहीं बंद कर रही हूं। मैं उद्योग से जानकारी लेना जारी रखूंगी, हमने जो घोषणाएं की हैं उनका क्रियान्वयन किया जाएगा। आगे स्थिति क्या रहती है उसी के हिसाब से हमें कदम उठाना होगा। इस साल के अभी दो ही महीने हुए हैं। 10 महीने अभी बचे हैं।’’ रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा था कि कोविड-19 का प्रभाव अनुमान से कहीं अधिक रहा है। 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर नकारात्मक रहेगी।

वित्त मंत्री ने पिछले सप्ताह पांच किस्तों में आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) को 3.70 लाख करोड़ रुपये का समर्थन, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए 75,000 करोड़ रुपये, बिजली वितरण कंपनियों के लिए 90,000 करोड़ रुपये, प्रवासी मजदूरों को मुफ्त खाद्यान्न, मनरेगा के लिए आवंटन में वृद्धि, कुछ वर्गों को कर में राहत और इस महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को 15,000 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल है। सीतारमण ने कहा कि यह पैकेज अर्थशास्त्रियों, शिक्षाविदों, पूर्व बैंकरों, वित्त मंत्रालय के पूर्व अधिकारियों और उद्योग क्षेत्र के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘पैकेज को यह ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया कि इस समय हम एक असाधारण स्थिति का सामना कर रहे हैं और गिरावट इतनी रहती है या उतनी होती है, अभी हमारे पास इसके आंकड़े नहीं हैं। अभी हमें यह ध्यान में रखना होगा, गिरावट पूरी तरह होगी। इसी को ध्यान में रखकर अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देना होगा, हमें यही करना होगा।’’ उन्होंने कहा कि हमने अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए यह रास्ता चुना। कंपनियों, संस्थानों, उपक्रमों और कारोबार सभी बैंकों से मदद मिल रही है जिससे वे अपना कामकाज फिर शुरू कर सकें।

वित्त मंत्री ने कहा कि हमें उम्मीद है कि भारतीय उद्यमी लॉकडाउन के बाद उबर जाएंगे। हमने अर्थव्यवस्था में नकदी डालने के उपाय किए हैं। यदि अर्थव्यवस्था में अधिक नकदी होगी तो लोगों के हाथ में पैसा रहेगा और इससे अर्थव्यवस्था फिर से शुरू हो सकेगी, मांग पैदा हो सकेगी। सीतारमण ने कहा कि सरकार प्रशासनिक विभागों द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरियों को तेज करने के लिए काम कर रही है। नीतिगत मोर्चे पर चीजें स्पष्ट की जा रही हैं और कंपनियों से अनुपालन के बोझ को कम किया जा रहा है। देश में कोरोना वायरस से अब तक 3,720 लोगों की जान गई है। अब तक 1.25 लाख लोग इससे संक्रमित हैं।