BREAKING NEWS

भारत के महान धावक मिल्खा सिंह की हालत गंभीर : PGIMER सूत्र◾केजरीवाल ने उपराज्यपाल बैजल से कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की कार्ययोजना पर चर्चा की◾टेस्ट से डरें नहीं, जरूर कराएं वैक्सीनेशन : योगी आदित्य नाथ ◾वैक्सीन लगवाने के बाद संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम 75-80 % कम : केंद्र ◾संसदीय समिति ने Twitter को लगाई फटकारा, कहा- देश का कानून सर्वोपरि है, आपकी नीति नहीं◾देश को नए संसद भवन की ज़रूरत, दोनों सदनों द्वारा आग्रह करने के समय किसी सांसद ने नहीं किया विरोध : बिरला◾टूलकिट मुद्दा कुछ नहीं, बल्कि सरकार की नाकामियों से ध्यान भटकाने का है प्रयास : कपिल सिब्बल◾कृषि कानून नहीं होंगे रद्द, सरकार किसानों से किसी भी प्रावधान पर बात करने को तैयार : तोमर◾कोलकाता में कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ BJP कार्यालय के बाहर लगे ‘वापस जाओ’ के पोस्टर ◾4 दिनों में गौतम अडानी को लगा 12 अरब डॉलर का झटका, एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति का टैग गंवाया ◾उत्तर प्रदेश में वैक्सीन की बर्बादी में आई कमी, अभीष्ट संख्या में लोगों को लगाई जा रही वैक्सीन ◾संक्रमित मामलों में उतार-चढ़ाव जारी, दिल्ली में कोविड-19 के 165 नए मामले, 14 लोगों की मौत◾'Baba Ka Dhaba' के मालिक कांता प्रसाद ने की आत्महत्या की कोशिश, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती◾दिल्ली हिंसा : SC ने UAPA को सीमित करने के मुद्दे पर दखल देने से किया इंकार, तीनो आरोपियों को भेजा नोटिस ◾अगर दोनों टीकों की वैक्सीन होगी अलग-अलग, तो कोविड के खिलाफ मिलेगी ज्यादा सुरक्षा ◾मुकुल रॉय की विधायकी को अयोग्य ठहराने की मांग को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने स्पीकर को दी अर्जी◾पश्चिम बंगाल के राज्यपाल धनकड़ ने अधीर रंजन से की मुलाकात ,कांग्रेस में मची सियासी खलबली ◾ कश्मीर को लेकर पकिस्तान की भारत को धमकी, फैसला लेने से पहले सोच लो अगर कुछ किया तो.... ◾कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए PM मोदी ने शुरू किया 'क्रैश कोर्स', लाखों युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग◾नंदीग्राम चुनाव को लेकर कोलकाता HC में ममता की याचिका पर 24 जून तक टली सुनवाई◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा- आर्थिक प्रोत्साहन देने की आगे की कार्रवाई कोरोना की स्थिति पर निर्भर

कोरोना महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था भारी मंदी के दौर से गुजर रही है। महामारी के कारण भारत समेत पूरे विश्व की अर्थव्यव्स्था पूरी तरह से डगमगा गई है। इस बीच, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने की आगे की कार्रवाई कोविड-19 की स्थिति पर निर्भर करेगी। उन्होंने यह बात भारतीय रिजर्व बैंक के इस अनुमान के बाद कही है कि 2020-21 में भारत की अर्थव्यस्था में संकुचन होगा। कोरोना वायरस संकट के बीच अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सरकार पहले ही 20.97 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा कर चुकी हैं। इनमें रिजर्व बैंक द्वारा 17 मई तक उठाए गए 8.01 लाख करोड़ रुपये की तरलता संवर्धन के उपाय भी शामिल हैं।

सीतारमण ने भाजपा नेता से नलिन कोहली के साथ संवाद में कहा कि आर्थिक वृद्धि दर का ‘वास्तविक आकलन’करना अभी संभव नहीं है, क्योंकि अभी यह बता पाना मुश्किल है कि यह महामारी कब शांम होती है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मैं दरवाजे कतई नहीं बंद कर रही हूं। मैं उद्योग से जानकारी लेना जारी रखूंगी, हमने जो घोषणाएं की हैं उनका क्रियान्वयन किया जाएगा। आगे स्थिति क्या रहती है उसी के हिसाब से हमें कदम उठाना होगा। इस साल के अभी दो ही महीने हुए हैं। 10 महीने अभी बचे हैं।’’ रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा था कि कोविड-19 का प्रभाव अनुमान से कहीं अधिक रहा है। 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर नकारात्मक रहेगी।

वित्त मंत्री ने पिछले सप्ताह पांच किस्तों में आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) को 3.70 लाख करोड़ रुपये का समर्थन, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए 75,000 करोड़ रुपये, बिजली वितरण कंपनियों के लिए 90,000 करोड़ रुपये, प्रवासी मजदूरों को मुफ्त खाद्यान्न, मनरेगा के लिए आवंटन में वृद्धि, कुछ वर्गों को कर में राहत और इस महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को 15,000 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल है। सीतारमण ने कहा कि यह पैकेज अर्थशास्त्रियों, शिक्षाविदों, पूर्व बैंकरों, वित्त मंत्रालय के पूर्व अधिकारियों और उद्योग क्षेत्र के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘पैकेज को यह ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया कि इस समय हम एक असाधारण स्थिति का सामना कर रहे हैं और गिरावट इतनी रहती है या उतनी होती है, अभी हमारे पास इसके आंकड़े नहीं हैं। अभी हमें यह ध्यान में रखना होगा, गिरावट पूरी तरह होगी। इसी को ध्यान में रखकर अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देना होगा, हमें यही करना होगा।’’ उन्होंने कहा कि हमने अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए यह रास्ता चुना। कंपनियों, संस्थानों, उपक्रमों और कारोबार सभी बैंकों से मदद मिल रही है जिससे वे अपना कामकाज फिर शुरू कर सकें।

वित्त मंत्री ने कहा कि हमें उम्मीद है कि भारतीय उद्यमी लॉकडाउन के बाद उबर जाएंगे। हमने अर्थव्यवस्था में नकदी डालने के उपाय किए हैं। यदि अर्थव्यवस्था में अधिक नकदी होगी तो लोगों के हाथ में पैसा रहेगा और इससे अर्थव्यवस्था फिर से शुरू हो सकेगी, मांग पैदा हो सकेगी। सीतारमण ने कहा कि सरकार प्रशासनिक विभागों द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरियों को तेज करने के लिए काम कर रही है। नीतिगत मोर्चे पर चीजें स्पष्ट की जा रही हैं और कंपनियों से अनुपालन के बोझ को कम किया जा रहा है। देश में कोरोना वायरस से अब तक 3,720 लोगों की जान गई है। अब तक 1.25 लाख लोग इससे संक्रमित हैं।