BREAKING NEWS

कृषि कानून : किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी, सिंघु बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात◾देश में कोरोना केस 96 लाख के करीब, अब तक 90 लाख से अधिक लोगों ने महामारी को दी मात ◾हैदराबाद में GHMC चुनाव की मतगणना जारी, प्रचार अभियान में BJP ने झोंक दी थी पूरी ताकत◾TOP 5 NEWS 04 DECEMBER : आज की 5 सबसे बड़ी खबरें ◾दुनियाभर में कोरोना महामारी का हाहाकार, संक्रमितों का आंकड़ा साढ़े 6 करोड़ के पार ◾आज का राशिफल ( 4 दिसंबर 2020 )◾अगले सप्ताह सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जा सकते हैं सेना प्रमुख जनरल नरवणे ◾PM मोदी IIT 2020 वैश्विक शिखर सम्मेलन को करेंगे संबोधित◾अमरिंदर ने शाह से मुलाकात की : केंद्र किसानों से जल्द गतिरोध समाप्त करने की अपील की◾कृषि कानूनों के विरोध में प्रकाश सिंह बादल ने लौटाया पद्म विभूषण ◾SC ने कोरोना के आंकड़ों की दोबारा जांच के तरीके के बारे में केजरीवाल सरकार से मांगी जानकारी◾दिल्ली में 24 घण्टे में संक्रमण के 3734 नए मामले आये सामने, 82 लोगों की मौत◾साढ़े सात घंटे तक चली किसानों और सरकार के बीच बैठक बेनतीजा, अब 5 दिसंबर को अगली वार्ता ◾गृह मंत्री बासवराज बोम्मई का ऐलान, कहा- लव जिहाद के खिलाफ कर्नाटक में भी लागू होगा कानून ◾किसान आंदोलन: आपस में उलझे CM अमरिंदर और केजरीवाल, कैप्टन को बताया 'मोदी भक्त' ◾नए कृषि कानूनों के विरोध में राज्यसभा सांसद सुखदेव ढींढसा ने भी लौटाया पद्मभूषण◾CM ममता की केंद्र को चेतावनी, 'कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो देशव्यापी विरोध प्रदर्शन होगा शुरू'◾मीटिंग के दौरान किसानों ने सरकार के लंच को ठुकराया, लंगर से मंगा कर जमीन पर बैठ कर किया भोजन ◾गुजरात में मास्क न पहनने वालों की कोविड सेंटर पर ड्यूटी लगाने के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ◾इंटरपोल की चेतावनी - अपराधी गिरोह कोविड-19 का नकली टीका बेच सकते हैं, रहें सावधान ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

राज्यसभा में सुषमा स्वराज को दी श्रद्धांजलि, नायडू को इस बार राखी नहीं बंधवा पाने का अफसोस

राज्यसभा में बुधवार को पूर्व विदेश मंत्री एवं उच्च सदन की पूर्व सदस्य सुषमा स्वराज के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और उनके योगदान का स्मरण किया गया। सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सुषमा उन्हें हर साल राखी बांधने आती थीं किंतु इस बार वह रक्षाबंधन पर नहीं आ पाएंगी जिसका उन्हें अफसोस है। बैठक शुरू होते ही सभापति नायडू ने सदन को स्वराज के निधन की जानकारी देते हुए कहा, "नियति ने उन्हें हमारे बीच से उठा लिया।"

उन्होंने कहा कि वह तीन बार- अप्रैल 1990 से अप्रैल 1996, फिर अप्रैल 2000 से अप्रैल 2006 तथा उसके बाद अप्रैल 2006 से मई 2009 तक राज्यसभा की सदस्य रहीं। साथ ही वह चार बार लोकसभा की भी सदस्य रहीं। उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज 1977 में हरियाणा विधानसभा की सदस्य चुनी गई थीं। बाद में वह केन्द्र में विदेश मंत्री, सूचना प्रसारण मंत्री और स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री भी रहीं। चार दशक के लंबे बेदाग राजनीतिक करियर के बाद उन्होंने स्वयं को राजनीतिक जीवन से अलग कर लिया जिसकी सभी वर्गों ने सराहना की थी। 

नायडू ने कहा कि विदेश मंत्री के रूप में सुषमा ने विश्व के विभिन्न हिस्सों में संकट में फंसे भारतीयों को निकालने में सराहनीय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि वह 25 वर्ष की उम्र में हरियाणा सरकार की पहली महिला कैबिनेट मंत्री बनीं। वह लोकसभा में पहली महिला नेता प्रतिपक्ष बनीं। सुषमा पहली महिला थीं जिन्हें असाधारण सांसद का खिताब मिला। वह 1998 में दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। वह नरेन्द्र मोदी सरकार में पहली बार देश की पूर्णकालिक महिला विदेश मंत्री बनीं।

सुषमा के निधन पर बोले आडवाणी- कभी नहीं भूलती थी बर्थडे पर केक लाना, बताया सबसे करीबी सहयोगी

नायडू ने कहा कि उनका अंतिम सार्वजनिक संदेश था, "मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी।" इस संदेश से देश की एकता और संविधान के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता के बारे में पता चलता है। दिवंगत नेता का यह संदेश जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराएं समाप्त करने संबंधी संकल्प के संसद में पारित होने के संदर्भ में था। बता दें कि सुषमा का जन्म अंबाला में हुआ था। वह हिन्दी एवं अंग्रेजी की असाधारण वक्ता थीं जो श्रोताओं पर गहरा प्रभाव छोड़ती थीं। 

नायडू ने कहा कि वह "मेरी छोटी बहन" के समान थीं और उन्हें सदैव "अन्ना" कहकर बुलाती थीं। वह हर रक्षाबंधन पर उन्हें राखी बांधती थीं। नायडू ने कहा कि उपराष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने कहा था कि "इस बार आप मेरे घर पर राखी बंधवाने नहीं आइयेगा, क्योंकि यह उपयुक्त नहीं होगा। मैं आपके घर राखी बांधने आऊंगी।" 

नायडू ने कहा कि वह इस वर्ष रक्षाबंधन पर उनकी कमी बहुत महसूस करेंगे। सभापति ने कहा कि विभिन्न भूमिकाओं में उल्लेखनीय योगदान के कारण सुषमा स्वराज हमारे लिए हमेशा प्रेरणा की स्रोत रहेंगी। इसके बाद सदस्यों ने सुषमा स्वराज के सम्मान में कुछ क्षणों का मौन रखा।