जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को भारत-पाकिस्तान वार्ता की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने साथ ही कहा कि टीवी चैनलों द्वारा उनकी इस अपील को ‘राष्ट्र विरोधी’ करार दिया जाएगा। महबूबा ने ट्वीट किया, ‘अगर हम (राज्य में) रक्तपात बंद करना चाहते हैं तो पाकिस्तान के साथ वार्ता जरूरी है।’

उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि आज रात समाचार प्रस्तोताओं द्वारा मुझे राष्ट्र विरोधी बताया जाएगा लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जम्मू एवं कश्मीर के लोग खामियाजा भुगत रहे हैं। हमें बात करनी चाहिए क्योंकि युद्ध कोई विकल्प नहीं है।’ मुख्यमंत्री की यह अपील राज्य में आतंकवादी गतिविधियों के बढ़ने के साथ ही भारतीय और पाकिस्तानी सेनाओं के बीच सीमा पर लगातार जारी संघर्ष के बीच आई है।

वहीं मुफ्ती के बयान से उलट जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि जितना आतंकवाद बढ़ेगा, उतनी मुसीबत आएगी और पाकिस्तान में ज्यादा मुसीबत आएगी। वहां कुछ भी नहीं आएगा। अब्दुल्ला ने कहा कि अगर यही सूरत रही तो हिंदुस्तान की हुकुमत को भी सोचना पड़ेगा कि अगला कदम क्या होगा।

बता दें कि शनिवार सुबह जम्मू के सुंजवां में हमले के बाद, रविवार को शोपियां में सेना के कैंप पर फायरिंग की गई और सोमवार को श्रीनगर के सीआरपीएफ मुख्यालय पर हमला हुआ। शनिवार को सुंजवां आर्मी कैंप पर हमले में 5 जवान शहीद हुए थे, वहीं सोमवार को श्रीनगर में एक जवान शहीद हुआ है। अभी भी एनकाउंटर जारी है।

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