लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर और पाकिस्तानी नागरिक अबू इस्माइल का पता लगाने के लिए सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू किया है। इसे अमरनाथ श्रद्धालुओं पर हुए आतंकवादी हमले का षडयंत्रकर्ता माना जा रहा है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस्माइल का पता लगाने के लिए खासकर के दक्षिणी कश्मीर में सक्रिय अभियान चलाया जा रहा है। इस हमले की जांच के दौरान जो बातचीत पकड़ी गई थी, उसके अनुसार इस्माइल इस हमले में शामिल था।

कश्मीर के अनंतनाग जिले में सोमवार की शाम एक बस पर हुए आतंकी हमले में 6 महिलाओं सहित 7 अमरनाथ श्रद्धालुओं की हत्या हो गई और 19 श्रद्धालुओं को घायल हो गए। अधिकारी का कहना है कि अनंतनाग में हुआ यह हमला सुरक्षा बलों द्वारा इस महीने की शुरुआत में मुठभेड़ में मारे गए बसीर लश्करी सहित अन्य आतंकवादियों की मौत का बदला प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, आतंकवाद को खत्म करने के लिए पिछले कुछ महीनों से चलाए जा रहे अभियान से लगातार हुए नुकसान से आतंकवादी बौखलाए हुए हैं, इसलिए अब उन्होंने असैन्य नागरिकों और पर्यटकों पर हमला किया है।”

अधिकारी के मुताबिक इस्माइल कई वर्षों से कश्मीर में सक्रिय है और करीब एक साल पहले दक्षिण कश्मीर को उसने अपना ठिकाना बनाया। पुलिस द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के हिंदू आतंकवादी की गिरफ्तारी की घोषणा वाले दिन ही अनंतनाग में श्रद्धालुओं पर हमला हुआ। आतंकवादी उतर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। वहीं लश्कर ने ना सिर्फ इस हमले से खुद को अलग किया बल्कि उसने अमरनाथ श्रद्धालुओं पर हुए हमले की निंदा भी की है। लश्कर-ए-तैयबा के प्रवक्ता अब्दुल्ला गजनवी ने श्रद्धालुओं पर हमले की निंदा करते हुए इसे इस्लामिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। गजनवी ने कहा, श्रद्धालुओं पर हमला एक निंदनीय कृत्य है। इस्लाम किसी भी धर्म के खिलाफ हिंसा की अनुमति नहीं देता “