विस्थापित कश्मीरी पंडित समुदाय के कई युवकों ने कुछ महीने पहले प्रधानमंत्री के विशेष रोजगार पैकेज के तहत चयनित प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी करने में ‘विलंब’ के खिलाफ यहां राजभवन के बाहर शनिवार को प्रदर्शन किया।

बैनर और हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारी राजभवन के बाहर एकत्र हुये और जम्मू कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) द्वारा प्रधानमंत्री के विशेष रोजगार पैकेज के तहत चयनित प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी करने में राज्यपाल सत्यपाल मलिक के हस्तक्षेप की मांग को लेकर धरना पर बैठ गये।

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प्रदर्शनकारियों ने ‘हमें न्याय चाहिए’ और ‘हमारा भविष्य बचाइये’ जैसे नारे लगाये। प्रदर्शनकारी विजय कौल बदगामी ने दावा किया, ‘‘सूची जारी करने में देरी 1100 से अधिक उम्मीदवारों के साथ घोर अन्याय के बराबर है जिन्होंने अप्रैल में परीक्षा पास की और जुलाई में सभी औपचारिकताएं पूरी की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम देरी का कारण जानने के लिए पिछले दो महीने से दर-दर भटक रहे हैं लेकिन विफल रहे। इसके कारण हम राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग को लेकर उनके आवास के बाहर धरना पर बैठने को विवश हुये।’’

पिछले साल नवंबर में कश्मीरी प्रवासियों के लिए प्रधानमंत्री के विशेष रोजगार पैकेज के तहत एसएसबी ने 1600 से अधिक पदों के लिए विज्ञापन दिया था।