देश में मौजूद ‘‘डर और घृणा’’ के माहौल पर चिंता प्रकट करते हुए जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि कोई एक धर्म दूसरे से बड़ा नहीं है।
यहां एक कार्यक्रम में बोलते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि लोगों को ऐसा देश बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए जहां सब धर्मों का समान आदर हो।
‘मानवता, शक्ति और अध्यात्मिकता का विश्व संगम’ के 11 वें संस्करण में अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘कोई भी धर्म दूसरे से बड़ा नहीं है। जब मैं आपकी आंखों में झांकता हूं, मैं अपने ईश्वर को देखता हूं, जब आप मेरी आंखों में झांकते हैं, आप अपने ईश्वर को देखते हैं। इसलिए कोई भेद नहीं है। सृष्टिकर्ता एक हैं।’’
फारूक का कश्मीर में जल्द चुनाव पर जोर
नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने लोगों से दूसरे समुदाय के लोगों को समझने और उनका आदर करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा, ‘‘क्या हम ऐसा भारत बना पाए जहां हम खुशहाली से साथ रह सकते हैं? नहीं। हमने ऐसे भारत का निर्माण किया जहां डर और नफरत है। एक दूसरे से लगाव रखिए और एक दूसरे का दर्द समझिए।’’
उन्होंने कहा कि अस्पताल में खून चढ़ाने के दौरान धर्म को कोई नहीं देखता। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सबकी रगों में एक ही खून बहता है।


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