जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकी मनन वानी एक बार फिर सेना के हाथों से बच निकला है। उत्तरी कश्मीर के सोपोर इलाके में सेना ने अपना सर्च अभियान खत्म कर दिया है। सर्च ऑपरेशन के दौरान मनन वानी और अन्य आतंकियों की थाह नहीं लग पाई। सुरक्षा बलों का मानना है कि ये आतंकी इलाके में भागने में कामयाब रहे हैं।

बारामूला से लश्कर के दो आतंकी गिरफ्तार

बता दें कि शनिवार को सुरक्षा बलों ने उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले से लश्कर-ए-तैयबा के पाक-प्रशिक्षित दो आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक ये आतंकी हथियार चलाने का प्रशिक्षण लेने और घाटी में आतंकी गतिविधियां संचालित करने के लिये पाकिस्तान के वैध वीजा पर वहां गये थे। उन्हें पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि आतंकियों ने केवल इसी उद्देश्य के लिये पासपोर्ट बनवाया था। प्रवक्ता ने कहा, ‘लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को वाघा सीमा के रास्ते लौटने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया।’ उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किये गये आतंकियों की पहचान करीरी के रहने वाले अब्दुल मजीद भट और पाटन के मोहम्मद अशरफ मीर के तौर पर हुई है।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आतंकियों ने खुलासा किया है कि ‘उन्होंने पाकिस्तान में पाकिस्तानी लड़कों के साथ प्रशिक्षण हासिल किया। उनमें से ज्यादातर युवक बलूचिस्तान के रहने वाले थे और इसमें दस साल की उम्र तक के लड़के शामिल थे।’ उन्होंने बताया कि आतंकियो को प्रशिक्षित करने वाले कैंप इस्लामाबाद में बर्मा शहर के करीब स्थित हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार किये गये आतंकियों को नयी दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग ने पाकिस्तान का वीजा दिया था। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में एक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। उन्होंने साथ ही कहा, ‘लोगों से अपील की जाती है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और अगर वे लंबे समय तक घर से गायब रहते हैं तो पुलिस को इसकी सूचना दी जाए ताकि इन लड़कों की जिंदगी बचायी जा सके।’

 

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