भारी बर्फबारी और भू-स्खलन की वजह से एक दिन पहले बंद किये गए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को रविवार को एक तरफ से यातायात के लिये खोल दिया गया और जवाहर सुरंग इलाके में फंसे करीब 700 यात्रियों को रातोंरात बचाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि सभी मौसमों के लिये कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली इस सड़क को नौ घंटे तक सफाई अभियान चलाने के बाद श्रीनगर से जम्मू आने वाले यातायात के लिये खोला गया।

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रामबन की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनीता शर्मा ने बताया कि रविवार सुबह करीब पांच बजे जवाहर सुरंग, काजीगुंड और बनिहाल-रामबन खंड पर अभियान शुरू किया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘कर्मचारियों को एक तरफ का रास्ता खोलने में करीब नौ घंटे का वक्त लग गया।’’

पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि रातोंरात चलाए गए एक अभियान के तहत जवाहर सुरंग के दोनों तरफ से करीब 700 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।

एसएसपी ने बताया कि वे जम्मू जाने वाले यात्री थे और उन्हें सुरंग के कश्मीर की तरफ वाले हिस्से और वेरीनाग जिंग इलाके से बचाया गया जहां एक फीट से ज्यादा बर्फ जमा हो गई थी।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘रात भर चले अभियान में पुलिस ने जवाहर सुरंग इलाके से 700 फंसे हुए लोगों को निकाला। सुरंग की दोनों तरफ फंसे लोगों को निकाला गया।’’ उन्होंने कहा कि पर्यटकों समेत वहां से निकाले गए लोगों को बनिहाल के नौगाम और गुंड इलाके के आश्रय स्थलों, धार्मिक स्थानों और सरायों में ठहराया गया है।

प्रवक्ता ने कहा कि इसके अलावा राजमार्ग के दूसरे हिस्सों में फंसे 1000 और नागरिकों को भी पुलिस और नागरिक प्रशासन द्वारा बनिहाल में खाना और आश्रय उपलब्ध कराया गया।

एसएसपी ने कहा कि जवाहर सुरंग इलाके में फंसे यात्रियों को निकालकर शनिवार रात बनिहाल लाया गया जहां से उन्हें रविवार को आगे की यात्रा पर जाने की इजाजत दे दी गई। शर्मा ने कहा कि राजमार्ग के कुछ इलाकों में बर्फ हटाने का काम अब भी जारी है।

पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि दो ट्रक चालकों समेत 28 और यात्रियों को श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग के द्रास और गांदेरबल इलाके से बचा कर सुरक्षित जगह पहुंचाया गया।